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पंचायतों के छह हजार पदों पर होगा महिलाओं का दबदबा
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गोंडा। पंचायतों के नए आरक्षण से महिलाओं के लिए संभावनाओं के नए दरवाजे खुल गए हैं। जिले में प्रधान के 519 पदों के साथ ही पंचायतों के सभी पदों में छह हजार पदों पर महिलाओं का दबदबा रहेगा। इसके अलावा छह ब्लॉक प्रमुख और 32 जिला पंचायत सदस्य भी महिलाओं का चुना जाना तय है। चुनाव में 20 हजार से अधिक महिलाओं के दावेदारी करने की संभावना है।
पंचायतों के आरक्षण तय होने के बाद महिलाओं के लिए बड़े अवसर तय हो गए हैं। प्रधान पदों पर 519 पदों पर महिलाओं की दावेदारी पक्की है। इसके अलावा अनारक्षित पदों पर भी बड़ी संख्या में महिलाएं दावा ठोंक सकती हैं। इस तरह जिले में महिला प्रधानों की संख्या इस बार 600 से अधिक हो सकती है।
इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 1612 पदों में 552 पदों पर महिला प्रतिनिधियों का निवार्चन तय है। इसके अलावा 16 ब्लॉक प्रमुख में से छह पदों पर महिलाओं की ताजपोशी ही होगी। यही नहीं जिला पंचायत सदस्यों के 65 क्षेत्रों में 32 पदों पर महिलाओं का चुना जाना पक्का है।
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आरक्षण के बाद जो तस्वीर सामने आई है उससे पंचायत के अहम पदों पर महिलाओं का दबदबा इस बार बढ़ेगा। इसी तरह पंचायतों में 15410 सदस्यों पदों 4700 से अधिक पदों पर महिलाओं का ही चुनाव होगा। इस तरह पूरे जिले में पंचायत के 18 हजार 241 पदों में छह हजार के करीब पंचायतों के पदों पर महिलाओं का दबदबा दिखेगा।
जिले की 1214 पंचायतों में 519 को हैं। जिसमें सामान्य महिलाओं के लिए 226 सीटें तय हैं। इन सीटों पर किसी भी वर्ग की महिलाएं चुनाव लड़ सकेंगी। इसके साथ ही 71 पंचायतों को अनुसूचित वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किया है। जहां सिर्फ इसी वर्ग की महिलाएं मैदान में उतर सकती हैं, इसके साथ ही 127 पंचायतें अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
इन सीटों पर सिर्फ पुरुष ही नही अनुसूचित वर्ग की महिलाएं भी चुनाव लड़ सकती हैं। इसी तरह 112 पंचायतों को अन्य पिछडा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। साथ ही 209 पंचायतों को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जहां पिछडे़ वर्ग की महिलाएं भी दावा ठोंक सकती हैं।
जबकि महिलाओं के तय किए सीटों पर पुरुष चुनाव नही लड़ सकते हैं। इसी तरह सामान्य महिलाओं के लिए 226 पंचायतों को आरक्षित है। इस सीट पर सभी वर्ग की महिलाएं चुनाव लड़ पाएंगी। इसी तरह महिलाओं के लिए सबसे बड़ा अवसर सामान्य वर्ग के लिए तय किए जाने वाले 469 पंचायतों पर भी है।
इन सीटों को सामान्य किया जाएगा और यहां पर सिर्फ पुरुषों का अधिकार नही होगा। महिलाएं भी इन सीटों पर चुनाव लड़ सकेंगी। सबसे अहम बात तो यह है कि इन सीटों पर किसी भी वर्ग की महिला चुनाव लड़ सकेगी। इस तरह महिलाओं के लिए पंचायत चुनाव में बड़ा अवसर है और इसके लिए वह आगे भी आ रही हैँ।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदाता सूची को अंतिम रूप दे दिया है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 16 हजार नए मतदाता बढ़ गए हैं। अभी तक 1214 पंचायतों में अभी तक 26 लाख 53 हजार 357 मतदाता थे और नए 16 हजार मतदाताओं के बढ़ गए हैं।
