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मातृ-शिशु मृत्युदर रोकने में स्वास्थ्य विभाग फिसड्डी

Sun, 10 Jul 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Sun, 10 Jul 2016 11:39 PM IST
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health department booby to prevent maternal-infant mortality
health benefits of sex - फोटो : health benefits of sex
 दिन-प्रतिदिन बढ़ रही जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान, कार्यक्रम व योजनाओं का असर भले ही अन्य जिलों व प्रदेशों में हुआ हो, लेकिन देवीपाटन मंडल की स्थिति बेहद खराब है। यूपी में प्रजनन दर यदि 2.99 है तो देवीपाटन मंडल में यह दर पांच है जो भयावह स्थिति की ओर संकेत है।
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मातृ-शिशु मृत्यु दर में भी मामूली कमी आई, जो न के बराबर है। ऐसे में देवीपाटन मंडल में संचालित कार्यक्रम, योजनाएं व अभियान कोई मायने नहीं रखते हैं। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में आज भी एक लाख महिलाओं के प्रसव के समय 366 महिलाओं की मौत हो जाती है, जबकि एक हजार शिशुओं के जन्म के समय 71 बच्चों की मौत हो जाती है। इसका कारण असुरक्षित प्रसव है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत जननी सुरक्षा योजना के संचालन के बावजूद मंडल में आज भी 40 प्रतिशत महिलाओं का असुरक्षित प्रसव होता है। सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने में स्वास्थ्य विभाग व पूरा अमला विफल रहा है। 2005 में मातृ मृत्यु दर एक लाख पर 410 थी जो 11 साल बाद घट कर 366 पर पहुंची है। 
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उधर, विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाएगा। जनसंख्या स्थिरता के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा इस वर्ष ‘जिम्मेदारी निभाओ, प्लान बनाओ’ थीम निर्धारित किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य जनसाधारण को सीमित परिवार के बारे में जागरूक बनाने के साथ-साथ परिवार कल्याण कार्यक्रम को गति प्रदान करना भी है। 

देवीपाटन मंडल के चारों जिलों के आंकड़े
मातृ मृत्युदर-एक लाख पर 366
शिशु मृत्युदर-एक हजार पर 71
प्रजनन दर-05 (एक महिला द्वारा अपने पूरे प्रजनन काल में औसतन पैदा होने वाले बच्चे)

देवीपाटन मंडल में नसबंदी की स्थिति
जिला        लक्ष्य        नसबंदी
गोंडा        16165    124
बहराइच    14000    134
बलरामपुर    9000         21
श्रावस्ती    7000        00


जनसंख्या रोकने की चुनौतियां
-संस्थागत प्रसव को बढ़ाना
- डॉक्टरों (सर्जन) की कमी को पूरा करना
- नसबंदी कार्यक्रम को तरजीह न देना
- 2017 तक प्रजनन दर 2.1 पर लाना
- सभी उपकेंद्रों पर सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना
- कम उम्र में गर्भधारण करने से रोकना

 
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