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Gonda News: अदालत के आदेश पर युवक की हत्या का केस दर्ज
Sun, 24 Dec 2023 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 24 Dec 2023 11:22 PM IST
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गोंडा। युवक अनिल कुमार की हत्या कर शव नदी में फेंकने के 11 माह पुराने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर कोतवाली देहात पुलिस ने तीन नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मनपुर जाट के रहने वाले बजरंग प्रसाद चौबे ने अधिवक्ता राम बालक तिवारी के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था।
इसमें बताया था कि 14 जनवरी 2023 को दोपहर दो बजे उसका 28 वर्षीय बेटा अनिल कुमार उर्फ सुटकी बालपुर बाजार घरेलू सामान लेने गया था। वह वापस नहीं लौटा।
काफी खोजबीन के बाद उसकी लाश दो फरवरी को सेवकराम पुरवा के पास टेढ़ी नदी में उतराती मिली। आगे बताया कि उसकी हत्या का राज नहीं खुल रहा था और गांव के ही विश्वनाथ चौबे, कैलाश नाथ चौबे व शिव भगवान चौबे मामले को इधर उधर घुमा रहे थे।
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जबकि वास्तविकता यह है कि पूर्व में विश्वनाथ की पत्नी से उसका प्रेम संबंध था और दो संतानें भी हुईं। इसी रंजिश को लेकर अनिल की हत्या की गई।
घटना की सूचना थाने की पुलिस और पुलिस अधीक्षक को दी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान मामले के तथ्य, साक्ष्य व परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय ने कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मनपुर जाट के रहने वाले बजरंग प्रसाद चौबे ने अधिवक्ता राम बालक तिवारी के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था।
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इसमें बताया था कि 14 जनवरी 2023 को दोपहर दो बजे उसका 28 वर्षीय बेटा अनिल कुमार उर्फ सुटकी बालपुर बाजार घरेलू सामान लेने गया था। वह वापस नहीं लौटा।
काफी खोजबीन के बाद उसकी लाश दो फरवरी को सेवकराम पुरवा के पास टेढ़ी नदी में उतराती मिली। आगे बताया कि उसकी हत्या का राज नहीं खुल रहा था और गांव के ही विश्वनाथ चौबे, कैलाश नाथ चौबे व शिव भगवान चौबे मामले को इधर उधर घुमा रहे थे।
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जबकि वास्तविकता यह है कि पूर्व में विश्वनाथ की पत्नी से उसका प्रेम संबंध था और दो संतानें भी हुईं। इसी रंजिश को लेकर अनिल की हत्या की गई।
घटना की सूचना थाने की पुलिस और पुलिस अधीक्षक को दी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान मामले के तथ्य, साक्ष्य व परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय ने कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।