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Gonda News: मुकदमे से नाम हटाने के लिए सीओ के पेशकार ने मांगे तीन लाख रुपये

Thu, 01 Aug 2024 12:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 01 Aug 2024 12:34 AM IST
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CO's peon demanded three lakh rupees to remove name from the case
दीवान दिलीप प्रजापति। स्रोत: पुलिस
शिकायत पर पेशकार निलंबित, एफआईआर दर्ज और पेशकार गिरफ्तार
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तत्कालीन सीओ सिटी भी जांच के दायरे में, एसपी ने शुरू की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। दहेज हत्या के मामले में आरोपित का नाम निकालने के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर के पेशकार दिलीप प्रजापति ने तीन लाख रुपये की रिश्वत मांग की थी। जिसकी शिकायत दहेज हत्या के मामले में आरोपित कोतवाली देहात के दुरगोड़वा गांव निवासी संतोष कुमार ने पुलिस अधीक्षक से की। बुधवार को एसपी विनीत जायसवाल ने पेशकार को निलंबित कर दिया। उनके आदेश पर नगर कोतवाली में पेशकार दिलीप के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी पेशकार को गिरफ्तार कर रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया। वहीं तत्कालीन सीओ सिटी और वर्तमान में तरबगंज के सीओ विनय कुमार सिंह के खिलाफ भी विभागीय जांच की कार्रवाई एसपी ने शुरू की है।
बलरामपुर जिले के श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के रानीजोत देवरिया निवासी कुन्ने ने 24 दिसबंर 2023 को दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। थाना कोतवाली देहात के दुरगोड़वा निवासी संतोष कुमार ने बताया कि उसके छोटे भाई पवन कुमार की पत्नी नीलू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में छोटे भाई के ससुर ने थाना कोतवाली देहात गोंडा में प्रदीप, पिंटू, अशोक, संतोष कुमार व पवन (मृतका का पति) के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मृतका के पति को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था।
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मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ सिटी विनय कुमार सिंह कर रहे थे। संतोष का कहना है कि पांचों भाई अलग-अलग रहते हैं, इसके बाद भी मुकदमे में नामजद करा दिया गया। इसी आधार पर मुकदमे से नाम निकलवाने की बात पेशकार ने की थी। घटना के दो महीने बाद सीओ नगर कार्यालय से दीवान दिलीप प्रजापति ने अपने फोन नंबर 8115766099, 8726749754 से उसके मोबाइल नंबर 8808400703 पर फोन किया। उन्होंने व्हाट्सएप पर कॉल करने को कहा। जिस पर रुपये की मांग की। बताया कि उसने बात की और व्हाट्सएप कॉल को हैंडफ्री कर दूसरे मोबाइल से वायस रिकॉर्ड कर लिया। पेशकार ने उसे कार्यालय बुलाया और तीन लाख रुपये की मांग की। इसके बाद बार-बार कॉल करके रुपये मांगने लगे। बताया कि उसने कहा कि रुपये नहीं हैं तो जमीन, गहने बेंचकर दे दो, मुकदमे से बच जाओगे। लगातार रुपये की मांग से परेशान होकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
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मुकदमे के नाम पर घूस मांगने के मामले में की कार्रवाई
दहेज हत्या के मामले में विवेचना तत्कालीन सीओ सिटी विनय कुमार सिंह कर रहे थे। पेशकार ने आरोपित से रुपये की मांग की, यह प्रकरण संज्ञान में आने तत्काल कार्रवाई की गई है। मामले में शिकायत के आधार पर एफआईआर नगर कोतवाली में दर्ज करा दी गई है। पेशकार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पेशकार को निलंबित किया जा चुका है, तत्कालीन सीओ सिटी की भी विभागीय जांच कराई जा रही है। रिश्वतखोरी के मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। -विनीत जायसवाल, पुलिस अधीक्षक
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