{"_id":"622b9231447fc963667d0acd","slug":"bsp-gonda-news-lko6213754183","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा का खोता रहा वजूद, भरती रही भाजपा की झोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बसपा का खोता रहा वजूद, भरती रही भाजपा की झोली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। विधानसभा चुनाव में भाजपा की एकतरफा जीत में बसपा का खत्म होते जनाधार का सबसे बड़ा प्रभाव रहा है। जिले में बसपा का वोट हर विधानसभा क्षेत्र में बेहतर रहा तो सपा को मजबूती मिलती रही। साल 2017 से बसपा जब औंधे मुंह गिरने लगी तो भाजपा की झोली वोटों से भरती गई। यह सिलसिला 2022 में और भी घातक साबित हुआ। इस बार बसपा पूरी तरह शून्य हो गई, जिसका सीधा नुकसान सपा को हुआ है। परिणाम स्वरूप भाजपा की ओर बसपा का कैडर वोट शामिल हो गया, और पिछड़े मतदाता खुद को इस बहाव में नहीं रोक सके। भाजपा ने सातों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल कर रिकार्ड बरकरार रखा। बसपा कहीं भी 20 हजार मत हासिल नहीं कर सकी। भाजपा के वोटों की संख्या के करीब चाहकर भी सपा प्रत्याशी नहीं पहुंच सके। गोंडा सदर की सीट को छोड़ दें तो सभी सीटों पर भाजपा ने रिकार्ड मतों से जीत हासिल किया।
विधानसभा चुनाव-2022 का परिणाम हर दल के लिए चौंकाने वाला रहा। कई लोक लुभावने दावों को धता बताकर मतदाताओं का भाजपा की ओर झुकाव ने सपा को चारो खाने चित्त कर दिया। दरअसल भाजपा की जीत में सबसे अधिक भूमिका बसपा के कैडर मतों का रहा है, जो भाजपा की राशन और शासन से झुक गए। ऐसा तब हो सका, जब बसपा ने जिले में हथियार डाल दिया। कटरा बाजार एक मात्र सीट रही, जहां बसपा से लड़े विनोद कुमार शुक्ल ने 18218 मत हासिल किया। इन मतों से भाजपा को ही नहीं उन्होंने सपा का भी नुकसान किया। इससे कटराबाजार में भाजपा को जीत हासिल होने की राह आसान हो गई। अन्य सीटों पर बसपा वोट के लिए ही तरसती रही। बसपा ने टिकट देने में भले ही यह देखा कि किस वर्ग का अधिक मतदाता है, फिर वह वोट बटोरने में सफल न हो सकी।
हर सीट पर सपा के लिए नुकसानदेह रहे बसपा प्रत्याशी
जिले की सातों सीटों पर बसपा ने ऐसे प्रत्याशी उतारे थे, जो सीधे सपा को नुकसान कर रहे थे। कटरा बाजार में सपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा तो बसपा ने भी ब्राह्मण प्रत्याशी को ही टिकट दिया। इसी तरह तरबगंज में सपा के रामभजन चौबे थे तो बसपा ने लालजी यादव को प्रत्याशी बनाया। इसके अलावा गौरा और गोंडा में बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारा। यह अलग बात रही कि यह प्रत्याशी खुद ही ज्यादा वोट नहीं पा सके, लेकिन माहौल बिगाड़ने में उनकी भूमिका अहम रही। इससे भी सपा की मुश्किलें चुनाव के दौरान बढ़ी रही।
विज्ञापन
सपा का संगठन भी चुनाव में बना रहा मूकदर्शक
विधानसभा चुनाव में सपा पर उसका संगठन भी भारी रहा। पूरे चुनाव में संगठन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई। पदाधिकारियों को न तो जिम्मेदारी सौंपी गई और न ही संगठन ने मतदाताओं को एकजुट करने की कोई खास पहल की। स्थिति यह रही सपा का घोषणा पत्र भी बयानों तक ही सीमित रहा। संगठन की ओर से उसे नीचे स्तर तक पहुंचाने का कोई प्रयास महज दावों तक ही सीमति रहा।
साल 2017 के परिणाम से कोई नहीं रहा अंतर
