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90 हजार बच्चों को नहीं लगा कोरोनारोधी टीका
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फोटो-1 गोंडा के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यरालय पर अधिकारियों के साथ टीकाकरण की समीक्षा करते सीए?
- फोटो : GONDA
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गोंडा। कोरोना संक्रमण की चौथी लहर की आशंका के बीच बच्चों को कोरोनारोधी टीका न लगने से अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है। जिले में 12 से 14 साल की उम्र वाले 1,45,460 बच्चों को टीकाकरण के लिए चयनित किया गया। डेढ़ महीने बाद भी अभी तक 55,458 बच्चों को ही कोरोनारोधी टीका लगाया गया। जबकि 90,002 बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं।
स्वास्थ्य महकमा यूं तो तैयारी पूरी करने का दावा कर रहा है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए कोविड टीकाकरण की गति में तेजी नहीं आ रही है। जिले में 16 मार्च से 12 से 14 साल के उम्र वाले बच्चों का टीकाकरण शुरू किया गया। लेकिन करीब डेढ़ माह बाद भी 90,002 बच्चे कोरोनारोधी वैक्सीन की पहली खुराक से वंचित हैं। 16 मई तक 12 से 14 साल के बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण किए जाने का लक्ष्य दिया गया है। स्कूली छात्रों को वैक्सीन लगाने के लिए जिले के सरकारी व निजी स्कूलों में कैंप लगाया जाना है, लेकिन अभी तक हर रोज 25 से 30 स्कूलों में कैंप लगाया जा रहा है। ऐसे में इन छात्रों को वैक्सीन की पहली डोज दिए जाने में काफी वक्त लग सकता है। बच्चों को कोरोनारोधी टीका न लगने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
हर रोज करीब 250 स्कूलों में लगेगा कैंप
कोविड टीकाकरण में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रोप्लान तैयार किया है। विभाग की ओर से ग्रीष्मावकाश से पहले हर रोज कम से कम 250 सरकारी व निजी अस्पतालों में टीकाकरण शिविर आयोजित किया जाएगा। कोरोना टीकाकरण के प्रभारी नोडल अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि अभी तक मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत गांवों में नियमित टीकाकरण के लिए टीमें लगाई गई हैं जिसके कारण सभी स्कूलों में कैंप नहीं आयोजित किया जा सका।
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स्वास्थ्य महकमा यूं तो तैयारी पूरी करने का दावा कर रहा है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए कोविड टीकाकरण की गति में तेजी नहीं आ रही है। जिले में 16 मार्च से 12 से 14 साल के उम्र वाले बच्चों का टीकाकरण शुरू किया गया। लेकिन करीब डेढ़ माह बाद भी 90,002 बच्चे कोरोनारोधी वैक्सीन की पहली खुराक से वंचित हैं। 16 मई तक 12 से 14 साल के बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण किए जाने का लक्ष्य दिया गया है। स्कूली छात्रों को वैक्सीन लगाने के लिए जिले के सरकारी व निजी स्कूलों में कैंप लगाया जाना है, लेकिन अभी तक हर रोज 25 से 30 स्कूलों में कैंप लगाया जा रहा है। ऐसे में इन छात्रों को वैक्सीन की पहली डोज दिए जाने में काफी वक्त लग सकता है। बच्चों को कोरोनारोधी टीका न लगने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
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हर रोज करीब 250 स्कूलों में लगेगा कैंप
कोविड टीकाकरण में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रोप्लान तैयार किया है। विभाग की ओर से ग्रीष्मावकाश से पहले हर रोज कम से कम 250 सरकारी व निजी अस्पतालों में टीकाकरण शिविर आयोजित किया जाएगा। कोरोना टीकाकरण के प्रभारी नोडल अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि अभी तक मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत गांवों में नियमित टीकाकरण के लिए टीमें लगाई गई हैं जिसके कारण सभी स्कूलों में कैंप नहीं आयोजित किया जा सका।
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