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Gonda News: रोजगार मेले की साख गिरा रहीं धोखेबाज कंपनियां
Tue, 22 Apr 2025 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 22 Apr 2025 11:49 PM IST
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गोंडा। ब्लैकलिस्ट कंपनियां न सिर्फ बेरोजगार युवक व युवतियों का दर्द बढ़ा रही हैं, बल्कि रोजगार मेले की साख भी गिरा रही हैं। इन कंपनियों की धोखेबाजी के चलते बेरोजगार युवा रोजगार मेले से दूरी बनाने लगे हैं। मंगलवार को सिविल लाइन स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में लगे रोजगार मेले में पद के सापेक्ष एक चौथाई अभ्यर्थी भी नहीं पहुंचे। इसका कारण टटोलने की कोशिश की गई तो अभ्यर्थियों का दर्द उभरकर सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कंपनियां फोन कर रजिस्ट्रेशन समेत अलग-अलग शुल्क ले लेती हैं, लेकिन किसी को नौकरी नहीं देती हैं।
मंगलवार को क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में आयोजित रोजगार मेले में ग्रीन टास, नवभारत फर्टिलाइजर्स और चैतन्य इंडिया नाम की जैविक उत्पाद और फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधि पहुंचे। उन्हें फील्ड ऑफिसर्स के 255 पदों पर युवाओं का चयन करना था, लेकिन कुल पदों के सापेक्ष महज 60 अभ्यर्थी ही पहुंचे। इसमें से 22 युवाओं का चयन किया गया। उनके बारे में जानकारी लेने के बाद कंपनियों ने कार्यालय पर साक्षात्कार के लिए बुलाने का भरोसा दिया है।
रोजगार मेले में पहुंचे चौक बाजार निवासी अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने बीएससी के साथ ही ओ-लेवल कर रखा है। ट्यूशन पढ़ाकर खर्च चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले निजी कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी प्रतिभाग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संजीवनी हर्बल के नाम से कंपनी के प्रतिनिधि ने पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 251 रुपये जमा कराए, फिर ट्रेनिंग के लिए 499 रुपये की डिमांड करने लगे। बाद में सेवायोजन कार्यालय के कर्मचारियों से पता चला कि उक्त कंपनी ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। (संवाद)
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नाम बदलकर करती हैं खेल
कर्मचारियों ने बताया कि कंपनियां ब्लैकलिस्ट होने के बाद दूसरे नाम से कंपनी बनाकर रोजगार मेले से जुड़ रही हैं। जगह-जगह रोजगार मेले में शामिल हो रही हैं। साथ ही बेरोजगारों की जानकारी जुटाकर ठगी कर रही हैं।
पांच कंपनियां हो चुकी हैं ब्लैकलिस्ट
कर्मचारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों व शिकायत के चलते पांच कंपनियों को रोजगार मेले में शामिल होने से रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट किया चुका है। कर्मचारियों के मुताबिक, नीमिया हर्बल, भारत इले, बुशा मैनेजमेंट, संजीवनी ग्रुप्स और एसके इलेक्ट्राॅनिक्स आदि कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। बावजूद इसके लगातार ठगी की शिकायतें आ रही हैं।
नहीं देनी होती है किसी तरह की फीस
सहायक जिला सेवायोजन अधिकारी गुलाब चंद्र मौर्य ने बताया कि रोजगार मेला पूरी तरह से निशुल्क है। इसमें किसी तरह का शुल्क नहीं देना होता है। यदि कोई शुल्क मांगता है तो सेवायोजन कार्यालय को जानकारी जरूर दें, ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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मंगलवार को क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में आयोजित रोजगार मेले में ग्रीन टास, नवभारत फर्टिलाइजर्स और चैतन्य इंडिया नाम की जैविक उत्पाद और फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधि पहुंचे। उन्हें फील्ड ऑफिसर्स के 255 पदों पर युवाओं का चयन करना था, लेकिन कुल पदों के सापेक्ष महज 60 अभ्यर्थी ही पहुंचे। इसमें से 22 युवाओं का चयन किया गया। उनके बारे में जानकारी लेने के बाद कंपनियों ने कार्यालय पर साक्षात्कार के लिए बुलाने का भरोसा दिया है।
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रोजगार मेले में पहुंचे चौक बाजार निवासी अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने बीएससी के साथ ही ओ-लेवल कर रखा है। ट्यूशन पढ़ाकर खर्च चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले निजी कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी प्रतिभाग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संजीवनी हर्बल के नाम से कंपनी के प्रतिनिधि ने पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 251 रुपये जमा कराए, फिर ट्रेनिंग के लिए 499 रुपये की डिमांड करने लगे। बाद में सेवायोजन कार्यालय के कर्मचारियों से पता चला कि उक्त कंपनी ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। (संवाद)
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नाम बदलकर करती हैं खेल
कर्मचारियों ने बताया कि कंपनियां ब्लैकलिस्ट होने के बाद दूसरे नाम से कंपनी बनाकर रोजगार मेले से जुड़ रही हैं। जगह-जगह रोजगार मेले में शामिल हो रही हैं। साथ ही बेरोजगारों की जानकारी जुटाकर ठगी कर रही हैं।
पांच कंपनियां हो चुकी हैं ब्लैकलिस्ट
कर्मचारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों व शिकायत के चलते पांच कंपनियों को रोजगार मेले में शामिल होने से रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट किया चुका है। कर्मचारियों के मुताबिक, नीमिया हर्बल, भारत इले, बुशा मैनेजमेंट, संजीवनी ग्रुप्स और एसके इलेक्ट्राॅनिक्स आदि कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। बावजूद इसके लगातार ठगी की शिकायतें आ रही हैं।
नहीं देनी होती है किसी तरह की फीस
सहायक जिला सेवायोजन अधिकारी गुलाब चंद्र मौर्य ने बताया कि रोजगार मेला पूरी तरह से निशुल्क है। इसमें किसी तरह का शुल्क नहीं देना होता है। यदि कोई शुल्क मांगता है तो सेवायोजन कार्यालय को जानकारी जरूर दें, ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।