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ऐलीपरसौली के 35 मजरे बाढ़ की चपेट में, 6 घर नदी में समाए
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उमरीबेगमगंज (गोंडा)। ऐलीपरसौली में घाघरा का सितम जारी है। भिखारीपुर सकरौरा बांध का लगभग एक मीटर हिस्सा नदी में समा गया हैं और ऐलीपरसौली, गढ़ी, जबरनगर, परास सहित आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों मजरे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। ऐलीपरसौली में शुरू हुई कटान से छह लोगों के आशियाने नदी में समा गए।
शुक्रवार की रात ऐलीपरसौली में भिखारीपुर सकरौरा पर अचानक शुरू हुई कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को सुबह अचानक मसीना लगने से बांध में दरार पड़ गई और लगभग 1 मीटर हिस्सा नदी में समा गया। यहां बचाव कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। बांध में दरार पड़ते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोग अपनी गृहस्थी को समेटने में जुट गए हैं।
दूसरी तरफ बाढ़ का पानी लोगों पर सितम ढा रहा है। घरों में घुसा पानी लोगों को घर से बेघर कर चुका है और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। कटान पीड़ितों को नाव के सहारे सुरक्षित स्थान पर ग्रामीणों की मदद से निकाला जा रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सहायता नहीं पहुंचाई जा रही है। यह लोग अब जाएं तो कहां जाएं बांध पर शरण लेने के लिए मजबूर हैं। ऐलीपरसौली के 35 मजरे पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और पानी लोगों के घरों में घुस गया है।
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सैकड़ों हेक्टेयर फसल भी बर्बाद हो चुकी है। ग्रामवासी संजय सिंह ने बताया कि देशराज यादव का प्रधानमंत्री आवास, विंध्या यादव, लैलू निषाद, कुटकुर, लालदेव, मंगल का घर नदी में कट गया। प्रशासन की तरफ से लोगों के कोई सहायता नहीं पहुंचाई गई है। घाघरा ने ऐली परसोली में पूरी तरह से तबाही मचा दी है।
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शुक्रवार की रात ऐलीपरसौली में भिखारीपुर सकरौरा पर अचानक शुरू हुई कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को सुबह अचानक मसीना लगने से बांध में दरार पड़ गई और लगभग 1 मीटर हिस्सा नदी में समा गया। यहां बचाव कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। बांध में दरार पड़ते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोग अपनी गृहस्थी को समेटने में जुट गए हैं।
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दूसरी तरफ बाढ़ का पानी लोगों पर सितम ढा रहा है। घरों में घुसा पानी लोगों को घर से बेघर कर चुका है और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। कटान पीड़ितों को नाव के सहारे सुरक्षित स्थान पर ग्रामीणों की मदद से निकाला जा रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सहायता नहीं पहुंचाई जा रही है। यह लोग अब जाएं तो कहां जाएं बांध पर शरण लेने के लिए मजबूर हैं। ऐलीपरसौली के 35 मजरे पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और पानी लोगों के घरों में घुस गया है।
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सैकड़ों हेक्टेयर फसल भी बर्बाद हो चुकी है। ग्रामवासी संजय सिंह ने बताया कि देशराज यादव का प्रधानमंत्री आवास, विंध्या यादव, लैलू निषाद, कुटकुर, लालदेव, मंगल का घर नदी में कट गया। प्रशासन की तरफ से लोगों के कोई सहायता नहीं पहुंचाई गई है। घाघरा ने ऐली परसोली में पूरी तरह से तबाही मचा दी है।