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Gonda News: रिंकू व अमित की मौत से गम में डूबे परिजन
Tue, 28 Apr 2026 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 28 Apr 2026 11:20 PM IST
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भोपतपुर हरनाटायर गांव में गुमशुम बैठे अमित के परिजन। - संवाद
तरबगंज/दुर्जनपुर/विश्नोहरपुर। सीबीएन मार्ग पर पिपरी के पास सोमवार को पीपल के पेड़ की डाल गिरने से फुफेरे भाइयों की मौत ने दो परिवारों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को झकझोरकर रख दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले रिंकू (18) और अमित (20) का पोस्टमार्टम के बाद सोमवार रात अयोध्या में सरयू तट पर अंतिम संस्कार किया गया। रिंकू के बड़े भाई दुर्गेश की मंगलवार को बरात जानी थी, लेकिन नियति ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
सोमवार को जब घर में हल्दी की रस्म चल रही थी, तभी रिंकू अपने मामा के लड़के अमित के साथ बाइक से शादी का सामान खरीदने नवाबगंज जा रहा था। रास्ते में सड़क किनारे खड़े पुराने पीपल की जर्जर डाल उन पर गिर गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। रिंकू तीन भाइयों में सबसे छोटा था। अमित अपने पिता नकछेद का इकलौता पुत्र था। अमित की मां का निधन 16 साल पहले हो गया था। इसके बाद पिता ने दूसरी शादी की थी। हादसे से न केवल वर पक्ष, बल्कि कन्या पक्ष के घर में भी सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों और रिश्तेदारों के समझाने पर मांगलिक कार्य को बिल्कुल सादगी से संपन्न करने पर सहमति बनी।
प्रशासन की लापरवाही पड़ी भारी
सीबीएन मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटान हो रही है, लेकिन वन विभाग और कार्यदायी संस्था ने मार्ग से सटे पीपल के इस जर्जर पेड़ को अब तक नहीं हटाया था। एक छोटी सी चूक ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए और खुशियां छीन लीं।
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सोमवार को जब घर में हल्दी की रस्म चल रही थी, तभी रिंकू अपने मामा के लड़के अमित के साथ बाइक से शादी का सामान खरीदने नवाबगंज जा रहा था। रास्ते में सड़क किनारे खड़े पुराने पीपल की जर्जर डाल उन पर गिर गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। रिंकू तीन भाइयों में सबसे छोटा था। अमित अपने पिता नकछेद का इकलौता पुत्र था। अमित की मां का निधन 16 साल पहले हो गया था। इसके बाद पिता ने दूसरी शादी की थी। हादसे से न केवल वर पक्ष, बल्कि कन्या पक्ष के घर में भी सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों और रिश्तेदारों के समझाने पर मांगलिक कार्य को बिल्कुल सादगी से संपन्न करने पर सहमति बनी।
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प्रशासन की लापरवाही पड़ी भारी
सीबीएन मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटान हो रही है, लेकिन वन विभाग और कार्यदायी संस्था ने मार्ग से सटे पीपल के इस जर्जर पेड़ को अब तक नहीं हटाया था। एक छोटी सी चूक ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए और खुशियां छीन लीं।
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