फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   DM discussion on the development and law and order

डीएम ने विकास और कानून व्यवस्था पर की परिचर्चा

Thu, 09 Jun 2016 11:31 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Thu, 09 Jun 2016 11:31 PM IST
विज्ञापन
DM discussion on the development and law and order
बैठक करते डीएम - फोटो : अमर उजाला
डीएम आशुतोष निरंजन ने काफी विद कलेक्टर कार्यक्रम में बारहवें दिन विकासखंड बेलसर की ग्राम पंचायत भिखारीपुर के गणमान्य लोगों को जागरूक किया। इसमें उन्होंने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने को प्रेरित किया।
विज्ञापन


कहा कि गांव में कानून की हनन होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान रामबदल, लेखपाल पवन कुमार, पंचायत सचिव विजय बहादुर सिंह, बीट कांसटेबल दीवान सरोज, चैकीदार धरमपाल यादव, सफाईकर्मी सतीशचन्द्र दूबे, सुधीर कुमार, रोजगार सेवक कृष्ण कुमार मौर्या के साथ काफी पी।
विज्ञापन


डीएम ने ग्राम स्तरीय कर्मचारियों का आह्वान किया कि राजस्व, विकास व पुलिस विभाग आपस में बेहतर तालमेल बनाकर विकास को गति दें। इसके क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखें और आपसी सौहार्द कायम रखने में प्रशासन की मदद करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बीट सिपाही दीवान सरोज से कहा कि क्षेत्र में कानून की हनक होनी चाहिए और पुलिस का मूल कर्तव्य क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना है। निर्विवाद वरासत के संबंध में डीएम ने लेखपाल से कहा कि मृतकों के परिवारीजनों को तेरहवीं से पहले एवं निशुल्क खतौनी मुहैया कराना सुनिश्चित करें।

कृषक बीमा दुर्घटना के संबंध में उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए उनके द्वारा आदेश पारित कर दिया गया है। अब मृतकों के परिवारीजन आसानी से पोस्टमार्टम रिपोर्ट तहसीलों में एसडीएम कार्यालय से सीधे प्राप्त कर सकेंगे।


उन्होंने लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि वे कृषक बीमा दुर्घटना वाले मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें और यथाशीघ्र सहायता राशि दिलाना सुनिश्चित करें। सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के सम्बन्ध में डीएम ने लेखपाल, ग्राम प्रधान, सचिव, पुलिस व अन्य सहकर्मियों को निर्देश दिए कि वे सब एक साथ अवैध कब्जा करने वालों को मिलकर तीन दिन में कब्जा स्वत: हटाने के लिए समय दें दे। अगर कब्जा करने वाला फिर भी कब्जा न हटाए तो लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजवाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed