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भाजपा में असंतोष के सुर हुए तेज

Sat, 29 Jan 2022 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 11:03 PM IST
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colonelganj 298 vidhan sabha 2022  colonelganj vidhan sabha 2022
गोंडा। विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से प्रत्याशियों के नाम तय होने बाद बगावत के सुर तेज हो गए हैं। कटरा बाजार और करनैलगंज में टिकट बंटवारे से असंतोष बढ़ गया है। करनैलगंज में भाजपा विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या को इस बार टिकट नहीं दिया गया, और उनके बेटे को भी तरजीह नहीं मिली। इससे बगावत का झंडा सबसे पहले उन्होंने उठाया है। अभी तय नहीं है कि वह निर्दलीय चुनावी समर में कूदेंगे या फिर किसी दल से आएंगे। फिलहाल बगावत तो पक्का हो गया है। उनके बेटे शारदेन प्रताप सिंह ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
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कटरा बाजार से विधायक बावन सिंह को टिकट दिया गया है। विधायक का टिकट बदलने की मांग स्थानीय नेता कर रहे थे। भाजपा के विनोद शुक्ल लंबे समय तक क्षेत्र में जुटे थे। कोरोना काल हो या फिर कहीं कोई और समस्या हो, हर जगह अपनी उपस्थिति बनाए हुए थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। कहा कि उनके साथ भाजपा ने धोखा किया है। कई सालों से आश्वासन के बाद टिकट न देना अपमान है। वह भी चुनाव जरूर लड़ेंगे। बताया कि वह निर्दलीय नहीं पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। माना जा रहा है कि एक राष्ट्रीय पार्टी का वह दामन थाम सकते हैं। फिलहाल उन्होंने अभी दल का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि रविवार को वह पार्टी के बारे में बताएंगे। बातचीत चल रही है। वहीं करनैलगंज के भाजपा विधायक अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या के बेटे शारदेन प्रताप सिंह ने भी कहा कि उनके संपर्क में कई दल हैं, लेकिन वह निर्दलीय ही लड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने भाजपा के फैसले पर असंतोष जताया और कहा कि उनके पिता ने भाजपा के लिए पूरा जीवन लगा दिया। जनता का समर्थन उनके साथ है, भाजपा को इसकी कीमत चुकानी होगी।
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गुस्सा बरकरार, नहीं किया इजहार
भाजपा से टिकट की लाइन में कई नेता थे, मन में गुस्सा तो सभी को है। लेकिन कुछ ने ही इजहार किया है। माना जा रहा है कि कुछ और भी हैं जो पार्टी को नुकसान कर सकते हैं। कुछ की निगाहें दूसरे दलों के टिकट पर टिकी है। सपा ने तीन सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिया है, अभी चार पर बाकी है। ऐसे में टिकट मिलने के बाद कुछ दावेदार आगे की रणनीति तय करेंगे। वहीं सपा में भी टिकट तय होने के बाद भीतर घात का अंदेशा है। भाजपा के रणनीतिकार मानते हैं कि टिकट तो एक- एक को ही मिलना था। हर दल में ऐसा ही हाल है। कोई भी विरोध नहीं करेगा। पार्टी के नेताओं की निगाहें भी टिकट मांगने वालों पर टिकी है, जिन्हें टिकट नहीं मिला है।
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कांग्रेस व बसपा के पदाधिकारी हुए सक्रिय, ताकत बढ़ना तय
भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज हुए लोगों पर कांग्रेस व बसपा की नजर है। क्षेत्र में मजबूत स्थिति वालों से एक दल के पदाधिकारी संपर्क में जुटे हैं। सपा के टिकट पर भी नजर है। बहराइच व गोंडा के सभी सीटों से प्रत्याशी तय होने के बाद घमासान होने की उम्मीद है। दूसरे जिले में एक सीट से टिकट मांग रहे एक नेता पर बसपा की नजर है। माना जा रहा है कि टिकट न मिलने पर वह शामिल हो सकते हैं। इसी तरह कांग्रेस भी मजबूत दावेदारों से संपर्क कर रही है। कई बड़े बदलाव भी दिखेंगे।
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