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Gonda News: हुनरमंद बनकर जेल से निकलेंगे अपराधी
Sat, 07 Oct 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 07 Oct 2023 11:57 PM IST
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गोंडा। अपराध की दुनिया में कदम रख चुके लोगों को हुनरमंद बनाकर बेहतर जिंदगी देने का कार्य जेल प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। विभिन्न आरोपों में जेल में निरुद्ध बंदियों का कौशल विकास किया जा रहा है। 40 महिला-पुरुषों को रोजगार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे बाहर निकलने के बाद वह सम्मानजनक तरीके से रोजी-रोटी कमा सकें।
चोरी, डकैती, हत्या आदि मामलों में जेल में बंद आरोपियों को बेहतर जीवन देने के लिए कौशल विकास किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की कौशल विकास योजना के दूसरे चरण में बंदियोें को दो बैच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डिप्टी जेलर विवेक सिंह ने बताया कि 20 महिला बंदियों को कढ़ाई-बुनाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में 20 महिलाओं को सिलाई भी सिखाई जा चुकी है। वहीं 20 पुरुष कैदियों के बैच को फर्नीचर का काम सिखा कर कुर्सी, मेज, बेड, सोफा, आलमारी आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में जेल से सजा पूरी कर छूटने के बाद वह इस हुनर से खुद का व्यवसाय कर दूसरों को भी रोजगार से जोड़ सकेंगे।
गोंडा कारागार के अधीक्षक पीके सिंह ने बताया कि बंदियों को कौशल विकास के तहत हुनरमंद बनाने के लिए अलग अलग ट्रेड से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि सजा पूरी करने के बाद इन्हें भरण पोषण के लिए परेशानी न उठानी पड़े। इस दौरान परिसर में ही आधार कार्ड बनवाने की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है।
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चोरी, डकैती, हत्या आदि मामलों में जेल में बंद आरोपियों को बेहतर जीवन देने के लिए कौशल विकास किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की कौशल विकास योजना के दूसरे चरण में बंदियोें को दो बैच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डिप्टी जेलर विवेक सिंह ने बताया कि 20 महिला बंदियों को कढ़ाई-बुनाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में 20 महिलाओं को सिलाई भी सिखाई जा चुकी है। वहीं 20 पुरुष कैदियों के बैच को फर्नीचर का काम सिखा कर कुर्सी, मेज, बेड, सोफा, आलमारी आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में जेल से सजा पूरी कर छूटने के बाद वह इस हुनर से खुद का व्यवसाय कर दूसरों को भी रोजगार से जोड़ सकेंगे।
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गोंडा कारागार के अधीक्षक पीके सिंह ने बताया कि बंदियों को कौशल विकास के तहत हुनरमंद बनाने के लिए अलग अलग ट्रेड से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि सजा पूरी करने के बाद इन्हें भरण पोषण के लिए परेशानी न उठानी पड़े। इस दौरान परिसर में ही आधार कार्ड बनवाने की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है।
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