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कैश न मिलने से भड़के ग्राहक, बौद्ध परिपथ पर लगाया जाम
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:44 PM IST
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जाम लगाते बैंक ग्राहक
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की कई बैंकों में सोमवार को कैश की समस्या बरकरार रही। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक रमईडीह में रुपये न मिलने पर भड़के ग्राहकों ने बौद्ध परिपथ पर एक घंटे जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इसके चलते मार्ग पर आवागमन ठप रहा। बैंकों में कैश न होने से ग्राहकों में आक्रोश दिखा। खाताधारकों ने जल्द कैश की समस्या दूर न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। पुलिस ने आक्रोशित ग्राहकों को समझाकर शांत कराया।
जिले में नोटबंदी के बाद से कैश की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक रमईडीह में सोमवार को सुबह बैंक के गेट पर कैश न होने की सूचना देखकर ग्राहक भड़क उठे। बैंक आए तमाम खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बैंक के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्राहक उग्र हो गए। गुस्साए खाताधारकों ने बौद्ध परिपथ पर जाम लगा कर प्रदर्शन किया, जिससे काफी देर तक आवागमन ठप रहा। धरने को संबोधित करते हुए ग्राहकों ने कहा कि नोटबंदी के 48वें दिन भी बैंकों में कैश की समस्या दूर नहीं हो सकी है।
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बैंक में पर्याप्त कैश होने के बावजूद ग्राहकों को रोज बैरंग लौटाया जा रहा है। 24 हजार रुपये तक की हर सप्ताह निर्धारित राशि तो दूर 100-200 रुपये मिलना भी बैंक से मुहाल हो गया है। मौके पर पहुंचे तुलसीपुर ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। शाखा प्रबंधक को बुलाकर ब्लॉक प्रमुख ने ग्राहकों के बीच वार्ता कराई।
शाखा प्रबंधक वाईके शर्मा ने बताया कि बैंक में मात्र दो लाख रुपये कैश है, जबकि बाहर भीड़ की संख्या बहुत ज्यादा है। ऐसे में सभी को निर्धारित राशि देना संभव नहीं हो सकता है। वहीं, ग्राहकों का आरोप है कि बैंक में पहले से ही कैश न होने का बोर्ड टांग दिया गया है। काफी समझाने के बाद ग्राहक शांत हुए। उधर, उतरौरला व तुलसीपुर के ग्रामीण बैंकों में भी कैश की कमी का आलम रहा। दिन भर ग्राहक कैश के लिए बैंकों में लाइन लगाए रहे। कैश न मिलने पर तमाम ग्राहक बैंक से मायूस लौट गए।
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जिले में नोटबंदी के बाद से कैश की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक रमईडीह में सोमवार को सुबह बैंक के गेट पर कैश न होने की सूचना देखकर ग्राहक भड़क उठे। बैंक आए तमाम खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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बैंक के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्राहक उग्र हो गए। गुस्साए खाताधारकों ने बौद्ध परिपथ पर जाम लगा कर प्रदर्शन किया, जिससे काफी देर तक आवागमन ठप रहा। धरने को संबोधित करते हुए ग्राहकों ने कहा कि नोटबंदी के 48वें दिन भी बैंकों में कैश की समस्या दूर नहीं हो सकी है।
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बैंक में पर्याप्त कैश होने के बावजूद ग्राहकों को रोज बैरंग लौटाया जा रहा है। 24 हजार रुपये तक की हर सप्ताह निर्धारित राशि तो दूर 100-200 रुपये मिलना भी बैंक से मुहाल हो गया है। मौके पर पहुंचे तुलसीपुर ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। शाखा प्रबंधक को बुलाकर ब्लॉक प्रमुख ने ग्राहकों के बीच वार्ता कराई।
शाखा प्रबंधक वाईके शर्मा ने बताया कि बैंक में मात्र दो लाख रुपये कैश है, जबकि बाहर भीड़ की संख्या बहुत ज्यादा है। ऐसे में सभी को निर्धारित राशि देना संभव नहीं हो सकता है। वहीं, ग्राहकों का आरोप है कि बैंक में पहले से ही कैश न होने का बोर्ड टांग दिया गया है। काफी समझाने के बाद ग्राहक शांत हुए। उधर, उतरौरला व तुलसीपुर के ग्रामीण बैंकों में भी कैश की कमी का आलम रहा। दिन भर ग्राहक कैश के लिए बैंकों में लाइन लगाए रहे। कैश न मिलने पर तमाम ग्राहक बैंक से मायूस लौट गए।