अब मतदाता सूची में 26 लाख 69 हजार 315 मतदाता हो गए हैं। पंचायत चुनाव में नए मतदाता प्रत्याशियों के फैसला सुनाएंगे। फिलहाल अभी संक्षिप्त पुनरीक्षण जारी रहेगा।
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पंचायतों के आरक्षण तय होने के बाद महिलाओं के लिए बड़े अवसर तय हो गए हैं। प्रधान पदों पर 519 पदों पर महिलाओं की दावेदारी पक्की है। इसके अलावा अनारक्षित पदों पर भी बड़ी संख्या में महिलाएं दावा ठोंक सकती हैं। इस तरह जिले में महिला प्रधानों की संख्या इस बार 600 से अधिक हो सकती है।
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इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 1612 पदों में 552 पदों पर महिला प्रतिनिधियों का निवार्चन तय है। इसके अलावा 16 ब्लॉक प्रमुख में से छह पदों पर महिलाओं की ताजपोशी ही होगी। यही नहीं जिला पंचायत सदस्यों के 65 क्षेत्रों में 32 पदों पर महिलाओं का चुना जाना पक्का है।
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आरक्षण के बाद जो तस्वीर सामने आई है उससे पंचायत के अहम पदों पर महिलाओं का दबदबा इस बार बढ़ेगा। इसी तरह पंचायतों में 15410 सदस्यों पदों 4700 से अधिक पदों पर महिलाओं का ही चुनाव होगा। इस तरह पूरे जिले में पंचायत के 18 हजार 241 पदों में छह हजार के करीब पंचायतों के पदों पर महिलाओं का दबदबा दिखेगा।
जिले की 1214 पंचायतों में 519 को हैं। जिसमें सामान्य महिलाओं के लिए 226 सीटें तय हैं। इन सीटों पर किसी भी वर्ग की महिलाएं चुनाव लड़ सकेंगी। इसके साथ ही 71 पंचायतों को अनुसूचित वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किया है। जहां सिर्फ इसी वर्ग की महिलाएं मैदान में उतर सकती हैं, इसके साथ ही 127 पंचायतें अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
इन सीटों पर सिर्फ पुरुष ही नही अनुसूचित वर्ग की महिलाएं भी चुनाव लड़ सकती हैं। इसी तरह 112 पंचायतों को अन्य पिछडा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। साथ ही 209 पंचायतों को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जहां पिछडे़ वर्ग की महिलाएं भी दावा ठोंक सकती हैं।
जबकि महिलाओं के तय किए सीटों पर पुरुष चुनाव नही लड़ सकते हैं। इसी तरह सामान्य महिलाओं के लिए 226 पंचायतों को आरक्षित है। इस सीट पर सभी वर्ग की महिलाएं चुनाव लड़ पाएंगी। इसी तरह महिलाओं के लिए सबसे बड़ा अवसर सामान्य वर्ग के लिए तय किए जाने वाले 469 पंचायतों पर भी है।
इन सीटों को सामान्य किया जाएगा और यहां पर सिर्फ पुरुषों का अधिकार नही होगा। महिलाएं भी इन सीटों पर चुनाव लड़ सकेंगी। सबसे अहम बात तो यह है कि इन सीटों पर किसी भी वर्ग की महिला चुनाव लड़ सकेगी। इस तरह महिलाओं के लिए पंचायत चुनाव में बड़ा अवसर है और इसके लिए वह आगे भी आ रही हैँ।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदाता सूची को अंतिम रूप दे दिया है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 16 हजार नए मतदाता बढ़ गए हैं। अभी तक 1214 पंचायतों में अभी तक 26 लाख 53 हजार 357 मतदाता थे और नए 16 हजार मतदाताओं के बढ़ गए हैं।
अब मतदाता सूची में 26 लाख 69 हजार 315 मतदाता हो गए हैं। पंचायत चुनाव में नए मतदाता प्रत्याशियों के फैसला सुनाएंगे। फिलहाल अभी संक्षिप्त पुनरीक्षण जारी रहेगा।