{"_id":"6245efcf91d8fc47431f9963","slug":"dm-meeting-gonda-news-lko624009039","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब प्रदर्शन वाले सीएचसी अधीक्षकों को फटकार, सात दिन में लाए सुधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब प्रदर्शन वाले सीएचसी अधीक्षकों को फटकार, सात दिन में लाए सुधार
विज्ञापन
फोटो-10 गोंडा के कलेक्ट्रेट में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक करते डीएम डॉ उज्ज्वल कुमार। -?
- फोटो : GONDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक अपने केंद्र पर ही निवास करें। जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। जिन अधीक्षकों का विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में खराब प्रदर्शन मिला है वो एक सप्ताह में सुधार कर बताएं अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह बातें गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने कही।
डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति व एनएचएम के तहत चलाए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बभनजोत, झंझरी, मुजेहना, अर्बन गोंडा तथा वजीरगंज की प्रगति खराब मिली। जननी सुरक्षा योजना के तहत भुगतान में तरबगंज, मनकापुर, बभनजोत, बेलसर, हलधरमऊ, छपिया और रूपईडीह की प्रगति खराब पाई गई। आरसीएच पोर्टल पर फीडिंग में काजीदेवर, रूपईडीह और नगर क्षेत्र फिसड्डी रहे। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में मसकनवा, काजीदेवर और सीएचसी तरबगंज की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली।
वहीं, एचआईवी स्क्रीनिंग में पंडरी कृपाल की स्थिति खराब पाई गई। डीएम ने सीएचसी अधीक्षकों को अपने केंद्रों पर ही निवास करने के सख्त निर्देश दिए। अंधता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा में आंखों की जांच कराने के लिए कैंप आयोजित कर जरूरतमंदों को नि:शुल्क चश्मा का वितरण किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ शशांक त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. आरएस केसरी, एसीएमओ डॉ. एपी सिंह, प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसके रावत, डॉ. सुषमा सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी रोहित भारती, बीएसए अखिलेश सिंह, डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति व एनएचएम के तहत चलाए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बभनजोत, झंझरी, मुजेहना, अर्बन गोंडा तथा वजीरगंज की प्रगति खराब मिली। जननी सुरक्षा योजना के तहत भुगतान में तरबगंज, मनकापुर, बभनजोत, बेलसर, हलधरमऊ, छपिया और रूपईडीह की प्रगति खराब पाई गई। आरसीएच पोर्टल पर फीडिंग में काजीदेवर, रूपईडीह और नगर क्षेत्र फिसड्डी रहे। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में मसकनवा, काजीदेवर और सीएचसी तरबगंज की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली।
विज्ञापन
वहीं, एचआईवी स्क्रीनिंग में पंडरी कृपाल की स्थिति खराब पाई गई। डीएम ने सीएचसी अधीक्षकों को अपने केंद्रों पर ही निवास करने के सख्त निर्देश दिए। अंधता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा में आंखों की जांच कराने के लिए कैंप आयोजित कर जरूरतमंदों को नि:शुल्क चश्मा का वितरण किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ शशांक त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. आरएस केसरी, एसीएमओ डॉ. एपी सिंह, प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसके रावत, डॉ. सुषमा सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी रोहित भारती, बीएसए अखिलेश सिंह, डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह आदि रहे।
विज्ञापन