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तरबगंज तहसील के ऐली परसौली में बांध पर झोपडी रख कर निवास कर रहे बाढ़ पीड़ित

Fri, 23 Jul 2021 08:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 08:51 PM IST
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Flood victims forced to live on dam
गोंडा। घाघरा (सरयू) नदी के कटान में अपना घर द्वार गंवा चुके करीब 15 परिवारों ने भिखारीपुर सकरौर बांध पर आशियाना बना लिया हैं। आधा दर्जन लोगों ने बांध पर व कुछ लोग बांध के किनारे छप्पर रखे हैं। लगातार हो रही बारिश से इन परिवारों का जीना मुश्किल हो गया हैं। तहसील प्रशासन से इन परिवारों को कोई मदद नहीं मिल पाई हैं।
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तरबगंज तहसील क्षेत्र के ऐली परसौली अंतर्गत केवटाही के टॉवर के पास ननके, खुटकू, धर्मेद्र, ढोढे, काली चरण, कुनमुन, राम सूरत, देवी, विन्दरा, साधू, रामदेव व रामकुमार झोपड़ी का घर बनाकर निवास कर रहे थे।
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पिछले साल कटान में झोपड़ी नदी में समा गई तो यह लोग थोड़ी दूर अलग हटकर झोपड़ी बनाकर परिवार के साथ रहने लगे। इस साल सरयू का पानी आगे बढ़ा और फिर से इन परिवारों की झोपड़ी को बहा ले गया।
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इन परिवारों ने ऐली परसौली गांव के करीब भिखारीपुर सकरौर बांध पर छप्पर रखकर अपना आशियाना बनाया हैं, और कुछ लोगों ने बांध के किनारे खेत में छप्पर रख लिया हैं। बांध पर झोपड़ी रखे ननके की पत्नी मीना ने बताया कि बारिश होने से झोपड़ी में पानी भर जाता हैं।
किसी तरह खाना बनाते हैं और अपने पांच बच्चों को लेकर रहते हैं। प्राथमिक विद्यालय केवटाही पिछले साल कट गया था। तभी से बच्चे किसी और स्कूल में नहीं गए हैं। कोई हाल पूछने नहीं आया हैं।
बगल में खुटकू की पत्नी रानी फूस की झोपड़ी रखी हैं। एक चारपाई पर दो छोटे बच्चे के खेल रहे हैं, दूसरी पर बिस्तर रखा हुआ हैं। बर्तन नीचे पड़ा हैं। रानी ने बताया कि गुलशन, शुभम, रोली व काजल मेरे बच्चे हैं। इनके साथ पिछले दो साल झोपड़ी में ही रह रही हूं।

अभी तक किसी ने कोई मदद नही की। श्रीमती व कैलाशा ने बताया कि केवटाही में घर कटने के बाद बांध के किनारे दुसरे के खेत छप्पर रखकर किसी तरह निवास कर रही हूँ। एक तरफ बाढ़ तो दूसरी ओर बारिश मुसीबत बनी हुई हैं। कटान में खेत भी कट गया हैं। जिससे जीवन यापन मुश्किल हो गया हैं।
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