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2,092 प्राइमरी स्कूलों में डेस्क-बेंच पर बैठकर पढ़ेंगे बच्चे

Sun, 19 Jun 2022 10:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 10:39 PM IST
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Children will sit on a desk-bench in 2,092 primary schools
गोंडा। परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट जैसा बनाने की कवायद हो रही है। इसके लिए जिले के 2,611 स्कूलों को संवारने की तैयारी है। हालांकि अभी तक सिर्फ 519 स्कूलों में ही फर्नीचर की व्यवस्था है। शेष 2,092 स्कूलों में बच्चों को टाटपट्टी पर ही बैठना पड़ रहा है। प्राइमरी स्कूलों में अभी तक फर्नीचर नहीं मिल सका है। जिसकी टीस आज भी बच्चों में रहती है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत न होने के पीछे एक ये भी कारण है। ऐसे में शासन ने अब सभी स्कूलों को फर्नीचर देने की रणनीति तैयार की है।
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विद्यालयों में अगले शैक्षिक सत्र से छात्र-छात्राओं को डेस्क व बेंच पर बैठकर पढ़ाने की तैयारी है। ताकि बच्चों को टाटपट्टी पर न बैठना पड़े। इसके लिए ऑपरेशन कायाकल्प के तहत तेजी से कार्य किया जा रहा है। स्कूलों की मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं के 19 बिंदुओं में से अधिकांश कार्य अगस्त माह तक पूरेे करने का लक्ष्य है। वहीं, डेस्क व बेंच सहित पांच कार्य अगले साल मार्च माह तक पूरे करने की रणनीति बनी है। जिससे स्कूलों में बच्चों को ठीक ढंग से बैठने के लिए सुविधा मिल सके।
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प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प करने के लिए 2018 में अभियान शुरू हुआ। हर विद्यालय सुविधाओं से लैस करने के लिए पंचायतों की ओर से कार्य कराए गये। इसकी सूचना हर माह प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाती है। चार साल में मई माह तक मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई कार्य हुए भी हैं। मगर सभी प्रकार की सुविधाओं से अब तक सिर्फ 419 स्कूलों को ही जोड़ा जा सका है। स्कूलों में सबसे अहम फर्नीचर है, क्योंकि सब कुछ हो और बैठने की व्यवस्था ही नहीं रहे तो इससे स्कूल में शैक्षिक माहौल पर असर पड़ता है। अब फर्नीचर की व्यवस्था देने की रणनीति बनी है।
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विद्यालयों के अवशेष कार्य किन विभागों को कब तक पूरे कराने हैं, इसकी बाकायदा समयसारिणी तय कर दी गई है। साथ ही इसके लिए बजट का इंतजाम किन वित्तीय मदों से होना है, इसका भी निर्देश दे दिया गया है। प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सभी कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों के लिए समग्र शिक्षा, ग्राम पंचायत निधि, जिला खनिज निधि, स्मार्ट सिटी, सीएसआर सहित अन्य माध्यमों से बजट की व्यवस्था करनी है। इसमें फर्नीचर की जरूरत पूरी कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि सभी स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था पर 20 से 25 करोड़ के करीब बजट खर्च होना है।

बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह का कहना है कि स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था कराने की पहल की जा रही है। जिन स्कूलों के लिए बजट मिला है, वहां फर्नीचर है। शेष 2,092 स्कूलों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करने की तैयारी हो रही है।
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