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स्कूलों के पास धड़ल्ले से चल रहा नशे का कारोबार
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26जीडीएपी9-गोंडा के करनैलगंज में पाल्हापुर में स्कूल परिसर में चल रही शराब की दुकान
- फोटो : GONDA
गोंडा। आबकारी विभाग ने खुद के बनाए नियम कानून को दरकिनार कर दिया है। कई लोगों को स्कूलों व कॉलेजों के आस-पास शराब बेचने का लाइंसेंस जारी कर दिया है। ऐसे में यहां सुबह से शाम तक नशे का कारोबार चल रहा है। आबकारी नियमों में धार्मिक स्थलों व स्कूल कालेजों के पास वाले स्थानों पर शराब का लाइसेंस जारी न करने का प्रावधान है। मगर नियम बनाने वाले ही उसे तोड़ रहे हैं।
आबकारी महकमे शराब की दुकानों के आवंटन से पहले आवेदकों को महकमे के नियम व शर्तों को पूरा करना होता है। मगर महकमे ने जिले में आधा दर्जन ऐसे स्थानों पर दुकानों का आवंटन कर दिया। जहां से पास में धार्मिक स्थल और स्कूल-कॉलेज हैं। तरबगंज के आजाद नगर, बाबागंज व करनैलगंज के पाल्हापुर समेत आधा दर्जन दुुकानें अभी भी संचालित हो रही हैं। यहां आने वाले लोगों पर शराब पीने के बाद नशा जब शबाब पर होता है तो उनकी हरकतों से आस-पास के लोगों को दिक्कते झेलनी पड़ती हैं। शराब की दुकानों के पास के धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को पूजन करना में बाधा आ रही है। मगर नियमों के विरुद्ध अभी भी शराब का कारोबार पर चल रहा है।
फैक्ट फाइल-
-देशी मदिरा की कुल दुकानें-182
-अंग्रेजी मदिरा की कुल दुकानें-96
-बीयर की कुल दुकानें-58
ये हैं आवंटन का दायरा
धार्मिक स्थलों, स्कूल व कॉलेज से दूरी
-नगर पालिका क्षेत्र में 50 मीटर
-नगर पंचायत क्षेत्र में 75 मीटर
-ग्रामीण क्षेत्र में 100 मीटर
जहां की चौहद्दी वहां नहीं चलाते दुकानें
आबकारी महकमे में दुकानों के आवंटन के बाद लाइसेंसी अपनी सुविधा के हिसाब से दुकानों को चलाते हैं। आवेदन के बाद आवंटन होने के बाद महकमे में लाइसेंसी दुकानो की साइड (चौहद्दी) देते हैं। वहां से दुकानों का स्थान भी अपनी इच्छा के मुताबिक बदल देते हैं। चाहे व धार्मिक स्थल व स्कूल कालेज के समीप ही क्यों न हो। ऐसा मामला थाना खरगूपुर क्षेत्र के महराजगंज में आबकारी निरीक्षक सीता सिंह ने ग्रामीणों की शिकायत पर पकड़ा था। यहां रामनगर झिन्ना के लिए आवंटित देशी शराब की दुकान को लाइसेंसी महराजगंज में चला रहा था। हालांकि आबकारी निरीक्षक ने जांच के दौरान शिकायत सही मिलने पर दुकान महराजगंज में दुकान बंद करवा दी थी।
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नशेड़ियों के उपद्रव से नौनिहालों की पढ़ाई में बाधा
करनैलगंज क्षेत्र के पाल्हापुर में एक स्कूल के बगल में देशी शराब की दुकान का आवंटन कर दिया गया है। यहां हर रोज सुबह से ही पीने और पिलाने वालों का जमावड़ा लग जाता है। शराब से गला तर करने के बाद नशेड़ी यहां उपद्रव भी करते हैं। जिससे नौनिहालों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। इसी तरह तरबगंज मार्ग पर स्थित आजाद नगर में भी देशी शराब की दुकान से 50 मीटर की दूरी पर मंदिर व स्कूल है। बाबागंज में भी एक इंटर कॉलेज से 50 मीटर की दूरी पर बीयर की दुुकान चल रही है। हालांकि अभी तो स्कूल बंद है। मगर एक जुलाई से स्कूल खुल जाएंगे। इससे पहले स्कूलों में साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है। स्कूल खुलने के बाद यहां आने वाले नौनिहालों की पढ़ाई में शराबी बाधा बनेंगे।
पहले ये था नियम
आबकारी महकमे में वर्ष 2008 से पहले मदिरा की दुुकानों के आवंटन के लिए जो नियम बनाए गए थे। उसमें धार्मिक स्थलों, स्कूल व कालेजों के 500 मीटर के दायरे में मदिर की दुकान का लाइसेंस जारी करने पर रोक थी। इस दायरे में किसी भी अनुज्ञापी को लाइसेंस नहीं दिया जाता था। ऐसे कई लाइसेंसियों को दुकानों का स्थान भी बदलना पड़ा था।
अब बना दिया नया कानून
आबकारी महकमे में धार्मिक स्थलों, स्कूल-कॉलेजों के समीप पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाली मदिरा की दुकान के आवंटन में वर्ष 2008 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सरकार ने संशोधन करते हुए नगर पालिका, नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्र में दुकानों अलग-अलग दायरे में आवंटन करने का नियम बना दिया।
शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई
