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अपात्रों को आवास का लाभ, भटक रहे पात्र
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 22 Jul 2015 11:23 PM IST
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गरीबों व आवास विहीन लोगों के लिए संचालित आवास योजनाओं के पात्रता चयन में खेल हो गया है। लोहिया आवास ही नहीं इंदिरा आवास के भी पात्रता चयन में कुछ गांवों में नियम कानून को ताख पर रखकर अपात्रों को चयनित कर लिया गया। इतना ही नहीं अपात्रों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त भी जारी कर दी गई। जांच में इसका खुलासा हुआ तो अधिकारियों ने अपात्र पाए गए लाभार्थियों से वसूली व संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, तमाम ग्राम पंचायतों में पात्र आवास योजना का लाभ पाने को भटक रहे हैं।
गांव के गरीबों व आवास विहीन लोगों को स्थायी पात्रता सूची में शामिल करके इंदिरा आवास योजना का लाभ दिया जाता है। ये सूची ग्राम पंचायत से ग्राम सचिव की संस्तुति पर की जाती है। इसके बाद इसकी जांच ब्लॉक स्तर से होने के बाद सूची जिला मुख्यालय भेजी जाती है। इंदिरा आवास के प्रति लाभार्थी 70 हजार रुपये दिए जाते हैं। ये धनराशि लाभार्थी को दो किस्तों में उनके खाते में भेजी जाती है। इंदिरा आवास पात्रता की सूची तैयार करते समय कई ग्राम पंचायतों में खेल कर लिया गया, जिसका खुलासा जांच में हुआ है। पता चला कि उन्हें भी योजना का लाभ दे दिया गया जिनके पास पक्के मकान और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी है। दूसरे गांव के लोगों व गैर प्रांत तक के लोगों को इंदिरा आवास देने के मामले सामने आए हैं।
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गांव के गरीबों व आवास विहीन लोगों को स्थायी पात्रता सूची में शामिल करके इंदिरा आवास योजना का लाभ दिया जाता है। ये सूची ग्राम पंचायत से ग्राम सचिव की संस्तुति पर की जाती है। इसके बाद इसकी जांच ब्लॉक स्तर से होने के बाद सूची जिला मुख्यालय भेजी जाती है। इंदिरा आवास के प्रति लाभार्थी 70 हजार रुपये दिए जाते हैं। ये धनराशि लाभार्थी को दो किस्तों में उनके खाते में भेजी जाती है। इंदिरा आवास पात्रता की सूची तैयार करते समय कई ग्राम पंचायतों में खेल कर लिया गया, जिसका खुलासा जांच में हुआ है। पता चला कि उन्हें भी योजना का लाभ दे दिया गया जिनके पास पक्के मकान और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी है। दूसरे गांव के लोगों व गैर प्रांत तक के लोगों को इंदिरा आवास देने के मामले सामने आए हैं।
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