{"_id":"6345b6f013196016551861cc","slug":"gonda-katha-krishna-krishna-janmotsav-gonda-news-lko652422691","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की...
विज्ञापन
फोटो-17 गोंडा के महादेव लॉन में दीप प्रज्वलित कर भागवत कथा का शुभारंभ करते भाजपा विधायक। -संवाद
- फोटो : GONDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। धरती पर जब-जब धर्म की हानि होने लगती, अधर्म, अत्याचार और अन्याय बढ़ने लगता। तब भगवान करुणानिधान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर दुष्टों का संहार करते हैं। ये बातें दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित भागवत श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास साध्वी पद्महस्ता भारती ने कही।
नवीन गल्लामंडी स्थित महादेव लॉन में भागवत कथा के तीसरे दिन कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई। साध्वी भारती ने कहा कि जब कंस के आतंक व अत्याचार से चारो ओर हाहाकार मचा हुुआ था, साधु संतों व विद्वानों का जीना दूभर हो गया था। तब कंस के कारागार में निरुद्ध देवकी के कोख से भगवान श्रीहरि ने खुद जन्म लिया। आनंद कंद मुरली मनोहर के जन्म होते ही जेल के फाटक स्वत: खुल गए। पहरेदार भी गहरी नींद में से सो गई। कंस के आतंक से नवजात को बचाने के लिए वासुदेव ने आधी रात को मथुरा से गोकुल चले गए। जहां से योगमाया रूपी कन्या को लेकर वापस कारागार में चले आए।
भगवान कृष्ण के जन्म की मार्मिक कथा सुन भक्त भाव विभोर हो गए। छोटे-छोटे बच्चे बाल गोपाल के रुप में आकर्षक कपड़े पहनकर खूब खिल रहे थे। तीसरे दिन मंगलवार को भागवत कथा का शुभारंभ भाजपा विधायक बावन सिंह ने दीप प्रज्वलित कर दिया। भागवत कथा में मुख्य रूप मे एमएलके पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ओपी मिश्र, भाजपा नेता राज बाबू गुप्ता, रामकरन मिश्र, शारदाकांत पांडेय, स्वामी अर्जुनानंद, कमल महात्मा यशवीर, शशि जायसवाल, सरोज जायसवाल, मिथलेश सिंह आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवीन गल्लामंडी स्थित महादेव लॉन में भागवत कथा के तीसरे दिन कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई। साध्वी भारती ने कहा कि जब कंस के आतंक व अत्याचार से चारो ओर हाहाकार मचा हुुआ था, साधु संतों व विद्वानों का जीना दूभर हो गया था। तब कंस के कारागार में निरुद्ध देवकी के कोख से भगवान श्रीहरि ने खुद जन्म लिया। आनंद कंद मुरली मनोहर के जन्म होते ही जेल के फाटक स्वत: खुल गए। पहरेदार भी गहरी नींद में से सो गई। कंस के आतंक से नवजात को बचाने के लिए वासुदेव ने आधी रात को मथुरा से गोकुल चले गए। जहां से योगमाया रूपी कन्या को लेकर वापस कारागार में चले आए।
विज्ञापन
भगवान कृष्ण के जन्म की मार्मिक कथा सुन भक्त भाव विभोर हो गए। छोटे-छोटे बच्चे बाल गोपाल के रुप में आकर्षक कपड़े पहनकर खूब खिल रहे थे। तीसरे दिन मंगलवार को भागवत कथा का शुभारंभ भाजपा विधायक बावन सिंह ने दीप प्रज्वलित कर दिया। भागवत कथा में मुख्य रूप मे एमएलके पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ओपी मिश्र, भाजपा नेता राज बाबू गुप्ता, रामकरन मिश्र, शारदाकांत पांडेय, स्वामी अर्जुनानंद, कमल महात्मा यशवीर, शशि जायसवाल, सरोज जायसवाल, मिथलेश सिंह आदि रहे।
विज्ञापन