वर्ष 2008 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद से किसी भी पंजीकृत धार्मिक स्थल व स्कूल-कॉलेजों के समीप देशी, अंग्रेजी व बीयर की दुकानों के आवंटन में आबकारी नियमों का पूरी तौर से अनुपालन किया गया है। उससे पहले की आवंटित कुछ दुकानें अभी पुराने स्थलों पर चल रही हैं। अगर इसके लिए कोई शिकायत दर्ज कराता है तो उसे भी हटवा दिया जाएगा। -उमेश चंद्र पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी गोंडा।
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आबकारी महकमे शराब की दुकानों के आवंटन से पहले आवेदकों को महकमे के नियम व शर्तों को पूरा करना होता है। मगर महकमे ने जिले में आधा दर्जन ऐसे स्थानों पर दुकानों का आवंटन कर दिया। जहां से पास में धार्मिक स्थल और स्कूल-कॉलेज हैं। तरबगंज के आजाद नगर, बाबागंज व करनैलगंज के पाल्हापुर समेत आधा दर्जन दुुकानें अभी भी संचालित हो रही हैं। यहां आने वाले लोगों पर शराब पीने के बाद नशा जब शबाब पर होता है तो उनकी हरकतों से आस-पास के लोगों को दिक्कते झेलनी पड़ती हैं। शराब की दुकानों के पास के धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को पूजन करना में बाधा आ रही है। मगर नियमों के विरुद्ध अभी भी शराब का कारोबार पर चल रहा है।
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फैक्ट फाइल-
-देशी मदिरा की कुल दुकानें-182
-अंग्रेजी मदिरा की कुल दुकानें-96
-बीयर की कुल दुकानें-58
ये हैं आवंटन का दायरा
धार्मिक स्थलों, स्कूल व कॉलेज से दूरी
-नगर पालिका क्षेत्र में 50 मीटर
-नगर पंचायत क्षेत्र में 75 मीटर
-ग्रामीण क्षेत्र में 100 मीटर
जहां की चौहद्दी वहां नहीं चलाते दुकानें
आबकारी महकमे में दुकानों के आवंटन के बाद लाइसेंसी अपनी सुविधा के हिसाब से दुकानों को चलाते हैं। आवेदन के बाद आवंटन होने के बाद महकमे में लाइसेंसी दुकानो की साइड (चौहद्दी) देते हैं। वहां से दुकानों का स्थान भी अपनी इच्छा के मुताबिक बदल देते हैं। चाहे व धार्मिक स्थल व स्कूल कालेज के समीप ही क्यों न हो। ऐसा मामला थाना खरगूपुर क्षेत्र के महराजगंज में आबकारी निरीक्षक सीता सिंह ने ग्रामीणों की शिकायत पर पकड़ा था। यहां रामनगर झिन्ना के लिए आवंटित देशी शराब की दुकान को लाइसेंसी महराजगंज में चला रहा था। हालांकि आबकारी निरीक्षक ने जांच के दौरान शिकायत सही मिलने पर दुकान महराजगंज में दुकान बंद करवा दी थी।
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नशेड़ियों के उपद्रव से नौनिहालों की पढ़ाई में बाधा
करनैलगंज क्षेत्र के पाल्हापुर में एक स्कूल के बगल में देशी शराब की दुकान का आवंटन कर दिया गया है। यहां हर रोज सुबह से ही पीने और पिलाने वालों का जमावड़ा लग जाता है। शराब से गला तर करने के बाद नशेड़ी यहां उपद्रव भी करते हैं। जिससे नौनिहालों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। इसी तरह तरबगंज मार्ग पर स्थित आजाद नगर में भी देशी शराब की दुकान से 50 मीटर की दूरी पर मंदिर व स्कूल है। बाबागंज में भी एक इंटर कॉलेज से 50 मीटर की दूरी पर बीयर की दुुकान चल रही है। हालांकि अभी तो स्कूल बंद है। मगर एक जुलाई से स्कूल खुल जाएंगे। इससे पहले स्कूलों में साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है। स्कूल खुलने के बाद यहां आने वाले नौनिहालों की पढ़ाई में शराबी बाधा बनेंगे।
पहले ये था नियम
आबकारी महकमे में वर्ष 2008 से पहले मदिरा की दुुकानों के आवंटन के लिए जो नियम बनाए गए थे। उसमें धार्मिक स्थलों, स्कूल व कालेजों के 500 मीटर के दायरे में मदिर की दुकान का लाइसेंस जारी करने पर रोक थी। इस दायरे में किसी भी अनुज्ञापी को लाइसेंस नहीं दिया जाता था। ऐसे कई लाइसेंसियों को दुकानों का स्थान भी बदलना पड़ा था।
अब बना दिया नया कानून
आबकारी महकमे में धार्मिक स्थलों, स्कूल-कॉलेजों के समीप पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाली मदिरा की दुकान के आवंटन में वर्ष 2008 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सरकार ने संशोधन करते हुए नगर पालिका, नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्र में दुकानों अलग-अलग दायरे में आवंटन करने का नियम बना दिया।
शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई
वर्ष 2008 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद से किसी भी पंजीकृत धार्मिक स्थल व स्कूल-कॉलेजों के समीप देशी, अंग्रेजी व बीयर की दुकानों के आवंटन में आबकारी नियमों का पूरी तौर से अनुपालन किया गया है। उससे पहले की आवंटित कुछ दुकानें अभी पुराने स्थलों पर चल रही हैं। अगर इसके लिए कोई शिकायत दर्ज कराता है तो उसे भी हटवा दिया जाएगा। -उमेश चंद्र पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी गोंडा।