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‘कट द चेन’ प्लान से टीबी का होगा खात्मा
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गोंडा। अब ‘कट द चेन’ से जिले में टीबी की बीमारी का खात्मा किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्लान तैयार किया है। इस प्लान में विभाग की ओर से जिले में करीब 900 ऐसे बच्चों को चिह्नित किया है जिसमें कुपोषण व टीबी के लक्ष्ण पाये गये हैं।
जन सहभागिता से बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के साथ उनके सम्पूर्ण उत्थान के लिए कार्ययोजना बनायी है। जिला क्षय रोग अनुभाग की ओर से पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम में इस बार चलाये गये अभियान में करीब पौने पांच लाख मरीजों को चिह्नित किया गया है।
विभाग की ओर से टीबी मरीज खोज अभियान में पहली बार 900 नये मरीज ऐसे चिह्नित किये गये हैं जिनकी उम्र 5 से 16 वर्ष से कम है। टीबी मुक्ति के प्लान में बच्चों को हाईजिन किट देने के साथ कुपोषण दूर करने के लिए व्यवस्था की है।
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इसमें बाल विकास पुष्टाहार विभाग, जिला आपूर्ति विभाग के अलावा स्वयं सेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है। विभाग इलाज करने के साथ इस बात की भी पड़ताल करेगा कि जिस परिवार में का बच्चा कुपोषित व टीबी की बीमारी से ग्रसित है उसे पौष्टिक आहार, भर पेट खाना खाना खाने के लिए राशन मिलने की भी रिपोर्ट बनाई जाए।
वरिष्ठ पीपीएम जिला क्षय रोग विभाग डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी जानलेवा बीमारी है। पूरा इलाज कराने से मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकता है। इस बीमारी से ग्रसित 15 नये मरीज बनाता है। यदि कोई बच्चा टीबी से ग्रसित है तो उससे काफी समय तक नये रोगी बनने का खतरा रहता है।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को जल्द से जल्द टीबी से मुक्त कर उनसे फैलने वाली बीमारी को रोकने के लिए कट द चेन प्लान शुरू किया जा रहा है। बीमारी के बढ़ने का जो चेन है उसे कट करने के लिए बच्चों को चिह्नित कर उनका समय से इलाज कर उन्हें टीबी से मुक्त करना है। इसके लिए अभियान की शुरुआत होने जा रही है।
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जन सहभागिता से बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के साथ उनके सम्पूर्ण उत्थान के लिए कार्ययोजना बनायी है। जिला क्षय रोग अनुभाग की ओर से पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम में इस बार चलाये गये अभियान में करीब पौने पांच लाख मरीजों को चिह्नित किया गया है।
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विभाग की ओर से टीबी मरीज खोज अभियान में पहली बार 900 नये मरीज ऐसे चिह्नित किये गये हैं जिनकी उम्र 5 से 16 वर्ष से कम है। टीबी मुक्ति के प्लान में बच्चों को हाईजिन किट देने के साथ कुपोषण दूर करने के लिए व्यवस्था की है।
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इसमें बाल विकास पुष्टाहार विभाग, जिला आपूर्ति विभाग के अलावा स्वयं सेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है। विभाग इलाज करने के साथ इस बात की भी पड़ताल करेगा कि जिस परिवार में का बच्चा कुपोषित व टीबी की बीमारी से ग्रसित है उसे पौष्टिक आहार, भर पेट खाना खाना खाने के लिए राशन मिलने की भी रिपोर्ट बनाई जाए।
वरिष्ठ पीपीएम जिला क्षय रोग विभाग डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी जानलेवा बीमारी है। पूरा इलाज कराने से मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकता है। इस बीमारी से ग्रसित 15 नये मरीज बनाता है। यदि कोई बच्चा टीबी से ग्रसित है तो उससे काफी समय तक नये रोगी बनने का खतरा रहता है।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को जल्द से जल्द टीबी से मुक्त कर उनसे फैलने वाली बीमारी को रोकने के लिए कट द चेन प्लान शुरू किया जा रहा है। बीमारी के बढ़ने का जो चेन है उसे कट करने के लिए बच्चों को चिह्नित कर उनका समय से इलाज कर उन्हें टीबी से मुक्त करना है। इसके लिए अभियान की शुरुआत होने जा रही है।