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सिंचाई विभाग के फेर में फंसा ऐली परसौली का पीपा पुल

Fri, 24 Jan 2020 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2020 11:27 PM IST
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Ellie Parsauli's keg bridge stuck in irrigation department
गोंडा के उमरी बेगम गंज के ऐली परसौली में पीपे का पुल। - फोटो : GONDA
गोंडा। जिले से अयोध्या और बाराबंकी के साथ ही लखनऊ पहुंचने की सुविधा को देखते हुए साल 2015 में भिखारीपुर-सकरौर बांध पर पीपे के पुल निर्माण कराया गया था। हर साल लगभग 12 से 15 लाख रुपये की लागत से इस पीपे के पुल की मरम्मत की जाती है। लेकिन इस बार निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं कराया गया। इसके पीछे सिंचाई विभाग की ओर से फंसाये पेंच को बड़ा कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि नवंबर 2019 में सिंचाई विभाग की ओर पीपा पुल के निर्माण पर आपत्ति जताई गई थी।
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बीते मंगलवार को सरयू नदी में कैथी घाट से ऐली परसौली ओर आ रही यात्रियों से भरी नाव निर्माणाधीन पीपे के पुले से टकरारकर सरयू नदी में डूब गई थी। जिसमें एक शिक्षक की मौत हो गई थी और तीन लोग अभी तक लापता हैं। बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड दो की ओर से नदी में पीपे के पुल का निर्माण कराया जा रहा था। हर साल बरसात और बाढ़ के समय से पुल खोल दिया जाता है। बाद में नवंबर के महीने में इसे दोबारा जोड़ दिया जाता है। लोहे के पीपे, लकड़ी और लोहे की चद्दरों की मदद से इस पुल को बनाया जाता है। लेकिन इस पुल को नदी में बिछाने का काम शुरू किया गया था तो सिंचाई विभाग की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई जिसके चलते पुल के निर्माण को रोकना पड़ा था और अभी तक उसका कार्य पूरा नहीं हो सका था।
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अपनी लापरवाही का ठीकरा पीडब्ल्यूडी के सिर मढ़ा
बता दें कि हर साल बाढ़ के नाम पर करोड़ों डकारने वाले सिंचाई विभाग ने अब पीपे के पुल से भिखारीपुर सकरौर बांध को खतरा बताया है। बताया जा रहा है कि पंचदशम मंडल सिंचाई कार्य के अधीक्षण अभियंता की ओर से पीडब्ल्यूडी सीडी 2 को एक पत्र भेजा गया जिसमें साफ कहा गया है कि इस पुल के निर्माण कार्य से स्पर के नोज को खतरा है। इसलिए निर्माण तुरंत रोक दिया जाय। इसके चलते बांध को नये स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा और टेंडर प्रक्रिया लटक गई। हादसे के बाद एक बार फिर से पुल के निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी सीडी 2 के अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से पुल का स्थान बदलवाया गया जिससे देरी हुई है। अब निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
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