{"_id":"68559d4efd9c11158d073386","slug":"bodies-of-road-accident-victims-reached-village-from-madhya-pradesh-gonda-news-c-100-1-gon1003-139581-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: मध्य प्रदेश से गांव पहुंचे सड़क हादसे के मृतकों के शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: मध्य प्रदेश से गांव पहुंचे सड़क हादसे के मृतकों के शव
Fri, 20 Jun 2025 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:11 PM IST
विज्ञापन
तरबगंज (गोंडा)। मध्य प्रदेश में हुए सड़क हादसे में मृत शीशव भवानीपुरवा निवासी रमेश दूबे की पत्नी प्रमिला (35), बेटे प्रियांशु (11), बहन शिवदेवी (40) और धानेपुर के दूबेपुरवा निवासी आयुष (16) के शव शुक्रवार को घर पहुंचे तो परिजन बिलख पड़े। गांव करुण क्रंदन से गूंज उठा। परिजन बार-बार बेसुध हुए जा रहे थे। लोगों ने किसी तरह परिजनों को संभाला।
शुक्रवार को प्रमिला व प्रियांशु का शव उनके गांव, शिवदेवी का शव रतोहिया धौरहरा और आयुष का शव दूबे पुरवा पहुंचा। प्रमिला व प्रियांशु का शव साथ रखा गया। मां-बेटे के शव देखकर लोगों की आंखों से आंसू निकल रहे थे। हर कोई गम से डूब गया। रमेश बार-बार गश खाकर गिर रहे थे। विधायक प्रेम नरायन पांडेय के साथ ही जिला पंचायत सदस्य रामधोख मिश्र ने पहुंचकर परिजनों को सहारा दिया। गांव में चूल्हा तक नहीं जला। हर कोई रोता-नजर आया। दरअसल, बृहस्पतिवार सुबह चार बजे मध्य प्रदेश में पचोर रोड हाईवे पर हुए हादसे में चारों की मौत हो गई थी।
भोलानाथ दूबे व रमेश उर्फ रामबाबू सूरत में पार्सल का कारोबार करते हैं। गांव में शादी का आयोजन निपटाने के बाद दो वाहनों से 12 लोग सूरत जा रहे थे। तभी रास्ते में हादसा हो गया।
विज्ञापन
पत्नी की निशानी एक बेटा व बेटी अब जीने का सहारा
रमेश उर्फ रामबाबू के दो बेटे व एक बेटी थे। दुर्घटना में पत्नी प्रमिला व छोटे बेटे प्रियांशु की मौत हो गई। जिसके बाद अब बड़ा बेटा दीपांशु व बेटी पलक ही जीने का सहारा हैं। वहीं, दुर्घटना में मृत आयुष का एक भाई अमन व एक बहन अंशिका है। पिता भोलानाथ दूबे, मां पुष्टम व बहन अंशिका (13) घायल हैं। जिनका इलाज अब गोंडा के निजी अस्पताल में चल रहा है।
विज्ञापन
शुक्रवार को प्रमिला व प्रियांशु का शव उनके गांव, शिवदेवी का शव रतोहिया धौरहरा और आयुष का शव दूबे पुरवा पहुंचा। प्रमिला व प्रियांशु का शव साथ रखा गया। मां-बेटे के शव देखकर लोगों की आंखों से आंसू निकल रहे थे। हर कोई गम से डूब गया। रमेश बार-बार गश खाकर गिर रहे थे। विधायक प्रेम नरायन पांडेय के साथ ही जिला पंचायत सदस्य रामधोख मिश्र ने पहुंचकर परिजनों को सहारा दिया। गांव में चूल्हा तक नहीं जला। हर कोई रोता-नजर आया। दरअसल, बृहस्पतिवार सुबह चार बजे मध्य प्रदेश में पचोर रोड हाईवे पर हुए हादसे में चारों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
भोलानाथ दूबे व रमेश उर्फ रामबाबू सूरत में पार्सल का कारोबार करते हैं। गांव में शादी का आयोजन निपटाने के बाद दो वाहनों से 12 लोग सूरत जा रहे थे। तभी रास्ते में हादसा हो गया।
विज्ञापन
पत्नी की निशानी एक बेटा व बेटी अब जीने का सहारा
रमेश उर्फ रामबाबू के दो बेटे व एक बेटी थे। दुर्घटना में पत्नी प्रमिला व छोटे बेटे प्रियांशु की मौत हो गई। जिसके बाद अब बड़ा बेटा दीपांशु व बेटी पलक ही जीने का सहारा हैं। वहीं, दुर्घटना में मृत आयुष का एक भाई अमन व एक बहन अंशिका है। पिता भोलानाथ दूबे, मां पुष्टम व बहन अंशिका (13) घायल हैं। जिनका इलाज अब गोंडा के निजी अस्पताल में चल रहा है।