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खुशखबरी : चमकेगा परासर मुनि आश्रम, पर्यटन स्थल बनेगा परास गांव
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गोंडा में तरबगंज के परास पट्टी मझवार में स्थित पराशर ऋषि आश्रम।
- फोटो : GONDA
गोंडा। अयोध्या विकास प्राधिकरण में जिले की नवाबगंज नगर पालिका के साथ 62 गांवों को शामिल किए जाने के बाद पौराणिक स्थलों के विकास की सौगात भी जिले को मिली है। तरबगंज के परासर मुनि आश्रम के विकास के लिए परास पट्टी मझवार गांव का पर्यटन की तर्ज पर विकास होगा। तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पांडे के प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग ने एक करोड़ 29 लाख 39 हजार रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। परासर मुनि के आश्रम पर पर्यटक सुविधाओं के विकास कार्य होंगे ही आश्रम का जीर्णोद्धार प्राथमिकता से होगी। अभी तक परासर मुनि के आश्रम स्थल के विकास के लिए कभी गंभीर प्रयास नही हुए और एक बाग में छोटी सी मंदिर तक ही स्थल सीमित था। अब परासर मुनि आश्रम के स्थल को भव्यता मिलेगी।
अयोध्या में भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के साथ सरयू तट के तीरे पर बसे तरबगंज क्षेत्र पर प्रदेश की योगी सरकार मेहरबान है। परास पट्टी मझवार गांव में सप्तऋर्षियों में एक महार्षि परासर मुनि का आश्रम है और इसका पौराणिक महत्व है। यहीं पर परासर मुनि ने राक्षस सत्र यज्ञ किया था और कई राक्षसों का नाश किया था। उनके पुत्र वेद व्यास हैं जो महाभारत महाकाव्य के रचयिता थे, उन्होंने भगवान गणेश जी से महाभारत का लेखन कराया था।
ऐसी पौराणिक स्थल परासर मुनि के आश्रम स्थल के गांव की उपेक्षा भी होती रही है। अब जाकर प्रदेश की योगी सरकार ने यहां के पौराणिक इतिहास को देखते हुए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। एक करोड़ 29 लाख 30 हजार रुपये की कार्य योजना को स्वीकृति देते हुए प्रथम किश्त के रुप में 64.69 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। विकास कार्य को लोक निर्माण विभाग यहां पर कराएगा। इसके साथ ही परास पट्टी मझवार गांव को अब आगे भी पर्यटन विकास के लिए बजट मिलने का रास्ता खुल गया है।
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रामायण सर्किट में भी शामिल हैं जिले के 80 गांव
केन्द्र सरकार की ओर से राम मंदिर के निर्माण के साथ ही रामायण सर्किट के विकास का खाका भी खींचा जा रहा है। इसकी घोषण पहले ही केन्द्र की ओर से हो चुकी है। अब विकास कार्य की शुरुआत होनी है। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ी करण व पर्यटन विकास के साथ ही आसपास के गावों के विकास की योजना है। इसमें जिले के 80 गांव शामिल हैं और जहां से परिक्रमार्थी गुजरते हैं।
जमदग्नि आश्रम के विकास की भी तैयारी
तरबगंज में परासर मुनि आश्रम के साथ ही अब जमदग्नि आश्रम स्थल के गांव जमथा के विकास की भी उम्मीद बढ़ गई है। यहां पर जमदग्नि आश्रम स्थित है और वहां के जीर्णोद्धार की मांग कई सालों से हो रही है। परासर मुनि के आश्रम स्थल के विकास के बाद अब जमथा गांव के विकास की उम्मीद भी बढ़ गई है। बताया जा रहा है यहां के विकास की योजना के लिए भी प्रस्ताव देखा गया है।
तरबगंज क्षेत्र के पौराणिक स्थलों के विकास की योजना के लिए सरकार को प्रस्ताव दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावों को गंभीरता से लिया है और विकास योजनाओं को स्वीकृति दे दी है। आगे भी योजनाएं मंजूर होंगी। -प्रेम नरायन पांडेय, विधायक तरबगंज
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अयोध्या में भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के साथ सरयू तट के तीरे पर बसे तरबगंज क्षेत्र पर प्रदेश की योगी सरकार मेहरबान है। परास पट्टी मझवार गांव में सप्तऋर्षियों में एक महार्षि परासर मुनि का आश्रम है और इसका पौराणिक महत्व है। यहीं पर परासर मुनि ने राक्षस सत्र यज्ञ किया था और कई राक्षसों का नाश किया था। उनके पुत्र वेद व्यास हैं जो महाभारत महाकाव्य के रचयिता थे, उन्होंने भगवान गणेश जी से महाभारत का लेखन कराया था।
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ऐसी पौराणिक स्थल परासर मुनि के आश्रम स्थल के गांव की उपेक्षा भी होती रही है। अब जाकर प्रदेश की योगी सरकार ने यहां के पौराणिक इतिहास को देखते हुए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। एक करोड़ 29 लाख 30 हजार रुपये की कार्य योजना को स्वीकृति देते हुए प्रथम किश्त के रुप में 64.69 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। विकास कार्य को लोक निर्माण विभाग यहां पर कराएगा। इसके साथ ही परास पट्टी मझवार गांव को अब आगे भी पर्यटन विकास के लिए बजट मिलने का रास्ता खुल गया है।
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रामायण सर्किट में भी शामिल हैं जिले के 80 गांव
केन्द्र सरकार की ओर से राम मंदिर के निर्माण के साथ ही रामायण सर्किट के विकास का खाका भी खींचा जा रहा है। इसकी घोषण पहले ही केन्द्र की ओर से हो चुकी है। अब विकास कार्य की शुरुआत होनी है। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ी करण व पर्यटन विकास के साथ ही आसपास के गावों के विकास की योजना है। इसमें जिले के 80 गांव शामिल हैं और जहां से परिक्रमार्थी गुजरते हैं।
जमदग्नि आश्रम के विकास की भी तैयारी
तरबगंज में परासर मुनि आश्रम के साथ ही अब जमदग्नि आश्रम स्थल के गांव जमथा के विकास की भी उम्मीद बढ़ गई है। यहां पर जमदग्नि आश्रम स्थित है और वहां के जीर्णोद्धार की मांग कई सालों से हो रही है। परासर मुनि के आश्रम स्थल के विकास के बाद अब जमथा गांव के विकास की उम्मीद भी बढ़ गई है। बताया जा रहा है यहां के विकास की योजना के लिए भी प्रस्ताव देखा गया है।
तरबगंज क्षेत्र के पौराणिक स्थलों के विकास की योजना के लिए सरकार को प्रस्ताव दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावों को गंभीरता से लिया है और विकास योजनाओं को स्वीकृति दे दी है। आगे भी योजनाएं मंजूर होंगी। -प्रेम नरायन पांडेय, विधायक तरबगंज