फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Arrested two cyber cafe operator

दो साइबर कैफे संचालक गिरफ्तार

Thu, 12 May 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Thu, 12 May 2016 11:12 PM IST
विज्ञापन
Arrested two cyber cafe operator
गिरफ्तार संचालक - फोटो : अमर उजाला
आरपीएफ की लखनऊ से आई अपराध आसूचना विभाग की टीम ने गुरुवार को जिले में छापेमारी कर दो साइबर कैफे संचालकों को 24 फर्जी आईडी व सात एटीएम कार्डों के साथ धर दबोचा। टीम को पकड़े गए लोगों के पास से सात तत्काल टिकट भी बरामद हुए।
विज्ञापन


बताया जाता है कि दोनों साइबर कैफे संचालक फर्जी  आईडी पर यात्रियों का तत्काल रेल टिकट बनाकर उनसे टिकट की मुंहमांगी कीमत वसूलते थे। मुखबिर से मिली सूचना पर गुरुवार को टीम ने उनके साइबर कैफे पर छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन


आईआरटीसी के तहत तत्काल रेल टिकट बनाने के लिए रेलवे की ओर से हर व्यक्ति को एक आईडी पर महीने भर में छह बार टिकट बनाने का अधिकार प्राप्त होता है। लेकिन जिले के साइबर कैफों में बैठे संचालक फर्जी आईडी पर ही तमाम यात्रियों का तत्काल टिकट बनाकर उनसे मुंहमांगी कीमत वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुवार को इसका भंडाफोड़ तब हुआ, जब लखनऊ से आई आरपीएफ की अपराध आसूचना विभाग की टीम ने जिला स्तरीय आरपीएफ टीम के साथ मिलकर दो साइबर कैफों में छापेमारी की।

बहराइच रोड स्थित सीतारामपुरम व शास्त्रीनगर के दो अलग-अलग साइबर कैफों में टीम को संचालकों के पास से 24 फर्जी आईडी मिली। जिसके आधार पर दोनों साइबर कैफे  संचालक यात्रियों का तत्काल टिकट बनाकर उनसे मुंहमांगी कीमत वसूल रहे थे।

शास्त्रीनगर तोपखाना में संचालित साइबर कैफे के संचालक मोहम्मद असलम खां के पास से सीआईबी की टीम ने 19 फर्जी आईडी बरामद करते हुए पांच तत्काल टिकट भी बरामद किए हैं। वहीं बहराइच रोड पर सीतारामपुरम के साइबर कैफे संचालक अरिसूदन के पास से पांच फर्जी आईडी टीम को मिली हैं। 

आरपीएफ के अपराध आसूचना विभाग लखनऊ से आई टीम के प्रभारी निरीक्षक केके सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देश पर गुरुवार को उन्होंने दो साइबर कैफों पर छापेमारी की थी। जहां से उन्हें 24 फर्जी आईडी व पांच तत्काल रेल टिकट बरामद हुए हैं।


उन्होंने बताया कि यह लोग अपने कंप्यूटर पर साफ्टवेयर लोड कर सुबह 10 बजे से पहले यात्रियों का नाम कंप्यूटर पर फीड कर लेते थे। जैसे ही 10 बजते थे, वैसे ही इनका टिकट बनकर तैयार हो जाता था। गोंडा में इस तरह टिकट बनाने का खेल कई और साइबर कैफों में भी चल रहा ह,ै जिसका जल्द ही भंडाफोड़ किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed