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Gonda News: कम नामांकन पर बीएसए को प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी
Mon, 04 May 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 04 May 2026 11:25 PM IST
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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के नामांकन अभियान की सुस्त रफ्तार के चलते प्रदेश के टॉप-10 डिफाल्टर जिलों की सूची में गोंडा भी शामिल हो गया है। जिले के करीब 140 परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी नए छात्र का प्रवेश नहीं हुआ है। इस लापरवाही पर सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) राम सागर पति त्रिपाठी ने नाराजगी जताते हुए बीएसए को सख्त चेतावनी जारी की है। चेताया कि अगर मंगलवार तक जिले का नाम इस डिफाल्टर सूची से बाहर नहीं निकला तो उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
नामांकन की सुस्त रफ्तार को अमर उजाला ने दो मई को ‘ 30 दिन अभियान के बाद भी 555 स्कूलों में नामांकन शून्य’ शीर्षक से प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। इसके बाद चेते विभाग के आला अफसरों ने बच्चों के नामांकन कार्य की निगरानी का जिम्मा खुद संभाल लिया है। जिले के कुल 2609 परिषदीय विद्यालयों में पिछले वर्ष लगभग 80 हजार नए छात्रों का प्रवेश हुआ था, जबकि इस बार यह आंकड़ा 30 हजार से भी कम है। ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) देवीपाटन मंडल रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि एक माह तक चले अभियान के बावजूद कई विद्यालयों में एक भी प्रवेश न होना बेहद गंभीर स्थिति है। जिले का नाम टॉप-10 डिफाल्टर सूची में शामिल है। यदि तय समय सीमा तक सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
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नामांकन की सुस्त रफ्तार को अमर उजाला ने दो मई को ‘ 30 दिन अभियान के बाद भी 555 स्कूलों में नामांकन शून्य’ शीर्षक से प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। इसके बाद चेते विभाग के आला अफसरों ने बच्चों के नामांकन कार्य की निगरानी का जिम्मा खुद संभाल लिया है। जिले के कुल 2609 परिषदीय विद्यालयों में पिछले वर्ष लगभग 80 हजार नए छात्रों का प्रवेश हुआ था, जबकि इस बार यह आंकड़ा 30 हजार से भी कम है। ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) देवीपाटन मंडल रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि एक माह तक चले अभियान के बावजूद कई विद्यालयों में एक भी प्रवेश न होना बेहद गंभीर स्थिति है। जिले का नाम टॉप-10 डिफाल्टर सूची में शामिल है। यदि तय समय सीमा तक सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
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