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घर में रहकर बुलंद हौसलों व योगाभ्यास से दी कोरोना को मात
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गोंडा। जिले में कोरोना की दूसरी लहर से सैकड़ों लोगों को संक्रमण या सांस उखड़ने की वजह से अपनी जान गवांनी पड़ी। लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने घर पर इलाज व योगाभ्यास कर कोरोना संक्रमण को हराया। जिला अस्पताल स्थित कोविड अस्पताल के मैनेजर रविकांत शुक्ल ने कोरोना संक्रमित होने के बाद घर पर रहकर योगाभ्यास, आयुर्वेदिक उपचार व नियमित दवा लेकर कोरोना को मात दी।
जिला अस्पताल स्थित कोविड अस्पताल के मैनेजर रविकांत शुक्ला कोरोना की ड्यूटी करने के दौरान 28 अप्रैल को संक्रमित हो गए थे। बताया कि पहले तो बहुत डर लगा था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
घर पर ही रहकर कोरोना को मात देने की ठान लिया। सुबह उठकर खुली हवा मेें योगाभ्यास किया। जिससे शारीरिक स्फूति के साथ ऑक्सीजन लेवल अच्छा रहता था। कोरोना संक्रमण में कमजोरी आ जाती है जिसे दूर करने के लिए पौष्टिक आहार व फलों का सेवन करना जरूरी होता है।
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डाक्टरों की ओर दी गई मेडिसिन के साथ देशी उपचार मसलन काढ़ा का सेवन, गर्म पानी के भाप का सेवन नियमित तौर पर किया। इसके अलावा वह अन्य आयुर्वेदिक औषधियां जैसे गिलोय, च्वयनप्राश का नियमित तौर से सेवन करते थे।
काफी हद तक कमजोरी दूर हुई। कोरोना को मात देने के बाद रविकांत ने अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन कर लोगों को कोरोना संक्रमण से न घबराने की सलाह दी। संवाद
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जिला अस्पताल स्थित कोविड अस्पताल के मैनेजर रविकांत शुक्ला कोरोना की ड्यूटी करने के दौरान 28 अप्रैल को संक्रमित हो गए थे। बताया कि पहले तो बहुत डर लगा था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
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घर पर ही रहकर कोरोना को मात देने की ठान लिया। सुबह उठकर खुली हवा मेें योगाभ्यास किया। जिससे शारीरिक स्फूति के साथ ऑक्सीजन लेवल अच्छा रहता था। कोरोना संक्रमण में कमजोरी आ जाती है जिसे दूर करने के लिए पौष्टिक आहार व फलों का सेवन करना जरूरी होता है।
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डाक्टरों की ओर दी गई मेडिसिन के साथ देशी उपचार मसलन काढ़ा का सेवन, गर्म पानी के भाप का सेवन नियमित तौर पर किया। इसके अलावा वह अन्य आयुर्वेदिक औषधियां जैसे गिलोय, च्वयनप्राश का नियमित तौर से सेवन करते थे।
काफी हद तक कमजोरी दूर हुई। कोरोना को मात देने के बाद रविकांत ने अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन कर लोगों को कोरोना संक्रमण से न घबराने की सलाह दी। संवाद