{"_id":"69d1515cfb6a323e260a59f9","slug":"gonda-on-alert-after-lucknow-conspiracy-gonda-news-c-100-1-slko1026-155569-2026-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: लखनऊ साजिश के बाद गोंडा में भी अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: लखनऊ साजिश के बाद गोंडा में भी अलर्ट
Sat, 04 Apr 2026 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:28 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। लखनऊ में धमाकों की साजिश रचने के आरोप में चार संदिग्धों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है। भले ही मामले का सीधा कनेक्शन अभी गोंडा से नहीं जुड़ा है, लेकिन पुराने रिकॉर्ड ने जिले को फिर से संवेदनशील बना दिया है। वैसे नेपाल बॉर्डर के कारण देवीपाटन मंडल में पहले भी आतंकियों का स्लीपर मोड्यूल सामने आ चुका है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कोई नया नेटवर्क है या पहले से सक्रिय स्लीपर मॉड्यूल फिर से सक्रिय हो रहा है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू पर नजर रखने की बात कह रही हैं। लखनऊ में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि संपर्क की शुरुआत सोशल मीडिया के जरिए हुई। इसके बाद संदिग्धों को एक ऐसे ग्रुप में जोड़ा गया, जहां लगातार भड़काऊ और उकसाने वाली सामग्री साझा की जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रेनों को टकराने या सिलिंडर से भरे ट्रक में आग लगाकर दहशत फैलाने जैसी साजिश रची जा रही थी, जिसे समय रहते सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पैटर्न नया नहीं है। पहले डिजिटल कनेक्ट, फिर ब्रेनवॉश और अंत में टारगेट आधारित प्लानिंग पहले भी हो चुकी है।
विज्ञापन
पुराने मामले बढ़ा रहे चिंता
-वर्ष 2023 में गोंडा जिले से जुड़े कई मामलों में एटीएस ने कार्रवाई की थी। करनपुर पठानपुरवा से जुड़े एक संदिग्ध को बंगलुरू से गिरफ्तार किया गया था। तरबगंज क्षेत्र से एक व्यक्ति को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। वजीरगंज इलाके से भी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इन सभी मामलों में एक समान बात सामने आई थी कि स्थानीय स्तर पर सामान्य दिखने वाले लोग, लेकिन बाहरी नेटवर्क से गहरे जुड़े हुए।
पुलिस पूरी तरह सतर्क
एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि जिले में सतर्कता बरती जा रही है। हर इनपुट पर नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कोई नया नेटवर्क है या पहले से सक्रिय स्लीपर मॉड्यूल फिर से सक्रिय हो रहा है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू पर नजर रखने की बात कह रही हैं। लखनऊ में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि संपर्क की शुरुआत सोशल मीडिया के जरिए हुई। इसके बाद संदिग्धों को एक ऐसे ग्रुप में जोड़ा गया, जहां लगातार भड़काऊ और उकसाने वाली सामग्री साझा की जाती थी।
विज्ञापन
जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रेनों को टकराने या सिलिंडर से भरे ट्रक में आग लगाकर दहशत फैलाने जैसी साजिश रची जा रही थी, जिसे समय रहते सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पैटर्न नया नहीं है। पहले डिजिटल कनेक्ट, फिर ब्रेनवॉश और अंत में टारगेट आधारित प्लानिंग पहले भी हो चुकी है।
विज्ञापन
पुराने मामले बढ़ा रहे चिंता
-वर्ष 2023 में गोंडा जिले से जुड़े कई मामलों में एटीएस ने कार्रवाई की थी। करनपुर पठानपुरवा से जुड़े एक संदिग्ध को बंगलुरू से गिरफ्तार किया गया था। तरबगंज क्षेत्र से एक व्यक्ति को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। वजीरगंज इलाके से भी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इन सभी मामलों में एक समान बात सामने आई थी कि स्थानीय स्तर पर सामान्य दिखने वाले लोग, लेकिन बाहरी नेटवर्क से गहरे जुड़े हुए।
पुलिस पूरी तरह सतर्क
एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि जिले में सतर्कता बरती जा रही है। हर इनपुट पर नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।