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आठ महीने बाद बेसिक शिक्षा को मिल सके मुखिया

Tue, 26 Oct 2021 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 10:57 PM IST
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Chief can get basic education after eight months
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग को आठ महीने बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मिल सके हैं। माह फरवरी से जिले में बीएसए का पद रिक्त रहा और प्रभार से काम चल रहा था। मंगलवार को नए बीएसए जय प्रताप सिंह ने कार्यभार संभाला। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय लिया और संचालित योजनाओं के प्रगति के बारे में जानकारी किया।
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जिले में फरवरी में बीएसए के निलंबन के बाद विभाग सवालों से घिर गया था। इसके कारण बीएसए की नियुक्ति नहीं हो रही थी। पहली मार्च से सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन को प्रभार दिया गया।
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लेकिन कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में अनियमित भुगतान होने से वह भी विवादों से घिर गये। विवादों को देखते हुए उन्होंने भी प्रभार छोड़ दिया। इसके साथ ही जिले में बाराबंकी डायट की वरिष्ठ प्रवक्ता दीपिका चतुर्वेदी को 30 जून को जिले में बीएसए नियुक्त किया गया।
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लेकिन व्यक्तिगत कारणों से वह नहीं आ सकीं। बाद में अक्टूबर में रायबरेली डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता जय प्रताप सिंह को नियुक्त किया गया। पारिवारिक कारणों के चलते समय तक लंबे इंतजार के बाद सोमवार को उन्होंने कार्यभार संभाल लिया।
माना जा रहा है कि कई विवादों को दूर करके बीएसए को योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए काफी कसरत करनी होगी। इसके साथ ही बीएसए को बीते कई दिनों से प्रभार के कारण पटरी से उतर चुके विभाग को एक बार फिर दिशा देने के लिए प्रयास करना होगा।
कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में सामग्री सप्लाई में एमआरपी से अधिक भुगतान लिये जाने के मामले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मामले की जांच सीडीओ शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में बनी समिति ने की थी।
तत्कालीन बीएसए विनय मोहन वन, जिला बालिका समन्वयक रजनी श्रीवास्तव, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सुदीप पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के साथ ही फर्मों को काली सूची में डाले जाने की रिपोर्ट भेजी गई थी। बीएसए व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर से होनी है।

बालिका शिक्षा समन्वयक ने भुगतान की पत्रावली पर हस्ताक्षर ही नही किये थे। ऐसे में अब दोनो फर्मों को काली सूची में डाला गया है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने में अविनाश चंद्र मिश्र मालवीय नगर व मेसर्म सिंह कैटर्स एवं सप्लायर दर्जीकुंआ को काली सूची में डाल दिया है।
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