विधानसभा चुनाव 2022 का परिणाम साल 2017 की तरह ही रहा। सातों सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल किया। अंतर यही रहा है कि साल 2017 में करनैलगंज से अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या भाजपा से लड़े और जीते थे। इस बार भाजपा ने उनका टिकट काटकर परसपुर के अजय कुमार सिंह को दिया था। उन्होंने धमाकेदार जीत दर्ज की है।
विधानसभावार बसपा प्रत्याशियों के मत
विधानसभा क्षेत्र - प्रत्याशी - मिले मत
गोंडा सदर - मोहम्मद जकी - 5758
गौरा - निगार फात्मा - 11016
तरबगंज - लालजी यादव - 3751
मेहनौन - शिवकुमार - 10883
करनैलगंज- रंजीत - 3764
मनकापुर- श्याम नरायन - 6579
कटरा बाजार - विनोद कुमार शुक्ल - 18218
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव-2022 का परिणाम हर दल के लिए चौंकाने वाला रहा। कई लोक लुभावने दावों को धता बताकर मतदाताओं का भाजपा की ओर झुकाव ने सपा को चारो खाने चित्त कर दिया। दरअसल भाजपा की जीत में सबसे अधिक भूमिका बसपा के कैडर मतों का रहा है, जो भाजपा की राशन और शासन से झुक गए। ऐसा तब हो सका, जब बसपा ने जिले में हथियार डाल दिया। कटरा बाजार एक मात्र सीट रही, जहां बसपा से लड़े विनोद कुमार शुक्ल ने 18218 मत हासिल किया। इन मतों से भाजपा को ही नहीं उन्होंने सपा का भी नुकसान किया। इससे कटराबाजार में भाजपा को जीत हासिल होने की राह आसान हो गई। अन्य सीटों पर बसपा वोट के लिए ही तरसती रही। बसपा ने टिकट देने में भले ही यह देखा कि किस वर्ग का अधिक मतदाता है, फिर वह वोट बटोरने में सफल न हो सकी।
विज्ञापन
हर सीट पर सपा के लिए नुकसानदेह रहे बसपा प्रत्याशी
जिले की सातों सीटों पर बसपा ने ऐसे प्रत्याशी उतारे थे, जो सीधे सपा को नुकसान कर रहे थे। कटरा बाजार में सपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा तो बसपा ने भी ब्राह्मण प्रत्याशी को ही टिकट दिया। इसी तरह तरबगंज में सपा के रामभजन चौबे थे तो बसपा ने लालजी यादव को प्रत्याशी बनाया। इसके अलावा गौरा और गोंडा में बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारा। यह अलग बात रही कि यह प्रत्याशी खुद ही ज्यादा वोट नहीं पा सके, लेकिन माहौल बिगाड़ने में उनकी भूमिका अहम रही। इससे भी सपा की मुश्किलें चुनाव के दौरान बढ़ी रही।
विज्ञापन
सपा का संगठन भी चुनाव में बना रहा मूकदर्शक
विधानसभा चुनाव में सपा पर उसका संगठन भी भारी रहा। पूरे चुनाव में संगठन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई। पदाधिकारियों को न तो जिम्मेदारी सौंपी गई और न ही संगठन ने मतदाताओं को एकजुट करने की कोई खास पहल की। स्थिति यह रही सपा का घोषणा पत्र भी बयानों तक ही सीमित रहा। संगठन की ओर से उसे नीचे स्तर तक पहुंचाने का कोई प्रयास महज दावों तक ही सीमति रहा।
साल 2017 के परिणाम से कोई नहीं रहा अंतर
विधानसभा चुनाव 2022 का परिणाम साल 2017 की तरह ही रहा। सातों सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल किया। अंतर यही रहा है कि साल 2017 में करनैलगंज से अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या भाजपा से लड़े और जीते थे। इस बार भाजपा ने उनका टिकट काटकर परसपुर के अजय कुमार सिंह को दिया था। उन्होंने धमाकेदार जीत दर्ज की है।
विधानसभावार बसपा प्रत्याशियों के मत
विधानसभा क्षेत्र - प्रत्याशी - मिले मत
गोंडा सदर - मोहम्मद जकी - 5758
गौरा - निगार फात्मा - 11016
तरबगंज - लालजी यादव - 3751
मेहनौन - शिवकुमार - 10883
करनैलगंज- रंजीत - 3764
मनकापुर- श्याम नरायन - 6579
कटरा बाजार - विनोद कुमार शुक्ल - 18218