{"_id":"59a452dc4f1c1bd7018b45d3","slug":"child-drowning-in-flood-waters","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ के पानी में डूबने से गई बच्चे की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ के पानी में डूबने से गई बच्चे की जान
गोंडा
Updated Mon, 28 Aug 2017 10:59 PM IST
विज्ञापन
गोंडा में एल्गिन-चरसड़ी बांध, जिसमें हो रही कटान।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को नवाबगंज इलाके में एक 12 वर्षीय बालक की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई, जबकि करनैलगंज क्षेत्र में एल्गिन-चरसड़ी बांध का 30 मीटर हिस्सा फिर नदी में समा गया। घाघरा के दबाव से बांध के करीब 400 मीटर हिस्से में कटान जारी है। बांध बचाने में लगे अधिकारी-कर्मचारी बेबस नजर आ रहे हैं।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के बालापुर गांव के इब्राहिम पुर गांव निवासी लक्ष्मन सिंह का 12 वर्षीय बेटा विवेक सोमवार की दोपहर बाद कहीं खेल रहा था। बाढ़ का पानी भरा होने के कारण किसी को जानकारी नहीं हो पायी। थोड़ी देर बाद उसका शव जलभराव वाले एक खेत में उतराता मिला जिसे ग्रामीणों ने निकाला।
इस घटना पर ग्राम प्रधान रिशू श्रीवास्तव ने बताया कि जलभराव होने के कारण बच्चे की मौत बाढ़ के पानी में डूबने से हुई है। इसकी सूचना एसडीएम व क्षेत्रीय लेखपाल को दे दी गई है। पुलिस को भी इत्तला कर दिया गया है।
विज्ञापन
वहीं करनैलगंज में सोमवार को हो रही कटान से करीब तीस मीटर बांध का हिस्सा नदी में कटकर समा गया और करीब चार सौ मीटर की लम्बाई में बांध में कटान चल रही है। एक तरफ घाघरा का जलस्तर घट रहा है मगर खतरे के निशान से नदी ऊपर बनी हुई है।
घाघरा की कछार में बसे गांवों में अभी भी बाढ़ के हालात बेहद खराब हैं। महज नावों के सहारे गांवों की जिन्दगी चल रही है। जिन गावों से पानी घट रहा है वहां बीमारी के फैलने का खतरा ही नहीं बढ़ा है बल्कि बीमारियों ने दस्तक भी दे दी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग भी बीमारियों से निपटने की कोशिश में लगा है।
उधर बाढ़ प्रभावित गांवों नकहरा, काशीपुर, गुमदहा, अतरसुइया, बैद्यपुर, प्रतापपुर, घरकुंइया,, रेक्सडिय़ा, टेंगनहा, मोहम्मदपुर गड़वार, भटपुरवा, दिवली, पूरे अंगद, पूरे अजब, बहुवन मदार मांझा, चन्द्रभानपुर, चन्द्रहरिया, धनावा, बसेरिया, गौरा सिंहनापुर, बिबियापुर गोंसाई, नकार, मौहर, परसावल, नैपूरा, कमियार, बेहटा, मांझा रायपुुर के करीब 400 से अधिक मजरों के हालात आज भी बदतर हैं।
विज्ञापन
नवाबगंज थाना क्षेत्र के बालापुर गांव के इब्राहिम पुर गांव निवासी लक्ष्मन सिंह का 12 वर्षीय बेटा विवेक सोमवार की दोपहर बाद कहीं खेल रहा था। बाढ़ का पानी भरा होने के कारण किसी को जानकारी नहीं हो पायी। थोड़ी देर बाद उसका शव जलभराव वाले एक खेत में उतराता मिला जिसे ग्रामीणों ने निकाला।
विज्ञापन
इस घटना पर ग्राम प्रधान रिशू श्रीवास्तव ने बताया कि जलभराव होने के कारण बच्चे की मौत बाढ़ के पानी में डूबने से हुई है। इसकी सूचना एसडीएम व क्षेत्रीय लेखपाल को दे दी गई है। पुलिस को भी इत्तला कर दिया गया है।
विज्ञापन
वहीं करनैलगंज में सोमवार को हो रही कटान से करीब तीस मीटर बांध का हिस्सा नदी में कटकर समा गया और करीब चार सौ मीटर की लम्बाई में बांध में कटान चल रही है। एक तरफ घाघरा का जलस्तर घट रहा है मगर खतरे के निशान से नदी ऊपर बनी हुई है।
घाघरा की कछार में बसे गांवों में अभी भी बाढ़ के हालात बेहद खराब हैं। महज नावों के सहारे गांवों की जिन्दगी चल रही है। जिन गावों से पानी घट रहा है वहां बीमारी के फैलने का खतरा ही नहीं बढ़ा है बल्कि बीमारियों ने दस्तक भी दे दी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग भी बीमारियों से निपटने की कोशिश में लगा है।
उधर बाढ़ प्रभावित गांवों नकहरा, काशीपुर, गुमदहा, अतरसुइया, बैद्यपुर, प्रतापपुर, घरकुंइया,, रेक्सडिय़ा, टेंगनहा, मोहम्मदपुर गड़वार, भटपुरवा, दिवली, पूरे अंगद, पूरे अजब, बहुवन मदार मांझा, चन्द्रभानपुर, चन्द्रहरिया, धनावा, बसेरिया, गौरा सिंहनापुर, बिबियापुर गोंसाई, नकार, मौहर, परसावल, नैपूरा, कमियार, बेहटा, मांझा रायपुुर के करीब 400 से अधिक मजरों के हालात आज भी बदतर हैं।