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भू-माफिया ने प्लाटिंग कर बेच दी करोड़ों की सरकारी भूमि
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करनैलगंज (गोंडा)। करनैलगंज नगर से जुड़ी ग्राम पंचायत सकरौरा में बढ़ते शहरीकरण के साथ ही प्लाटिंग का धंधा भी तेजी पकड़ने लगा है। इस धंधे से जुड़े भू माफिया सरकारी स्वामित्व में दर्ज खलिहान, बंजर, तालाब व ग्राम समाज के खाते में में दर्ज करोड़ों कीमत की सरकारी जमीन को हथिया कर प्लाटिंग बाद बेच रहे हैं। इसके चलते दो किलोमीटर के दायरे में खेती योग्य जमीन दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती। ग्राम पंचायत क्षेत्र में खलिहान, बंजर, तालाब, जलमग्न व ग्राम समाज के खाते से जुड़ी जमीनें भी नक्शे से गायब हो चुकी है।
सुनियोजित तरह से चल रहे इस खेल के तहत भू-माफिया खरीदी जाने वाले जमीन के अगल-बगल स्थित सरकारी स्वामित्व की जमीन को हथिया कर प्लाटिंग के बाद मोटे मुनाफे पर बेचने में जुटे हैं। ऐसी जमीनों को गाटा संख्या या खतौनी के आधार पर नहीं बल्कि प्लॉट संख्या के आधार पर लोगों को झांसे में लेकर मोटे दाम पर बेचा जा रहा है। लगातार मिल रहे ऐसे मामलों की शिकायत को जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने गंभीरता से लेते हुए उप जिला अधिकारी को पूरी ग्राम पंचायत में स्थित सरकारी खाते में दर्ज जमीनों की जांच का आदेश दिया है। ऐसी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सीधे पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की कार्यवाही होगी।
ग्राम सकरौरा इलाके में सरयू डिग्री कॉलेज, आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज, मत्स्य शोध संस्थान, आईटी कॉलेज के साथ-साथ कृषि महाविद्यालय स्थापित किए जाने की कार्ययोजना के चलते ही पूरा पंचायत क्षेत्र एजुकेशन हब के रूप में विकसित होने लगा है। इसके चलते ही सकरौरा में जमीन खरीदने वालों की होड़ मचने लगी है। ऐसे में खसरा खतौनी की जगह प्लाट नंबर के आधार पर जमीनों की बिक्री कर जेब भरी जा रही है। डीएम के निर्देश बाद चेते एसडीएम हीरालाल ने बताया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को पूरे ग्राम पंचायत में सरकारी जमीनों को चिन्हित करने और उस पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के साथ-साथ काबिज लोगों के खिलाफ कार्रवाई को निर्देशित किया गया है।
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सुनियोजित तरह से चल रहे इस खेल के तहत भू-माफिया खरीदी जाने वाले जमीन के अगल-बगल स्थित सरकारी स्वामित्व की जमीन को हथिया कर प्लाटिंग के बाद मोटे मुनाफे पर बेचने में जुटे हैं। ऐसी जमीनों को गाटा संख्या या खतौनी के आधार पर नहीं बल्कि प्लॉट संख्या के आधार पर लोगों को झांसे में लेकर मोटे दाम पर बेचा जा रहा है। लगातार मिल रहे ऐसे मामलों की शिकायत को जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने गंभीरता से लेते हुए उप जिला अधिकारी को पूरी ग्राम पंचायत में स्थित सरकारी खाते में दर्ज जमीनों की जांच का आदेश दिया है। ऐसी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सीधे पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की कार्यवाही होगी।
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ग्राम सकरौरा इलाके में सरयू डिग्री कॉलेज, आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज, मत्स्य शोध संस्थान, आईटी कॉलेज के साथ-साथ कृषि महाविद्यालय स्थापित किए जाने की कार्ययोजना के चलते ही पूरा पंचायत क्षेत्र एजुकेशन हब के रूप में विकसित होने लगा है। इसके चलते ही सकरौरा में जमीन खरीदने वालों की होड़ मचने लगी है। ऐसे में खसरा खतौनी की जगह प्लाट नंबर के आधार पर जमीनों की बिक्री कर जेब भरी जा रही है। डीएम के निर्देश बाद चेते एसडीएम हीरालाल ने बताया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को पूरे ग्राम पंचायत में सरकारी जमीनों को चिन्हित करने और उस पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के साथ-साथ काबिज लोगों के खिलाफ कार्रवाई को निर्देशित किया गया है।
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