{"_id":"23c257255050a7d75bc239ab11de2f1f","slug":"ghaghra-reached-above-the-danger-mark-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे के निशान से ऊपर पहुंची घाघरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे के निशान से ऊपर पहुंची घाघरा
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2015 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाघरा नदी के जलस्तर में आई तेजी से एल्गिन-चरसड़ी बांध में रिसाव शुरू हो गया है। हालांकि मौके पर बांध बचाव का काम करा रहे सिंचाई विभाग के लोग रिसाव होने की बात से साफ इन्कार रहे हैं। उनका कहना है कि बांध में रिसाव नहीं हो रहा। बल्कि नए व पुराने बांध के बीच काफी मात्रा में बारिश का पानी जमा हुआ है।
नदी का जलस्तर गुरुवार देर शाम बढ़ते-बढ़ते खतरे के निशान से 49 सेमी ऊपर हो गया है। जिसके मद्देनजर बांध बचाव के काम को और तेज कर दिया गया है। कुछ दिनों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात ने एल्गिन-चरसड़ी बांध की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ा दी हैं।
कल तक जहां नदी का जलस्तर खतरे के निशान के इर्द-गिर्द मंडरा रहा था, वही जलस्तर अब खतरे के निशान से 49 सेमी ऊपर पहुंच गया है। इससे इलाकाई लोग बांध कटने के डर से भयभीत हैं। हालांकि मौके पर कैंप कर रहे सिंचाई विभाग के अभियंताओं की मानें तो बांध में रिसाव की बात पूरी तरह से सही नहीं है, क्योंकि इधर बरसात होने से बारिश का पानी नए व पुराने बांध के बीच में एकत्र हो गया है।
विज्ञापन
वहीं एल्गिन-चरसड़ी बांध के जलस्तर में आई तेजी से इलाकाई लोग भी काफी भयभीत हैं। मांझा रायपुर गांव के नजदीक स्पर नंबर दो व चार के बीच लोगों का कहना है कि यहां नदी से पानी रिस-रिस कर इस पार आ रहा है। जिससे बांध की मिट्टी के बैठने से बांध के कटने का भय है।
वहीं, जलस्तर में आई तेजी से भी बांध को लगातार खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग बाढ़ कार्यखंड डिवीजन के सहायक अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़त जरूर हुई है, लेकिन इससे बांध को कोई नुकसान नहीं है और न ही किसी तरह का रिसाव ही बांध से हो रहा है। करनैलगंज के एसडीएम वीके सिंह ने बताया कि मौके पर सिंचाई विभाग के लोग लगातार कैंप कर रहे हैं।
विज्ञापन
नदी का जलस्तर गुरुवार देर शाम बढ़ते-बढ़ते खतरे के निशान से 49 सेमी ऊपर हो गया है। जिसके मद्देनजर बांध बचाव के काम को और तेज कर दिया गया है। कुछ दिनों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात ने एल्गिन-चरसड़ी बांध की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ा दी हैं।
विज्ञापन
कल तक जहां नदी का जलस्तर खतरे के निशान के इर्द-गिर्द मंडरा रहा था, वही जलस्तर अब खतरे के निशान से 49 सेमी ऊपर पहुंच गया है। इससे इलाकाई लोग बांध कटने के डर से भयभीत हैं। हालांकि मौके पर कैंप कर रहे सिंचाई विभाग के अभियंताओं की मानें तो बांध में रिसाव की बात पूरी तरह से सही नहीं है, क्योंकि इधर बरसात होने से बारिश का पानी नए व पुराने बांध के बीच में एकत्र हो गया है।
विज्ञापन
वहीं एल्गिन-चरसड़ी बांध के जलस्तर में आई तेजी से इलाकाई लोग भी काफी भयभीत हैं। मांझा रायपुर गांव के नजदीक स्पर नंबर दो व चार के बीच लोगों का कहना है कि यहां नदी से पानी रिस-रिस कर इस पार आ रहा है। जिससे बांध की मिट्टी के बैठने से बांध के कटने का भय है।
वहीं, जलस्तर में आई तेजी से भी बांध को लगातार खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग बाढ़ कार्यखंड डिवीजन के सहायक अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़त जरूर हुई है, लेकिन इससे बांध को कोई नुकसान नहीं है और न ही किसी तरह का रिसाव ही बांध से हो रहा है। करनैलगंज के एसडीएम वीके सिंह ने बताया कि मौके पर सिंचाई विभाग के लोग लगातार कैंप कर रहे हैं।