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Gonda News: मिट्टी का टीला ढहने से पांच बच्चियां दबीं, मासूम की मौत
Fri, 15 Mar 2024 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 15 Mar 2024 01:15 AM IST
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कटरा बाजार (गोंडा)। कटरा बाजार थानाक्षेत्र के महादेव गांव के पास भरथौली तालाब के पास बृहस्पतिवार की दोपहर मिट्टी का टीला ढहने से दो किशोरियां व तीन बच्चियां मलबे में दब गईं।
साहस दिखाते हुए मिट्टी हटाकर एक बच्ची किसी तरह से बाहर निकली और भागकर घर पहुंचीं। परिजनों के संग ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चियों को बाहर निकाल लिया।
सीएचसी ले जाते समय रास्ते में दो बच्चियों में से एक ने दम तोड़ दिया। जबकि एक का इलाज चल रहा है। हादसे में एक किशोरी जख्मी हो गई।
गांव निवासी शिवपूजन की बेटी परी (5), शालू (6), कन्हैयालाल की बेटी गौरा (12),सुंदरलाल की बेटी सलोनी (13) व साधू की बेटी ननका (15) घर से बकरियां चराने निकली थीं।
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गांव से एक किलोमीटर दूर भरथौली तालाब के पास एक व्यक्ति ने खनन करा रखा था। इससे मिट्टी का टीला बन गया था। बकरियां टीले के नीचे 15 फिट गहरे गड्ढे में चली गईं।
बकरियों को बचाने में बच्चियां भी गहरे गड्ढे में उतर गईं। इसी बीच मिट्टी का टीला ढह गया और पांचों बच्चियां और एक बकरी दब गई, जबकि अन्य बकरियां भाग निकलीं।
साहस दिखाते हुए शालू किसी तरह मिट्टी हटाकर बाहर निकली और घर पहुंचकर हादसे की जानकारी दी। परिजन के संग ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे। मिट्टी हटाकर बच्चियों को बाहर निकाल लिया।
परी और ननका को नाजुक हालत में सीएचसी कटरा बाजार ले जाते समय रास्ते में परी ने दम तोड़ दिया। परी के बाबा रामकुमार निषाद ने बताया कि बेटा शिवपूजन दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है।
बेटे को सूचना दे दी गई है। प्रभारी निरीक्षक संजय गुप्ता ने बताया कि जांच के लिए पुलिस टीम भेजी गई थी।
खनन कर छोड़ दिया 15 फीट गहरा गड्ढा
भरथौली तालाब के पास क्षेत्र का एक ठेकेदार कई माह से खनन करा रहा था। खनन के बाद टीले को समतल नहीं कराया। इससे 15 फिट गहरा गड्ढा खतरा बना हुआ था। परी के बाबा ने बताया कि हादसे के बाद कोई जिम्मेदार सुध लेने नहीं आया।
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साहस दिखाते हुए मिट्टी हटाकर एक बच्ची किसी तरह से बाहर निकली और भागकर घर पहुंचीं। परिजनों के संग ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चियों को बाहर निकाल लिया।
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सीएचसी ले जाते समय रास्ते में दो बच्चियों में से एक ने दम तोड़ दिया। जबकि एक का इलाज चल रहा है। हादसे में एक किशोरी जख्मी हो गई।
गांव निवासी शिवपूजन की बेटी परी (5), शालू (6), कन्हैयालाल की बेटी गौरा (12),सुंदरलाल की बेटी सलोनी (13) व साधू की बेटी ननका (15) घर से बकरियां चराने निकली थीं।
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गांव से एक किलोमीटर दूर भरथौली तालाब के पास एक व्यक्ति ने खनन करा रखा था। इससे मिट्टी का टीला बन गया था। बकरियां टीले के नीचे 15 फिट गहरे गड्ढे में चली गईं।
बकरियों को बचाने में बच्चियां भी गहरे गड्ढे में उतर गईं। इसी बीच मिट्टी का टीला ढह गया और पांचों बच्चियां और एक बकरी दब गई, जबकि अन्य बकरियां भाग निकलीं।
साहस दिखाते हुए शालू किसी तरह मिट्टी हटाकर बाहर निकली और घर पहुंचकर हादसे की जानकारी दी। परिजन के संग ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे। मिट्टी हटाकर बच्चियों को बाहर निकाल लिया।
परी और ननका को नाजुक हालत में सीएचसी कटरा बाजार ले जाते समय रास्ते में परी ने दम तोड़ दिया। परी के बाबा रामकुमार निषाद ने बताया कि बेटा शिवपूजन दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है।
बेटे को सूचना दे दी गई है। प्रभारी निरीक्षक संजय गुप्ता ने बताया कि जांच के लिए पुलिस टीम भेजी गई थी।
खनन कर छोड़ दिया 15 फीट गहरा गड्ढा
भरथौली तालाब के पास क्षेत्र का एक ठेकेदार कई माह से खनन करा रहा था। खनन के बाद टीले को समतल नहीं कराया। इससे 15 फिट गहरा गड्ढा खतरा बना हुआ था। परी के बाबा ने बताया कि हादसे के बाद कोई जिम्मेदार सुध लेने नहीं आया।