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कर्मचारी न संसाधन क्रय केंद्रों पर भटकते रहे किसान

Wed, 02 Nov 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा Updated Wed, 02 Nov 2016 11:36 PM IST
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Employee or purchasing resource centers wandered farmer
धान खरीद के पहले दिन नदारद रहे धान क्रय केंद्र प्रभारी - फोटो : अमर उजाला
किसानों से खरीफ की उपज को मूल्य समर्थन योजना के तहत शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं। लेकिन जिले में धान खरीद की तैयारी का बुरा हाल है। क्रय केंद्र सिर्फ कागजों में खुले हैं। क्रय केंद्र पर अधिकारी कर्मचारी है न कोई संसाधन की व्यवस्था है।
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धान खरीद शुरू होने के पहले दिन भारी अव्यवस्था के चलते क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए धान लेकर आने वाले किसान इधर उधर भटकते नजर आये। न कोई बैठने का इंतजाम न उन्हें कोई कुछ बताने वाला नजर आया। इस अव्यवस्था ने जिला प्रशासन की ओर से समय से धान खरीद शुरू कर दिए जाने की पोल खुल गई है। 
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 सरकार की ओर से मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से सरकारी क्रय एजेंसियों की ओर से क्रय केंद्र पर सीधे धान की खरीद करनी है। किसानों से कामन श्रेणी का धान 1470 रुपये व ए-श्रेणी का धान 1510 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद करनी है। लेकिन जिले में धान खरीद केंद्र अभी तक अस्तित्व में ही नहीं आ सके हैं।
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बुधवार को अमर उजाला ने मंडी परिसर में बने तीन सरकारी धान क्रय केंद्रों का जायजा लिया। एक क्रय केंद्र खाद्य रसद विभाग का बना है। विभाग ने सिर्फ बैनर लगा दिया है केंद्र पर कोई संसाधन नहीं हैं। पहले दिन ही कोई कर्मचारी नहीं था। विभाग ने जो बैनर लगाया है उस पर कौन केद्र प्रभारी है उसका नाम नंबर तक नहीं अंकित है। इसी तरह से भारतीय खाद्य निगम ने बैनर लटका दिया है। उसके संसाधन नदारद है।

केंद्र प्रभारी दिलीप कुमार सिंह नदारद मिले उनका फोन नंबर भी नहीं मिला। इसी तरह से पीसीएफ का क्रय केंद्र है। विभाग ने सिर्फ बैनर लगा रखा है। उसके वहां न कर्मचारी हैं न कोई संसाधन है। केंद्र प्रभारी पारस नाथ वर्मा नदारद मिले। जबकि डीसीएम पर धान लेकर बेचने पहुंचे ग्राम पंचायत मांदे के किसान जय करन पांडेय व पकड़ी माफी गांव के किसान अयोध्या प्रसाद क्रय केंद्र की अव्यवस्था को लेकर मायूस दिखे।

दोनों किसान क्रय केंद्र प्रभारियों व कर्मचारियों से मिलने को लेकर भटकते रहे। इस बाबत विभागीय सूत्रों का कहना है कि विभाग के पास न पैसा है न ही बोरा व अन्य वस्तुएं मिली हैं इसी खामी को लेकर अधिकारी व कर्मचारी गायब हैं। विभाग के अधिकारी अपनी नाकामी को छिपा रहे हैं। 


जिले में सभी क्रय केंद्र खुल गए हैं। पहला दिन होने के नाते क्रय केंद्रों पर असुविधा हुई है। जल्द ही सारी व्यवस्था पूरी कर खरीद शुरू कर दी जाएगी। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिये गये हैं।
-अजय विक्रम सिंह, जिला खाद्य एंव विपणन अधिकारी गोंडा।  
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