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छात्रों को मिलेगी व्यावसायिक शिक्षा, तैयार होंगे रोजगार
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गोंडा। माध्यमिक स्कूलों में छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देने की तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है। चार सालों में चरणबद्ध तरीके से 200 इंटर कॉलेजों में व्यावसायिक शिक्षा छात्रों को मिलेगा। अभी तक जिले के सिर्फ सात कॉलेजों में व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही थी। इससे अन्य क्षेत्रों के छात्र व्यावसायिक शिक्षा नहीं मिल पाता है। शासन ने तय किया है कि जिले के 50 फीसदी कॉलेजों में व्यवसायिक शिक्षा की व्यवस्था हो। इसे चार सालों में लागू किया जाना है। इससे पूर्व कॉलेजों में व्यावसायिक शिक्षा के लिए कॉलेजों को आवश्यक संसाधन तैयार करना है।
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के कुल 41 ट्रेड विषय संचालित करता है। लेकिन सिर्फ सात कॉलेजों में इन्हें पढ़ाया जाता है। तमाम कोर्स ऐसे हैं, जिनमें 50 छात्र भी पंजीकरण नहीं कराते। समग्र शिक्षा अभियान के तहत 2022-23 शैक्षिक सत्र के लिए वार्षिक कार्ययोजना और बजट को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों समेत माध्यमिक स्कूलों में इन्फार्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) और स्मार्ट क्लास की सुविधा मिलेगी। छात्र-छात्राओं को इंटरनेट की नि:शुल्क सुविधा मिलेगी। स्कूलों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
कक्षा नौ में प्रवेश के लिए चलेगा अभियान
परिषदीय स्कूलों से कक्षा आठवीं पास करने वाले बच्चों का कक्षा नौ में पंजीकरण कराने के मकसद से बच्चों को मानसिक रूप से तैयार किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलेगा। बीते सालों में दो हजार के करीब छात्रों के प्रवेश न होने की बात सामने आ चुकी है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के जरिए दो-तीन महीने का स्कूल रेडिनेस कोर्स लागू किया जा रहा है। जिससे कक्षा आठ पास करने वाला हर छात्र कक्षा नौ में प्रवेश कराए।
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माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा के बेहतर माहौल की पहल की जा रही है। शासन के आदेश पर जो भी नवीन व्यवस्था दिए जा रहे हैं, उसे लागू किया जा रहा है। राकेश कुमार, डीआईओएस
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यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के कुल 41 ट्रेड विषय संचालित करता है। लेकिन सिर्फ सात कॉलेजों में इन्हें पढ़ाया जाता है। तमाम कोर्स ऐसे हैं, जिनमें 50 छात्र भी पंजीकरण नहीं कराते। समग्र शिक्षा अभियान के तहत 2022-23 शैक्षिक सत्र के लिए वार्षिक कार्ययोजना और बजट को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों समेत माध्यमिक स्कूलों में इन्फार्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) और स्मार्ट क्लास की सुविधा मिलेगी। छात्र-छात्राओं को इंटरनेट की नि:शुल्क सुविधा मिलेगी। स्कूलों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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कक्षा नौ में प्रवेश के लिए चलेगा अभियान
परिषदीय स्कूलों से कक्षा आठवीं पास करने वाले बच्चों का कक्षा नौ में पंजीकरण कराने के मकसद से बच्चों को मानसिक रूप से तैयार किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलेगा। बीते सालों में दो हजार के करीब छात्रों के प्रवेश न होने की बात सामने आ चुकी है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के जरिए दो-तीन महीने का स्कूल रेडिनेस कोर्स लागू किया जा रहा है। जिससे कक्षा आठ पास करने वाला हर छात्र कक्षा नौ में प्रवेश कराए।
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माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा के बेहतर माहौल की पहल की जा रही है। शासन के आदेश पर जो भी नवीन व्यवस्था दिए जा रहे हैं, उसे लागू किया जा रहा है। राकेश कुमार, डीआईओएस