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भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का धरना जारी
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गोंडा में हलधरमऊ ब्लाक के परसागोड़री गांव के मजरे शंकरपुरवा में धरने के दौरान तहसीलदार से मिन्न?
- फोटो : GONDA
बालपुर (गोंडा)। विकास खंड हलधरमऊ के परसा गोड़री शिवशंकर पुरवा में चल रहा किसानों का धरना गुरुवार को लगातार 15वें दिन भी जारी है। किसान अवैध तरीके से मृतक के नाम किया गया भूमि अधिग्रहण निरस्त करने की मांग पर अड़े है। धरना समाप्त कराने पहुंचे नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल व सिंचाई विभाग के अवर अभियंता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन किसानों के विरोध के कारण मायूस होकर लौटना पड़ा।
सरयू नहर धनई पट्टी खोदाई का मामला दिन प्रतिदिन किसानों का आंदोलन तेज हो रहा है। लगातार 15 दिन से किसान अपने परिवार के बच्चों व महिलाओं के साथ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को किसानों का धरना समाप्त कराने के लिए नायब तहसीलदार करनैलगंज मदन मोहन गुप्ता की अगुवाई में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रशांत व अखिलेश भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। धरना समाप्त करने के लिए किसानों की मनुहार करते रहे, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े है।
किसान कमलेश कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग ने फर्जी तरीके से मृतक के नाम पर बिना नोटिस दिये हमारी जमीन अधिग्रहण किया है जो गलत है। जब जो किसानों के साथ धोखा करके जबरदस्ती नहर खोदाई करना चाहता है, लेकिन हम लोग तब तक यहां से नही हटेंगे जब तक पुराना अधिग्रहण रद्द नहीं किया जाता है। पुराना अधिग्रहण रद्द करके नये सिरे से जमीन का अधिग्रहण किया जाये और 2020 के सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाए। बुजुर्ग महिला सुषमा तहसीलदार समेत अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर रोते हुये मुआवजा के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अधिकारियों को मायूस होकर लौटना पड़ा। इस दौरान कानूनगो कैलाश नाथ सिंह, लेखपाल रामनरायन तिवारी, चौकी प्रभारी सुनील तिवारी, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि राजू ओझा, भाजपा नेता विनोद कुमार शुक्ल, नन्दकिशोर ओझा पुर्व प्रधान, वेद ओझा प्रधान सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
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सरयू नहर धनई पट्टी खोदाई का मामला दिन प्रतिदिन किसानों का आंदोलन तेज हो रहा है। लगातार 15 दिन से किसान अपने परिवार के बच्चों व महिलाओं के साथ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को किसानों का धरना समाप्त कराने के लिए नायब तहसीलदार करनैलगंज मदन मोहन गुप्ता की अगुवाई में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रशांत व अखिलेश भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। धरना समाप्त करने के लिए किसानों की मनुहार करते रहे, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े है।
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किसान कमलेश कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग ने फर्जी तरीके से मृतक के नाम पर बिना नोटिस दिये हमारी जमीन अधिग्रहण किया है जो गलत है। जब जो किसानों के साथ धोखा करके जबरदस्ती नहर खोदाई करना चाहता है, लेकिन हम लोग तब तक यहां से नही हटेंगे जब तक पुराना अधिग्रहण रद्द नहीं किया जाता है। पुराना अधिग्रहण रद्द करके नये सिरे से जमीन का अधिग्रहण किया जाये और 2020 के सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाए। बुजुर्ग महिला सुषमा तहसीलदार समेत अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर रोते हुये मुआवजा के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अधिकारियों को मायूस होकर लौटना पड़ा। इस दौरान कानूनगो कैलाश नाथ सिंह, लेखपाल रामनरायन तिवारी, चौकी प्रभारी सुनील तिवारी, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि राजू ओझा, भाजपा नेता विनोद कुमार शुक्ल, नन्दकिशोर ओझा पुर्व प्रधान, वेद ओझा प्रधान सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
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