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गैर इरादतन हत्या में बाप-बेटे समेत पांच लोगों को दस-दस साल की कैद
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:17 PM IST
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गैर इरादतन हत्या में बाप-बेटे समेत पांच को दस साल की कैद
गोंडा। गैर इरादत हत्या के आरोपी बाप-बेटे समेत पांच लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ संजय कुमार शुक्ल ने दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी अभियुक्तों पर पांच-पांच हजार जुर्माना भी किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद शाहिद रजा के मुताबिक कोतवाली देहात क्षेत्र के केशवजोत गांव के मजरे गुलजार पुरवा के रहने वाले रुपेश कुमार पुत्र हरि सिंह ने 06 जून 2013 को कोतवाली देहात में अपने गांव के ही रहने वाले श्रीनाथ पुत्र महादेव उसके बेटे विजय उर्फ बब्लू, अजय उर्फ विक्की, रवीन्द्र उर्फ लल्ला व संतोष पुत्र माधव निवासी वेनपुरवा कोतवाली देहात के खिलाफ बलबा, मारपीट व गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा गया कि 06 जून 2013 को श्रीनाथ अपने बेटों व साथी के साथ लाठी-डंडा सरिया लेकर उसके घर पर चढ़ आए और अभद्रता करते हुए उसकी मां कमला देवी पत्नी हरि सिंह, सूरजपाल, सुन्दरपती व दादी राजपति पत्नी रामलगन को मारपीट कर घायल कर दिया।
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दादी राजपति की इलाज के दौरान लखनऊ में 21 जून 2013 को मौत हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने गवाहों के बयान को सुनने व पत्रावली का अवलोकर करने के बाद अभियुक्त श्रीनाथ, विजय उर्फ बब्लू, अजय उर्फ विक्की, रवीन्द्र उर्फ लल्ला व संतोष को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा व पांच-पांच हजार के अर्थदंड सेे दंडित किया है।
अर्थदंड अदा न करने की दशा में प्रत्येक अभियुक्त को छह-छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
गोंडा। गैर इरादत हत्या के आरोपी बाप-बेटे समेत पांच लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ संजय कुमार शुक्ल ने दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी अभियुक्तों पर पांच-पांच हजार जुर्माना भी किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद शाहिद रजा के मुताबिक कोतवाली देहात क्षेत्र के केशवजोत गांव के मजरे गुलजार पुरवा के रहने वाले रुपेश कुमार पुत्र हरि सिंह ने 06 जून 2013 को कोतवाली देहात में अपने गांव के ही रहने वाले श्रीनाथ पुत्र महादेव उसके बेटे विजय उर्फ बब्लू, अजय उर्फ विक्की, रवीन्द्र उर्फ लल्ला व संतोष पुत्र माधव निवासी वेनपुरवा कोतवाली देहात के खिलाफ बलबा, मारपीट व गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जिसमें कहा गया कि 06 जून 2013 को श्रीनाथ अपने बेटों व साथी के साथ लाठी-डंडा सरिया लेकर उसके घर पर चढ़ आए और अभद्रता करते हुए उसकी मां कमला देवी पत्नी हरि सिंह, सूरजपाल, सुन्दरपती व दादी राजपति पत्नी रामलगन को मारपीट कर घायल कर दिया।
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दादी राजपति की इलाज के दौरान लखनऊ में 21 जून 2013 को मौत हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने गवाहों के बयान को सुनने व पत्रावली का अवलोकर करने के बाद अभियुक्त श्रीनाथ, विजय उर्फ बब्लू, अजय उर्फ विक्की, रवीन्द्र उर्फ लल्ला व संतोष को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा व पांच-पांच हजार के अर्थदंड सेे दंडित किया है।
अर्थदंड अदा न करने की दशा में प्रत्येक अभियुक्त को छह-छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।