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Gonda News: श्रद्धा और भक्ति से मिलेंगे भगवान
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करनैलगंज के गाड़ी बाजार में कथा सुनातीं देवी सत्यार्चा। - संवाद
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गोंडा। मांसाहार, मदिरा समेत सभी अवगुण को त्याग कर अपनी संतति व संस्कारों में जीना सीखो। यदि हिंदू हो तो अपने संस्कारों, सत्कारों को जीवित रखो नहीं तो कहने के हिंदू रह जाओगे। ये उद्गार कथावाचक देवी सत्यार्चा ने नगर के मोहल्ला गाड़ी बाजार में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि केवल कथा सुनने से फल नहीं मिलता बल्कि उसके संस्कारों को अपने अंदर उतारने से फल मिलेगा। जब तक माएं यशोदा नहीं बनेंगी, तब तक बच्चों में भगवान श्रीकृष्ण के संस्कार नहीं आएंगे। माएं कौशल्या बनकर दिखाएं तो उनकी कोख से निश्चित ही प्रभु श्रीराम जैसे संस्कारी बालक पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि हर हिंदू के घर में भोजन ऐसा हो जिससे ठाकुर जी का भोग लग सके। जब मांसाहार बनेगा तो कैसे भगवान आएंगे। जहां शाकाहार होगा वहीं भगवान की कृपा बरसेगी। भगवान कहीं आसमान में नहीं रहते, प्रभु हर व्यक्ति के जीवन, रोम-रोम, कण-कण में हैं। बस उन्हें श्रद्धा व भक्ति से पाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि केवल कथा सुनने से फल नहीं मिलता बल्कि उसके संस्कारों को अपने अंदर उतारने से फल मिलेगा। जब तक माएं यशोदा नहीं बनेंगी, तब तक बच्चों में भगवान श्रीकृष्ण के संस्कार नहीं आएंगे। माएं कौशल्या बनकर दिखाएं तो उनकी कोख से निश्चित ही प्रभु श्रीराम जैसे संस्कारी बालक पैदा होंगे।
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उन्होंने कहा कि हर हिंदू के घर में भोजन ऐसा हो जिससे ठाकुर जी का भोग लग सके। जब मांसाहार बनेगा तो कैसे भगवान आएंगे। जहां शाकाहार होगा वहीं भगवान की कृपा बरसेगी। भगवान कहीं आसमान में नहीं रहते, प्रभु हर व्यक्ति के जीवन, रोम-रोम, कण-कण में हैं। बस उन्हें श्रद्धा व भक्ति से पाया जा सकता है।
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