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प्रदूषण के चलते हो रहा भारी नुकसान
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Sat, 29 Apr 2017 10:43 PM IST
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नाले का गंदा पानी
- फोटो : अमर उजाला
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शहर से सटी बलरामपुर चीनी मिल तथा उसके सहयोगी प्रतिष्ठान डिस्टलरी व पावर प्लांट आसपास की आबादी, जीव-जंतुओं व फसलों के लिए अभिशाप साबित हो रहे हैं। मिलों से पानी, राख व धुएं के रुप में निकलने वाला प्रदूषण लोगों तथा वनस्पतियों को व्यापक नुकसान पहुंचा रहा है।
प्रदूषण के चलते नगर से बहने वाली सुअम्बु नदी अब सुआंव नाला बन चुकी है। नाले का पानी काला हो गया है तथा इसमें रहने वाले जीव-जंतु समाप्त हो चुके है। नाले का पानी जिन खेतों में भर जाता है वहां की फसल नष्ट हो जाती है। राख व धुएं के चलते लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे है। चीनी मिल का प्रदूषण जीव-जंतुओं के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है।
प्रदूषण के चलते ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने चीनी मिल के ऊपर पांच लाख का जुर्माना किया है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने चीनी मिल से हो रही परेशानी के मद्देनजर आसपास के लोगों से बातचीत की तो खौफनाक हालात सामने आए।
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रेहरवा के भगवती ने कहा कि -चीनी मिल तथा पावर प्लांट व डिस्टलरी से उड़ने वाली राख व रसायन के चलते आंखों में भारी दिक्कत होती है। घर की दीवारों तथा छतों पर कार्बन जम जाता है। दुर्गंध के चलते जीना मुहाल हो गया है। सूखने के लिए कपड़े फैलाने पर वह काले हो जाते है।
कलवारी निवासी शिवानंद मिश्र ने कहा कि चीनी मिल तथा उसके सहयोगी कारखानों से उड़ने वाली राख से फसलों को भारी नुकसान होता है। केमिकल के प्रभाव से फसलों का विकास नहीं होता तथा उत्पादन घट जाता है। लोगों तथा जानवरों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। चीनी मिल का प्रदूषण कम करने का सारा दावा महज कागजी है।
-इंद्रराज ने कहा कि बलरामपुर चीनी मिल आसपास के गांव वालों को प्रदूषण के चलते बीमार कर रही है। लोग आंख, सांस व त्वचा संबंधी विकारों के शिकार हो रहे हैं। आसपास के इलाकों में हर समय दुर्गंध फैली रहती है। खेतों में लगी फसल भी प्रदूषण के चलते प्रभावित हो रही है।
प्रदूषण के कुप्रभाव
-केमिकलयुक्त पानी व हवा से निम्न बीमारियों को होता है खतरा
1.लिवर व पेट संबंधी बीमारियां
2.सांस संबंधी बीमारियां
3.त्वचा संबंधी बीमारियां
4.आंख संबंधी बीमारियां
5.खून संबंधी बीमारियां
6.दांत व हड्डियों की दिक्कत
7.फेफड़ों से संबंधी बीमारियां
-डा. तारिक अफजल सिद्दीकी, वरिष्ठ सर्जन व परामर्शदाता
अधिशाषी अध्यक्ष बलरामपुर चीनी मिल एनके खेतान ने कहा कि चीनी मिल तथा अन्य सहयोगी कारखानों पावर प्लांट व डिस्टलरी में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानक के अनुसार प्रदूषण दूर करने वाले संयंत्र संचालित है। पुराने मामले में एनजीटी ने यह जुर्माना किया है। एनजीटी के आदेश का अक्षरश: अनुपालन किया जाएगा।
डीएम बलरामपुर राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि बलरामपुर चीनी मिल पर प्रदूषण के लिए एनजीटी ने जुर्माना लगाया है इसकी सूचना मिली है। मिल पावर प्लांट तथा डिस्टलरी से होने वाले प्रदूषण की सक्षम अधिकारी व संस्था से जांच करा कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदूषण के चलते नगर से बहने वाली सुअम्बु नदी अब सुआंव नाला बन चुकी है। नाले का पानी काला हो गया है तथा इसमें रहने वाले जीव-जंतु समाप्त हो चुके है। नाले का पानी जिन खेतों में भर जाता है वहां की फसल नष्ट हो जाती है। राख व धुएं के चलते लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे है। चीनी मिल का प्रदूषण जीव-जंतुओं के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है।
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प्रदूषण के चलते ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने चीनी मिल के ऊपर पांच लाख का जुर्माना किया है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने चीनी मिल से हो रही परेशानी के मद्देनजर आसपास के लोगों से बातचीत की तो खौफनाक हालात सामने आए।
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रेहरवा के भगवती ने कहा कि -चीनी मिल तथा पावर प्लांट व डिस्टलरी से उड़ने वाली राख व रसायन के चलते आंखों में भारी दिक्कत होती है। घर की दीवारों तथा छतों पर कार्बन जम जाता है। दुर्गंध के चलते जीना मुहाल हो गया है। सूखने के लिए कपड़े फैलाने पर वह काले हो जाते है।
कलवारी निवासी शिवानंद मिश्र ने कहा कि चीनी मिल तथा उसके सहयोगी कारखानों से उड़ने वाली राख से फसलों को भारी नुकसान होता है। केमिकल के प्रभाव से फसलों का विकास नहीं होता तथा उत्पादन घट जाता है। लोगों तथा जानवरों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। चीनी मिल का प्रदूषण कम करने का सारा दावा महज कागजी है।
-इंद्रराज ने कहा कि बलरामपुर चीनी मिल आसपास के गांव वालों को प्रदूषण के चलते बीमार कर रही है। लोग आंख, सांस व त्वचा संबंधी विकारों के शिकार हो रहे हैं। आसपास के इलाकों में हर समय दुर्गंध फैली रहती है। खेतों में लगी फसल भी प्रदूषण के चलते प्रभावित हो रही है।
प्रदूषण के कुप्रभाव
-केमिकलयुक्त पानी व हवा से निम्न बीमारियों को होता है खतरा
1.लिवर व पेट संबंधी बीमारियां
2.सांस संबंधी बीमारियां
3.त्वचा संबंधी बीमारियां
4.आंख संबंधी बीमारियां
5.खून संबंधी बीमारियां
6.दांत व हड्डियों की दिक्कत
7.फेफड़ों से संबंधी बीमारियां
-डा. तारिक अफजल सिद्दीकी, वरिष्ठ सर्जन व परामर्शदाता
अधिशाषी अध्यक्ष बलरामपुर चीनी मिल एनके खेतान ने कहा कि चीनी मिल तथा अन्य सहयोगी कारखानों पावर प्लांट व डिस्टलरी में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानक के अनुसार प्रदूषण दूर करने वाले संयंत्र संचालित है। पुराने मामले में एनजीटी ने यह जुर्माना किया है। एनजीटी के आदेश का अक्षरश: अनुपालन किया जाएगा।
डीएम बलरामपुर राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि बलरामपुर चीनी मिल पर प्रदूषण के लिए एनजीटी ने जुर्माना लगाया है इसकी सूचना मिली है। मिल पावर प्लांट तथा डिस्टलरी से होने वाले प्रदूषण की सक्षम अधिकारी व संस्था से जांच करा कार्रवाई की जाएगी।