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Gonda News: बनना था निपुण, रह गए फिसड्डी
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गोंडा। जिले में कक्षा एक से तीन तक पढ़ाई में 91 विद्यालय निपुण घोषित किए गए। जबकि रुपईडीह, करनैलगंज, पंड़रीकृृपाल और तरबगंज समेत बड़े पैमाने पर ब्लॉकों का खाता नहीं खुल सका है। वहीं बभनान ब्लॉक का निपुण मूल्यांकन परिणाम जिले में सबसे बेहतर है। बच्चों के निपुण स्तर का मूल्यांकन डीएलईडी प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराया गया।
जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) हरिगोविंद यादव ने बताया कि दिसंबर 2023 तक निपुण लक्ष्य निर्धारित किए गए। पहले चरण में कुल 1449 विद्यालयों को शामिल किया गया।
जिले में तैनात 73 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को 10-10 विद्यालयों की जिम्मेदारी दी। कुल मिलाकर 1449 विद्यालयों में महज 91 विद्यालय निपुण हो सकें हैं। जारी परिणाम में बभनजोत ब्लॉक जिले में सबसे अव्वल है। जबकि करनैलगंज, पंड़री कृपाल समेत ब्लॉकों का खाता तक नहीं खुल सका है।
यहां एक भी विद्यालय निपुण नहीं हो सका है। जिला समन्वयक ने बताया कि निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले एआरपी, शिक्षक संकुल और विद्यालय के अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा।
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महज छह प्रतिशत विद्यालय हो सके निपुण
रुपईडीह, करनैलगंज, पंड़रीकृपाल, तरबगंज समेत ब्लॉकों का खाता तक नहीं खुला है। कुल मिलाकर छह प्रतिशत विद्यालय ही निपुण लक्ष्य हासिल कर सकें हैं। यही नहीं बड़ी संख्या में विद्यालय लक्ष्य हासिल नहीं कर सकें हैं। बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि निपुण लक्ष्य के लिए जरूरी रणनीति तैयार की जा रही है।
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जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) हरिगोविंद यादव ने बताया कि दिसंबर 2023 तक निपुण लक्ष्य निर्धारित किए गए। पहले चरण में कुल 1449 विद्यालयों को शामिल किया गया।
जिले में तैनात 73 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को 10-10 विद्यालयों की जिम्मेदारी दी। कुल मिलाकर 1449 विद्यालयों में महज 91 विद्यालय निपुण हो सकें हैं। जारी परिणाम में बभनजोत ब्लॉक जिले में सबसे अव्वल है। जबकि करनैलगंज, पंड़री कृपाल समेत ब्लॉकों का खाता तक नहीं खुल सका है।
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यहां एक भी विद्यालय निपुण नहीं हो सका है। जिला समन्वयक ने बताया कि निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले एआरपी, शिक्षक संकुल और विद्यालय के अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा।
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महज छह प्रतिशत विद्यालय हो सके निपुण
रुपईडीह, करनैलगंज, पंड़रीकृपाल, तरबगंज समेत ब्लॉकों का खाता तक नहीं खुला है। कुल मिलाकर छह प्रतिशत विद्यालय ही निपुण लक्ष्य हासिल कर सकें हैं। यही नहीं बड़ी संख्या में विद्यालय लक्ष्य हासिल नहीं कर सकें हैं। बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि निपुण लक्ष्य के लिए जरूरी रणनीति तैयार की जा रही है।