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मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2015 11:16 PM IST
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विश्व प्रसिद्ध बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर में मलमास (अधिमास) के प्रथम सोमवार पर हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बेलपत्री अक्षत, पुष्प, गांजा, भांग, धतूरा तथा दूध से भगवान शिव का जलाभिषेक पूरे दिन चलता रहा। वहीं नगर के दुखहरन नाथ मंदिर में भी सुबह से भक्तों ने जलाभिषेक किया।
भीम द्वारा स्थापित बाबा पृथ्वीनाथ की शिवलाट पर प्रात: तीन बजे से ही भक्तों का आना-जाना शुरू हो गया। शिव भक्तों ने विश्व प्रसिद्ध शिवलाट पर जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। पूर्वजों का ऐसा मानना है कि बाबा के दरबार में जो भी भक्त सच्चे मन से जलाभिषेक व पूजन अर्चन करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है।
मेले मेें अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। जगह-जगह पर लगे मेला परिसर में कूड़ा करकट तथा गंदगी को अभी तक साफ नहीं कराया गया है। जबकि मलमास अधिमास के पांच दिन के बाद प्रथम सोमवार को लगभग हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
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वहीं गर्भगृह में शिवलाट पर शिवभक्तों के जलाभिषेक से मंदिर से प्रशासन को लाखों रुपये की आय होती है। इतनी आय के बावजूद भी प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। मेला परिसर में लगे खराब हैंडपंप, टोटियां गंदगी के प्रति प्रशासन सुस्त है। जलाभिषेक के लिए महिला व पुरुष की अलग-अलग दो पंक्तियां बनवाई गई थीं।
बाबा पृथ्वीनाथ भीम सेना अध्यक्ष आशीष त्रिपाठी अपने दर्जनों सदस्यों के साथ प्रात: 04 बजे से शिवभक्तों को जलाभिषेक कराने व मेला को शांति पूर्ण ढंग से संपन्न कराने में लगे रहे। बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी जगदम्बा प्रसाद तिवारी ने बताया कि पुलिस प्रशासन की व्यवस्था बहुत ही लचर है।
इस लचर व्यवस्था के बावजूद लगभग पचास हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शिवलाट पर जलाभिषेक किया। भारी भीड़ को देखते हुए पुजारी ने बाबा पृथ्वीनाथ भीम सेना के सदस्यों व अन्य सहयोगी दलों को मुख्य मुख्य जगह पर लगाकर शिवभक्तों को शांति पूर्ण ढंग से जलाभिषेक कराने में सहयोग लिया गया।
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भीम द्वारा स्थापित बाबा पृथ्वीनाथ की शिवलाट पर प्रात: तीन बजे से ही भक्तों का आना-जाना शुरू हो गया। शिव भक्तों ने विश्व प्रसिद्ध शिवलाट पर जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। पूर्वजों का ऐसा मानना है कि बाबा के दरबार में जो भी भक्त सच्चे मन से जलाभिषेक व पूजन अर्चन करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है।
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मेले मेें अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। जगह-जगह पर लगे मेला परिसर में कूड़ा करकट तथा गंदगी को अभी तक साफ नहीं कराया गया है। जबकि मलमास अधिमास के पांच दिन के बाद प्रथम सोमवार को लगभग हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
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वहीं गर्भगृह में शिवलाट पर शिवभक्तों के जलाभिषेक से मंदिर से प्रशासन को लाखों रुपये की आय होती है। इतनी आय के बावजूद भी प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। मेला परिसर में लगे खराब हैंडपंप, टोटियां गंदगी के प्रति प्रशासन सुस्त है। जलाभिषेक के लिए महिला व पुरुष की अलग-अलग दो पंक्तियां बनवाई गई थीं।
बाबा पृथ्वीनाथ भीम सेना अध्यक्ष आशीष त्रिपाठी अपने दर्जनों सदस्यों के साथ प्रात: 04 बजे से शिवभक्तों को जलाभिषेक कराने व मेला को शांति पूर्ण ढंग से संपन्न कराने में लगे रहे। बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी जगदम्बा प्रसाद तिवारी ने बताया कि पुलिस प्रशासन की व्यवस्था बहुत ही लचर है।
इस लचर व्यवस्था के बावजूद लगभग पचास हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शिवलाट पर जलाभिषेक किया। भारी भीड़ को देखते हुए पुजारी ने बाबा पृथ्वीनाथ भीम सेना के सदस्यों व अन्य सहयोगी दलों को मुख्य मुख्य जगह पर लगाकर शिवभक्तों को शांति पूर्ण ढंग से जलाभिषेक कराने में सहयोग लिया गया।