फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   BSA had submitted the report to the Director of Education in March itself, no action was taken

Gonda News: मार्च में ही शिक्षा निदेशक को बीएसए ने सौंपी थी रिपोर्ट, अब तक नहीं हुई कार्रवाई

Tue, 02 Sep 2025 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Tue, 02 Sep 2025 11:40 PM IST
विज्ञापन
BSA had submitted the report to the Director of Education in March itself, no action was taken
गोंडा। जिले का बेसिक शिक्षा विभाग इन दिनों लघु माध्यमिक विद्यालयों में फर्जी नियुक्ति के फर्जीवाड़े को लेकर चर्चा में है। वहीं, एफआईआर के बाद गिरफ्तारी पर रोक के बाद मंगलवार को बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने कामकाज संभाल लिया। मामले में इसी साल 13 मार्च का एक पत्र सामने आया है। जिसमें बीएसए की ओर से अभिलेखों की जांच के बाद शिक्षा निदेशक को रिपोर्ट सौंपी गई थी। मगर लेखा विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

बीएसए की जांच रिपोर्ट के अनुसार तरबगंज के भैय्या चंद्रभान दत्त स्मारक लघु माध्यमिक विद्यालय रामपुर टेंगहरा में जिस कथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला के नाम पर भुगतान किया गया, उसके बारे में न तो बेसिक शिक्षा विभाग से विज्ञापन अनुमति दी गई और न ही अनुमोदन किया गया। डिस्पैच पंजिका में भी इस बारे में कोई बात कहीं अंकित नहीं मिली।
विज्ञापन

पटल सहायक की ओर से कहा गया कि अनामिका शुक्ला के चयन व नियुक्ति की पत्रावली प्रबंधक की ओर से बीएसए कार्यालय में कभी भी नहीं उपलब्ध कराई गई और न ही किसी बीएसए की ओर से अनुमोदन दिया गया। यह भी बताया गया कि अनामिका शुक्ला के नाम पर वेतन भुगतान को लेकर उनके पास कोई जानकारी नहीं है। बीएसए ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) को भेजे गए पत्र में दावा किया कि शिक्षिका अनामिका शुक्ला के वेतन भुगतान की कार्रवाई लेखाधिकारी कार्यालय से की गई है। हालांकि इस संबंध में रिपोर्ट मांगने पर भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। हालांकि तब मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब मामले के विवेचक शुभम दूबे ने बताया कि वादी से संपर्क किया गया है। जल्द ही बयान दर्ज करने के साथ ही जांच तेज की जाएगी। इसके बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारियों व कर्मचारियों को सता रहा कार्रवाई का डर
मामले में नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी बाबू कार्यालय में नहीं बैठ रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी इस मामले की जांच को गति नहीं दे सकी है। इसके बावजूद अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को कार्रवाई का डर सता रहा है। इतना ही नहीं, इसमें पूर्व के अफसरों की कारगुजारी भी उजागर हो सकती है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed