गोंडा। देश की सेवा में तैनात सैनिकों को अब उनके निजी मामलों में कानूनी सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने सेवारत व सेवानिवृत्त सभी सैनिकों और उनके परिवार को मुफ्त कानूनी मदद उपलब्ध कराने के लिए वीर परिवार सहायता योजना शुरू की है। ये बातें अपर जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दानिश हसनैन ने सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र में मंगलवार को लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि सीमा पर डटे हमारे सैनिकों को इस बात का भरोसा होना चाहिए कि उनके पीछे उनके परिवार को हर आवश्यक कानूनी सलाह व सहायता मिलेगी। डिफेंस काउंसिल बृजलाल तिवारी ने कहा कि वीर परिवार सहायता योजना के अंतर्गत देश के सभी राज्य, जिला एवं तहसील स्तर के सैनिक कल्याण केंद्रों पर लीगल एड क्लीनिक स्थापित की जा रही है। इसका उद्देश्य सेना के जवान, पूर्व सैनिक तथा उनके आश्रितों को किसी भी प्रकार के सिविल, आपराधिक, पारिवारिक, वित्तीय लेनदेन और अन्य किसी भी प्रकार के मुकदमों में मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी सौरभ टंडन ने योजना के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर पैनल अधिवक्ता अविनाश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ. आनंद कुमार मिश्र सहित कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे। (संवाद)