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Gonda News: मेडिकल काॅलेज में महिला मरीजों को मिल रहा सिर्फ परामर्श
Mon, 23 Feb 2026 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 23 Feb 2026 11:26 PM IST
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गोंडा स्थित मेडिकल कॉलेज। - संवाद
गोंडा। मेडिकल कॉलेज में संचालित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आने वाली महिला मरीजों को इलाज के नाम पर सिर्फ परामर्श मिल रहा है। विभाग में बीते 15 माह से गर्भवती का सिजेरियन तो दूर सामान्य प्रसव तक नहीं हुआ है। इस कारण इलाज के लिए आने वाली गर्भवतियों को निजी अस्पताल में महंगा इलाज कराने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में बीते 15 माह से स्त्री रोग विभाग का संचालन हो रहा है। यहां पांच स्त्री रोग विशेषज्ञ व पांच जूनियर डॉक्टरों की तैनाती है । इसके बावजूद अभी तक यहां पर न तो संस्थागत प्रसव हुआ और न ही किसी महिला का सिजेरियन कराया गया। महिलाओं को सिर्फ परामर्श ती डोज देकर इलाज के नाम पर खानापूर्ति हो रही है।
मेडिकल कॉलेज में स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती करीब डेढ़ वर्ष से है। छह नवंबर 2024 को स्त्री रोग विभाग का शुभारंभ होने के बाद डॉ. महीकीर्ति सिसोदिया को विभागाध्यक्ष बनाया गया। डॉ. ज्योति यादव को असिस्टेंट प्रोफेसर, महिला अस्पताल में तैनात रहीं डॉ. सुवर्णा कुमार, डॉ. उम्मे खदीजा व डॉ. जेबा को सीनियर रेजिडेंट के तौर पर तैनात किया गया है। सहयोग के लिए पांच जूनियर रेजिडेंट को भी तैनाती दी गई है। इसके बावजूद विभाग में अभी तक गर्भवतियों के प्रसव सुविधा शुरू नहीं हुई है।
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मेडिकल कॉलेज के सभी स्त्री रोग विशेषज्ञों को ऑपरेशन करने का लंबा अनुभव है। पैरामेडिकल स्टाफ व संसाधनों की कमी के कारण विभागीय सेवाएं सिर्फ ओपीडी तक ही सीमित है। महिलाएं आती हैं और ओपीडी में दिखाकर चली जाती हैं। सर्जरी के लिए उन्हें जिला महिला अस्पताल अथवा निजी अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में पैरामेडिकल कर्मियों की कमी है। कर्मचारियों की तैनाती के लिए महानिदेशालय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। कर्मियों की तैनाती होने के बाद जल्द ही प्रसव संबंधी ऑपरेशन शुरू कराए जाएंगे।
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मेडिकल कॉलेज में बीते 15 माह से स्त्री रोग विभाग का संचालन हो रहा है। यहां पांच स्त्री रोग विशेषज्ञ व पांच जूनियर डॉक्टरों की तैनाती है । इसके बावजूद अभी तक यहां पर न तो संस्थागत प्रसव हुआ और न ही किसी महिला का सिजेरियन कराया गया। महिलाओं को सिर्फ परामर्श ती डोज देकर इलाज के नाम पर खानापूर्ति हो रही है।
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मेडिकल कॉलेज में स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती करीब डेढ़ वर्ष से है। छह नवंबर 2024 को स्त्री रोग विभाग का शुभारंभ होने के बाद डॉ. महीकीर्ति सिसोदिया को विभागाध्यक्ष बनाया गया। डॉ. ज्योति यादव को असिस्टेंट प्रोफेसर, महिला अस्पताल में तैनात रहीं डॉ. सुवर्णा कुमार, डॉ. उम्मे खदीजा व डॉ. जेबा को सीनियर रेजिडेंट के तौर पर तैनात किया गया है। सहयोग के लिए पांच जूनियर रेजिडेंट को भी तैनाती दी गई है। इसके बावजूद विभाग में अभी तक गर्भवतियों के प्रसव सुविधा शुरू नहीं हुई है।
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मेडिकल कॉलेज के सभी स्त्री रोग विशेषज्ञों को ऑपरेशन करने का लंबा अनुभव है। पैरामेडिकल स्टाफ व संसाधनों की कमी के कारण विभागीय सेवाएं सिर्फ ओपीडी तक ही सीमित है। महिलाएं आती हैं और ओपीडी में दिखाकर चली जाती हैं। सर्जरी के लिए उन्हें जिला महिला अस्पताल अथवा निजी अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में पैरामेडिकल कर्मियों की कमी है। कर्मचारियों की तैनाती के लिए महानिदेशालय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। कर्मियों की तैनाती होने के बाद जल्द ही प्रसव संबंधी ऑपरेशन शुरू कराए जाएंगे।