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सात सीटर स्कूल वैन में बैठे थे 22 बच्चे
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jan 2016 11:21 PM IST
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यानि भविष्य के साथ ही उनकी जिंदगी से भी खिलवाड़ हाे रहा है। जिस सरस्वती ज्ञान विद्या मंदिर के दो मासूमों की
स्कूल वैन दुर्घटना में मौत हुई वह भी बिना मान्यता के संचालित हो रहा है। सात सीटर इस वैन में हादसे के वक्त 22 बच्चे सवार थे। ये विद्यालय बिना मान्यता के कक्षा एक से कक्षा आठ तक संचालित है।
इतना ही नहीं नियम विरुद्ध यहां करीब दो सौ से अधिक विद्यालय बिना मान्यता के संचालित हैं और इन स्कूलों में स्कूल वाहन भी बिना किसी परमिट के लगे हैं।
इसकी जानकारी होने के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन हैं। जब बुधवार को दो बच्चों की मौत हो गई तब शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। बीएसए डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि सरस्वती ज्ञान मंदिर बिना मान्यता के संचालित हो रहा है।
इसे नोटिस दिया गया था लेकिन स्कूल बंद नहीं किया। बीएसए ने बताया कि जिले के 248 विद्यालय बिना मान्यता के चल रहे हैं जिन्हें तीन बार नोटिस दिया गया लेकिन यहां राजनीतिक दखलंदाजी से स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं।
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परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी लगा प्रश्नचिह्न
गोंडा। स्कूली बच्चों से भरी मैजिक गाड़ी पलटने से हुई दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में स्कूल प्रबन्धन की लापरवाही सामने आने पर संभागीय परिवहन विभाग व पुलिस ने प्रबन्धन के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की है। जिस वैन से बच्चों की मौत हुई। उसका रजिस्ट्रेशन तो है। मगर गाड़ी का परमिट सात-एक का है।
सात सवारी व एक चालक। जबकि प्रबन्धन परिवहन नियमों का उलघंन करके गाड़ी में 22 बच्चों को बैठाकर ले जाने के लिए चालक के हवाले किया था। इससे स्कूल प्रबन्धन कटघरे में आ गया है।
भंभुवा में संचालित सरस्वती ज्ञान विद्वा मंदिर की वैन पलटने से दो बच्चों की मौत ने पुलिस प्रशासन समेत संभागीय परिवहन अधिकारियों की कार्रवाई पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। स्कूल प्रबन्धन बच्चों को जिस गाड़ी से स्कूल लाने व वापसी करने का इस्तेमाल कर रहा था, उस गाड़ी का परमिट सिर्फ सात सवारी व एक चालक के लिए विभाग से पास है।
मगर स्कूल प्रबन्धन ने गाड़ी में 22 बच्चों को बिठाकर परिहवन नियमों को उलघंन किया है। ऐसे गाड़ी संचालकों के खिलाफ न तो पहले पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही परिवहन विभाग ने। जिसका नतीजा रहा कि दो मासूम बच्चों को जान गंवानी पड़ी।
बिना मान्यता के संचालित स्कूलों व उसमें लगे वाहनों की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। यह और अन्य स्कूल बिना मान्यता के कैसे संचालित हो रहे हैं इस बारे में बीएसए से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। नियम विरुद्ध कोई भी कार्य क्षम्य नहीं है। -अजय कुमार उपाध्याय, डीएम गोंडा
अधिकांश स्कूलों की वैन का रजिस्ट्रेशन संभागीय परिवहन विभाग से जारी किया गया है। इसके लिए स्कूल प्रबन्धन को टैक्स भी देना पड़ता है। मगर कई स्कू लों के प्रबन्ध चोरी-छिपे बिना रजिस्ट्रेशन व परमिट के भी गाड़ी से बच्चों को लाते ले जाते हैं। इसके लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। हादसे में हुई बच्चों की मौत के मामले में स्कूल प्रबन्ध को नोटिस जारी करके कार्रवाई की जाएगी’ - राजीव चर्तुवेदी, उप संभागीय परिवहन अधिकारी
