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130 गांवों पर बाढ़ का संकट

Thu, 18 Aug 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Thu, 18 Aug 2016 11:35 PM IST
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flood crisis on 130 villages
गांव में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
पांच दिनों तक घाघरा के जलस्तर में हो रही गिरावट बुधवार को एकाएक थम गई और शाम को घाघरा का जलस्तर बढ़ने लगा। जलस्तर बढ़ने से गुरुवार को गोंडा के 14 तथा बाराबंकी के पांच गांवों को मिलाकर कुल 19 गांवों में पानी घुस गया है। गुरुवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर हो गया। इससे 19 ग्राम पंचायतों के करीब 130 मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 
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 बांध कटने के बाद घाघरा का पानी घटने से करनैलगंज क्षेत्र की करीब 60 ग्राम पंचायतों के 600 मजरे बाढ़ की विभीषिका से बच गए। मगर बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। घाघरा नदी से जुड़े कई जिलों एवं क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश व बरसात से पहाड़ी नालों का पानी घाघरा में आने की संभावनाएं प्रबल होती जा रही हैं।
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बुधवार से नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा और कटे हुए बांध का काफी हिस्सा कटकर नदी में समाने लगा, जिसमें कटान रोकने का कार्य भी शुरू हो गया है। मगर नदी का जलस्तर बढ़ने से अब बाढ़ का पानी सीधे करनैलगंज तहसील के अन्य गांवों में घुसने की संभावना बढ़ गई है। 
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एल्गिन-चरसड़ी बांध कटने के बाद करनैलगंज तहसील के करीब 14 एवं बाराबंकी जिले के पांच गांवों के करीब 130 मजरों में बाढ़ का पानी घुस गया। ग्राम नकहरा, काशीपुर, प्रतापपुर, घरकुंइया बाढ़ से अधिक प्रभावित थे। जहां पर अब कुछ ही स्थानों पर नावें लगाई जा रही हैं। बाकी स्थानों से नावें भी हटा ली गई हैं। अभी भी करीब 90 से अधिक मजरे ऐसे हैं, जहां पर बाढ़ के पानी ने गांवों को घेर रखा है, जबकि गांव के भीतर घरों से पानी घट रहा है।

लोगों को पानी घटने से राहत महसूस हो रही थी तो लगातार तीन दिनों से हो रही रुक-रुक कर बरसात ने एक बार फिर बाढ़ पीड़ितों को सांसत में डाल दिया है। हालांकि बाढ़ से पलायन कर चुके ग्रामीण अभी भी अपने सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लिए हुए हैं।

ग्रामीण जवाहर लाल, ममता, रानी, मोतीलाल, सरजू प्रसाद, मंगल आदि का कहना है कि जितना पानी नीचे जमीन का कम हो रहा है, उससे ज्यादा बरसात का पानी अब गांवों में भरने लगा है। जिससे बाढ़ के हालात बने हुुए हैं। गांव में पानी भी है और नावें भी नहीं चल सकतीं। 


डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि करनैलगंज तहसील क्षेत्र की 14 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। इन ग्राम पंचायतों के करीब 75 मजरों में पानी भरा हुआ है। गुरुवार को नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही थी। एहतियातन ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहले ही जाने को कहा गया है। तमाम परिवार एल्गिन-चरसड़ी बांध पर टेंट लगाकर रह रहे हैं। इन्हें सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
 
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