यूपी: सीएम योगी बोले- नकल माफिया नहीं चाहते थे कि गोंडा में बने विश्वविद्यालय, तेजी से बढ़ रही भर्ती प्रक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले गोंडा के युवाओं को नौकरी पाने में दिक्कत होती थी, लेकिन अब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है। सरकार की कोशिश है कि युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार मिले और उन्हें काम की तलाश में दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोंडा में विश्वविद्यालय की स्थापना की राह में सबसे बड़ी बाधा नकल के ठेके चलाने वाले लोग थे। उन्हें डर था कि विश्वविद्यालय बनने से उनका कारोबार बंद हो जाएगा। इसी वजह से वे यहां विश्वविद्यालय नहीं चाहते थे। सरकार ने विश्वविद्यालय देकर नकल के इस धंधे पर रोक लगाने और युवाओं का भविष्य संवारने का रास्ता खोला है। अब यहां नकल नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने का काम होगा।
सोमवार को छपिया के तेजपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय बनने से गोंडा समेत देवीपाटन मंडल के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षिक अवसर मिलेंगे और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा में महाराजा देवी बख्श सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज बन चुका है। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज संचालित है, जबकि बलरामपुर में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने गोंडा-बलरामपुर और गोंडा-अयोध्या मार्ग के चौड़ीकरण का भी उल्लेख किया। कहा कि केंद्र सरकार से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है और केंद्रीय मंत्री व सांसद कीर्तिवर्धन सिंह इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।
गोंडा की पुरानी छवि बदलने का दावा
योगी ने वर्ष 2016 के स्वच्छता सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि उस समय गोंडा देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल था। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौतों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि उस दौर में गरीबों के बच्चों की जान की परवाह नहीं की गई और जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गरीबों को राशन, रसोई गैस और आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। दीपावली से पहले गरीब परिवारों को एक मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने की भी बात कही। उन्होंने खाद्यान्न घोटाले का उल्लेख करते हुए पिछली सरकारों पर गरीबों के हक पर डाका डालने का आरोप लगाया।
16 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में गोंडा जिले के लिए 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देवीपाटन मंडल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम हुआ है। वर्ष 2023 के निवेश सम्मेलन में गोंडा को करीब तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से सैकड़ों करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पराली और बायोगैस के जरिये भी किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
योगी ने कहा कि पहले गोंडा के युवाओं को नौकरी पाने में दिक्कत होती थी, लेकिन अब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है। सरकार की कोशिश है कि युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार मिले और उन्हें काम की तलाश में दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े। उन्होंने खिलाड़ियों को पदक के आधार पर सरकारी पदों पर नियुक्ति देने और चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने की तैयारी का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर, स्वामीनारायण मंदिर छपिया और वाराही देवी मंदिर की धार्मिक विरासत का उल्लेख किया। लोगों से दीपावली पर गरीब और वंचित परिवारों के साथ खुशियां साझा करने की अपील करते हुए उन्होंने जय हिंद और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ संबोधन समाप्त किया। कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, गौरा के भाजपा विधायक प्रभात वर्मा, मनकापुर के रमापति शास्त्री, तरबगंज के प्रेमनरायन पांडेय, करनैलगंज के अजय सिंह, मेहनौन के विनय कुमार द्विवेदी आदि मौजूद रहे।