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स्कूल वैन दुर्घटना में मौत हुई वह भी बिना मान्यता के संचालित हो रहा है। सात सीटर इस वैन में हादसे के वक्त 22 बच्चे सवार थे। ये विद्यालय बिना मान्यता के कक्षा एक से कक्षा आठ तक संचालित है।
इतना ही नहीं नियम विरुद्ध यहां करीब दो सौ से अधिक विद्यालय बिना मान्यता के संचालित हैं और इन स्कूलों में स्कूल वाहन भी बिना किसी परमिट के लगे हैं।
इसकी जानकारी होने के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन हैं। जब बुधवार को दो बच्चों की मौत हो गई तब शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। बीएसए डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि सरस्वती ज्ञान मंदिर बिना मान्यता के संचालित हो रहा है।
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इसे नोटिस दिया गया था लेकिन स्कूल बंद नहीं किया। बीएसए ने बताया कि जिले के 248 विद्यालय बिना मान्यता के चल रहे हैं जिन्हें तीन बार नोटिस दिया गया लेकिन यहां राजनीतिक दखलंदाजी से स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं।
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परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी लगा प्रश्नचिह्न
गोंडा। स्कूली बच्चों से भरी मैजिक गाड़ी पलटने से हुई दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में स्कूल प्रबन्धन की लापरवाही सामने आने पर संभागीय परिवहन विभाग व पुलिस ने प्रबन्धन के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की है। जिस वैन से बच्चों की मौत हुई। उसका रजिस्ट्रेशन तो है। मगर गाड़ी का परमिट सात-एक का है।
सात सवारी व एक चालक। जबकि प्रबन्धन परिवहन नियमों का उलघंन करके गाड़ी में 22 बच्चों को बैठाकर ले जाने के लिए चालक के हवाले किया था। इससे स्कूल प्रबन्धन कटघरे में आ गया है।
भंभुवा में संचालित सरस्वती ज्ञान विद्वा मंदिर की वैन पलटने से दो बच्चों की मौत ने पुलिस प्रशासन समेत संभागीय परिवहन अधिकारियों की कार्रवाई पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। स्कूल प्रबन्धन बच्चों को जिस गाड़ी से स्कूल लाने व वापसी करने का इस्तेमाल कर रहा था, उस गाड़ी का परमिट सिर्फ सात सवारी व एक चालक के लिए विभाग से पास है।
मगर स्कूल प्रबन्धन ने गाड़ी में 22 बच्चों को बिठाकर परिहवन नियमों को उलघंन किया है। ऐसे गाड़ी संचालकों के खिलाफ न तो पहले पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही परिवहन विभाग ने। जिसका नतीजा रहा कि दो मासूम बच्चों को जान गंवानी पड़ी।
बिना मान्यता के संचालित स्कूलों व उसमें लगे वाहनों की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। यह और अन्य स्कूल बिना मान्यता के कैसे संचालित हो रहे हैं इस बारे में बीएसए से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। नियम विरुद्ध कोई भी कार्य क्षम्य नहीं है। -अजय कुमार उपाध्याय, डीएम गोंडा
अधिकांश स्कूलों की वैन का रजिस्ट्रेशन संभागीय परिवहन विभाग से जारी किया गया है। इसके लिए स्कूल प्रबन्धन को टैक्स भी देना पड़ता है। मगर कई स्कू लों के प्रबन्ध चोरी-छिपे बिना रजिस्ट्रेशन व परमिट के भी गाड़ी से बच्चों को लाते ले जाते हैं। इसके लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। हादसे में हुई बच्चों की मौत के मामले में स्कूल प्रबन्ध को नोटिस जारी करके कार्रवाई की जाएगी’ - राजीव चर्तुवेदी, उप संभागीय परिवहन अधिकारी