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डेंगू से तीन लोगों की सांसें थमीं
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 02 Nov 2016 11:27 PM IST
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Dengue
- फोटो : Amar ujala
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डेंगू के प्रकोप से 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की जान चली गई थी जबकि एमएलसी पुत्र सहित दो दर्जन लोग चपेट में आ गए हैं। करनैलगंज क्षेत्र में डेंगू ने महामारी का रूप ले लिया है। अभी तक क्षेत्र में 168 मरीजों की पुष्टि हुई थी तथा चार की मौत हो चुकी है लेकिन यह बीमार पांव पसारती ही जा रही है।
इसकी चपेट में आए नगर के मोहल्ला सदर बाजार नई बस्ती निवासी अम्मसुलनिशां पत्नी नूर मोहम्मद (40), मोहल्ला बमपुलुस परेड़ निवासी बबलू (20 वर्ष) पुत्र रामेसुर, राज (14 वर्ष) पुत्र रहीम निवासी मोहल्ला सकरौरा बुखार की हालत मंगलवार को और बिगड़ गई। इन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया जहां इलाज करते समय तीनों की मौत हो गई। इस बीमारी का दायरा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।
इसकी चपेट में सपा जिलाध्यक्ष एमएलसी महफूज खां के पुत्र मोहसिन, सकरौरा निवासी अनिल कुमार, बालपुर निवासी उमेश गुप्ता, सकरौरा ग्रामीण निवासी चन्दन कश्यप, मोहल्ला बमपुलुस निवासी जमींल, नई बाजार निवासी असलम, सल्तनत फातिमा, नूरबानों, के साथ ही अकबाल रजा कुरैशी, अली अहमद कुरैशी, कमरुलहक कुरैशी के परिवार में चार-चार सदस्यों सहित 24 लोग आ गए हैं। इनका इलाज लखनऊ में चल रहा है। इसके अलावा तमाम मरीजों का इलाज करनैलगंज के निजी चिकित्सकों के यहां से चल रहा है।
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दूसरी ओर कोतवाली में तैनात दारोगा संतोष कुमार सिंह करीब पांच दिन पूर्व तेज बुखार से पीड़ित हैं, जिन्हें गोंडा के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। उनको जांच के दौरान इंसेफ्लाइटिस मिला जिनका इलाज चल रहा है। डेंगू के प्रकोप से क्षेत्र में एक तरफ दहशत है तो निजी चिकित्सकों की चांदी है। सरकारी अस्पताल में सुविधाओं का टोटा है।
ये हैं बीमारी के लक्षण
डेंगू के लक्षण-सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीएन राय के मुताबिक अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार होना। मांस पेसियों व जोड़ों में दर्द होना। आंखों के पीछे दर्द होना जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है। जी मिचलाना एंव उल्टी होना। गम्भीर मामलों में नाक, मुंह, मसूढ़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
ऐसे करें बीमारी से बचाव
डेंगू फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। घर या आसपास पानी न जमा होने दें। कूलर-पानी की टंकी,पक्षियों के पानी पीने के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूल दान, नारियल का खोल, टूटे हूए बर्तन व टायर इत्यादि में पानी न जमा होने दें। पानी से भरे बर्तनों व टंकियों आदि को ढंक कर रखें। कूलर को खाली करके सुखा दें। यह मच्छर दिन के समय काटता है। ऐसे कपडे़ पहने जो पूरी तरह बदन को ढके। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार उतराने के लिए पैरासिटामाल ले सकते हैं। किसी भी दवा का इस्तेमाल अपने आप न करें।
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इसकी चपेट में आए नगर के मोहल्ला सदर बाजार नई बस्ती निवासी अम्मसुलनिशां पत्नी नूर मोहम्मद (40), मोहल्ला बमपुलुस परेड़ निवासी बबलू (20 वर्ष) पुत्र रामेसुर, राज (14 वर्ष) पुत्र रहीम निवासी मोहल्ला सकरौरा बुखार की हालत मंगलवार को और बिगड़ गई। इन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया जहां इलाज करते समय तीनों की मौत हो गई। इस बीमारी का दायरा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।
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इसकी चपेट में सपा जिलाध्यक्ष एमएलसी महफूज खां के पुत्र मोहसिन, सकरौरा निवासी अनिल कुमार, बालपुर निवासी उमेश गुप्ता, सकरौरा ग्रामीण निवासी चन्दन कश्यप, मोहल्ला बमपुलुस निवासी जमींल, नई बाजार निवासी असलम, सल्तनत फातिमा, नूरबानों, के साथ ही अकबाल रजा कुरैशी, अली अहमद कुरैशी, कमरुलहक कुरैशी के परिवार में चार-चार सदस्यों सहित 24 लोग आ गए हैं। इनका इलाज लखनऊ में चल रहा है। इसके अलावा तमाम मरीजों का इलाज करनैलगंज के निजी चिकित्सकों के यहां से चल रहा है।
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दूसरी ओर कोतवाली में तैनात दारोगा संतोष कुमार सिंह करीब पांच दिन पूर्व तेज बुखार से पीड़ित हैं, जिन्हें गोंडा के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। उनको जांच के दौरान इंसेफ्लाइटिस मिला जिनका इलाज चल रहा है। डेंगू के प्रकोप से क्षेत्र में एक तरफ दहशत है तो निजी चिकित्सकों की चांदी है। सरकारी अस्पताल में सुविधाओं का टोटा है।
ये हैं बीमारी के लक्षण
डेंगू के लक्षण-सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीएन राय के मुताबिक अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार होना। मांस पेसियों व जोड़ों में दर्द होना। आंखों के पीछे दर्द होना जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है। जी मिचलाना एंव उल्टी होना। गम्भीर मामलों में नाक, मुंह, मसूढ़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
ऐसे करें बीमारी से बचाव
डेंगू फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। घर या आसपास पानी न जमा होने दें। कूलर-पानी की टंकी,पक्षियों के पानी पीने के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूल दान, नारियल का खोल, टूटे हूए बर्तन व टायर इत्यादि में पानी न जमा होने दें। पानी से भरे बर्तनों व टंकियों आदि को ढंक कर रखें। कूलर को खाली करके सुखा दें। यह मच्छर दिन के समय काटता है। ऐसे कपडे़ पहने जो पूरी तरह बदन को ढके। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार उतराने के लिए पैरासिटामाल ले सकते हैं। किसी भी दवा का इस्तेमाल अपने आप न करें।