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सगे भाइयों समेत आठ को आजीवन कारावास
Amarujala
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:16 PM IST
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बटाई के खेत के विवाद में हुई हत्या के मामले में दो सगे भाइयो समेत आठ लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ संजय कुमार शुक्ल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी अभियुक्तों को दस-दस हजार रुपये के अथदंड से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मो.शाहिद रजा ने बताया कि कोतवाली देहात क्षेत्र के माधवपुर गांव के मजरे गजाधरपुरवा के रहने वाले हरिभान दत्त ओझा ने 18 जुलाई 2015 को कोतवाली देहात में रमेशचंद्र ओझा, अनिल कुमार ओझा, छोटेलाल ओझा, राजू उर्फ अरविंद ओझा, गंगा शरण ओझा, उदयदत्त ओझा, दिलीप उर्फ ददलू, बृजेश कुमार ओझा निवासी माधवपुर गजाधरपुरवा के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि हरिभान दत्त ओझा का बेटा सुनील ओझा (35), परिवार के संदीप, रेखा व रामसभा ओझा के साथ गांव के पास खेत में काम कर रहे थे, तभी हथियारों से लैस होकर अभियुक्तों ने बटाई के खेत के विवाद में घेर लिया। रमेश चंद्र ओझा ने संदीप से असलहे से फायर कर दिया।
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अनिल कुमार ने सुनील की असलहे से गोली मारकर हत्या कर दी। गंगा सरन ने राम सभा पर असलहे से वार किया जिससे उसे चोटें आईं। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया।
अदालत ने गवाहों के बयान को सुना और पत्रावली का अवलोकन कर सुनील की हत्या में दोष सिद्ध करते हुए रमेश चंद्र ओझा, अनिलकुमार ओझा,छोटेलाल ओझा,राजू उर्फ अरविंद ओझा,गंगासरन ओझा,उदयदत्त ओझा,दिलीप उर्फ ददलू व बृजेशकुमार ओझा को आजीवन कारावास की सजा दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अर्थदंड न अदा करने पर प्रत्येक अभियुक्त को छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी। जानलेवा हमले के आरोप में प्रत्येक अभियुक्त को दस-दस साल सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता मो.शाहिद रजा ने बताया कि कोतवाली देहात क्षेत्र के माधवपुर गांव के मजरे गजाधरपुरवा के रहने वाले हरिभान दत्त ओझा ने 18 जुलाई 2015 को कोतवाली देहात में रमेशचंद्र ओझा, अनिल कुमार ओझा, छोटेलाल ओझा, राजू उर्फ अरविंद ओझा, गंगा शरण ओझा, उदयदत्त ओझा, दिलीप उर्फ ददलू, बृजेश कुमार ओझा निवासी माधवपुर गजाधरपुरवा के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें कहा था कि हरिभान दत्त ओझा का बेटा सुनील ओझा (35), परिवार के संदीप, रेखा व रामसभा ओझा के साथ गांव के पास खेत में काम कर रहे थे, तभी हथियारों से लैस होकर अभियुक्तों ने बटाई के खेत के विवाद में घेर लिया। रमेश चंद्र ओझा ने संदीप से असलहे से फायर कर दिया।
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अनिल कुमार ने सुनील की असलहे से गोली मारकर हत्या कर दी। गंगा सरन ने राम सभा पर असलहे से वार किया जिससे उसे चोटें आईं। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया।
अदालत ने गवाहों के बयान को सुना और पत्रावली का अवलोकन कर सुनील की हत्या में दोष सिद्ध करते हुए रमेश चंद्र ओझा, अनिलकुमार ओझा,छोटेलाल ओझा,राजू उर्फ अरविंद ओझा,गंगासरन ओझा,उदयदत्त ओझा,दिलीप उर्फ ददलू व बृजेशकुमार ओझा को आजीवन कारावास की सजा दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अर्थदंड न अदा करने पर प्रत्येक अभियुक्त को छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी। जानलेवा हमले के आरोप में प्रत्येक अभियुक्त को दस-दस साल सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।