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Gonda News: कचरा प्रबंधन को धार देंगे कंसल्टिंग इंजीनियर
Mon, 18 Mar 2024 01:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 18 Mar 2024 01:49 AM IST
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बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में स्वच्छता की अलख जगाने के लिए अब पंचायती राज विभाग के कंसल्टिंग इंजीनियर विशेष भूमिका निभाएंगे। इसके लिए जिले के 22 कंसल्टिंग इंजीनियरों को लखनऊ स्थित पंचायती राज निदेशालय में विशेष तौर पर प्रशिक्षण दिया गया है। कंसल्टिंग इंजीनियर गांवों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले विकास कार्यों का खाका तैयार करने के साथ ही उसकी गुणवत्ता भी परखेंगे।
पंचायती राज विभाग जिले के 456 राजस्व गांवों में स्वच्छ भारत मिशन से 82 करोड़ से कार्य हो रहे हैं। इन गांवों को ओडीएफ प्लस की श्रेणी में लाने के लिए ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने का काम किया जा रहा है। गांवों में कचरा प्रबंधन के लिए खाद गड्ढा, कंपोस्ट (आरआरसी) का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में होने वाले इन विकास कार्यों की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी अब कंसल्टिंग इंजीनियरों को सौंपी गई है। उन्हें पंचायती राज निदेशालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण देकर विकास कार्यों काे कैसे धार देना है, इसकी जानकारी दी गई है।
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पंचायत सचिव पहले ही हो चुके हैं प्रशिक्षित
स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक योगेश कुमार मिश्र ने बताया कि ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए पंचायती राज विभाग के पंचायत सचिवों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिले के 196 पंचायत सचिवों को बुलंदशहर स्थित भारतीय विकास केंद्र में प्रशिक्षण दिया गया है।
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डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय के अनुसार पंचायती राज विभाग में कार्यरत 22 कंसल्टिंग इंजीनियरों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है। पहले चरण में चार इंजीनियर व दूसरे चरण में 18 इंजीनियर निदेशालय में प्रशिक्षण लेकर लौट आए हैं। अब इंजीनियर स्वच्छता संबंधित कार्य देखेंगे।
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पंचायती राज विभाग जिले के 456 राजस्व गांवों में स्वच्छ भारत मिशन से 82 करोड़ से कार्य हो रहे हैं। इन गांवों को ओडीएफ प्लस की श्रेणी में लाने के लिए ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने का काम किया जा रहा है। गांवों में कचरा प्रबंधन के लिए खाद गड्ढा, कंपोस्ट (आरआरसी) का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में होने वाले इन विकास कार्यों की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी अब कंसल्टिंग इंजीनियरों को सौंपी गई है। उन्हें पंचायती राज निदेशालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण देकर विकास कार्यों काे कैसे धार देना है, इसकी जानकारी दी गई है।
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पंचायत सचिव पहले ही हो चुके हैं प्रशिक्षित
स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक योगेश कुमार मिश्र ने बताया कि ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए पंचायती राज विभाग के पंचायत सचिवों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिले के 196 पंचायत सचिवों को बुलंदशहर स्थित भारतीय विकास केंद्र में प्रशिक्षण दिया गया है।
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डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय के अनुसार पंचायती राज विभाग में कार्यरत 22 कंसल्टिंग इंजीनियरों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है। पहले चरण में चार इंजीनियर व दूसरे चरण में 18 इंजीनियर निदेशालय में प्रशिक्षण लेकर लौट आए हैं। अब इंजीनियर स्वच्छता संबंधित कार्य देखेंगे।