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Gonda News: डीएम के सत्यापन के बाद जारी होंगे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र
Sat, 13 Jul 2024 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 13 Jul 2024 11:06 PM IST
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गोंडा। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का सीआरएस (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) पोर्टल करीब एक महीने बाद अपडेट होकर अब सुचारू रूप से चलने लगा है। मगर अब पंजीकरण के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। जन्म या मृत्यु के 21 दिन बाद आवेदन करने पर प्रमाणपत्र जिलाधिकारी (जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु) के सत्यापन के बाद ही जारी होगा। वहीं, एक वर्ष के बाद आवेदन करने पर एसडीएम के निर्देश पर नामित जांच टीम की रिपोर्ट के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। नई व्यवस्था जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
अभी तक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सरकारी व निजी अस्पतालों के अलावा नगर पालिका व पंचायतों से आसानी से जारी हो जाता था। जिससे आए दिन फर्जी प्रमाणपत्र की शिकायतें आती थीं। जिसको लेकर सीआरएस पोर्टल को अपडेट किया गया है। अपडेशन के चलते करीब एक महीने से पंजीकरण प्रभावित रहा। अब पोर्टल सुचारू रूप से चलने लगा है। सीएमओ कार्यालय के सहायक शोध अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म व मृत्यु के 21 दिन के भीतर प्रमाणपत्र अवश्य जारी करवा लें। उसके बाद से जटिलताएं बढ़ जाएंगी। 21 दिन के बाद से विलंब दंड शुल्क के साथ जिलाधिकारी की ओर से नामित टीम के अप्रूवल के बाद ही प्रमाणपत्र जारी होगा। नए नियमों की जानकारी के लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को भी सीआरएस पोर्टल का यूजर आईडी व पासवर्ड दिया गया है। यहां होने वाले प्रसव अथवा मौत का पंजीकरण कर प्रमाणपत्र दिया जाता है। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने सभी निजी अस्पताल संचालकों को निर्देशित किया है कि शत-प्रतिशत जन्म-मृत्यु का पंजीकरण करना सुनिश्चित करें। पंजीकरण न करने वाले अस्पतालों से जवाब तलब किया जाएगा।
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अभी तक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सरकारी व निजी अस्पतालों के अलावा नगर पालिका व पंचायतों से आसानी से जारी हो जाता था। जिससे आए दिन फर्जी प्रमाणपत्र की शिकायतें आती थीं। जिसको लेकर सीआरएस पोर्टल को अपडेट किया गया है। अपडेशन के चलते करीब एक महीने से पंजीकरण प्रभावित रहा। अब पोर्टल सुचारू रूप से चलने लगा है। सीएमओ कार्यालय के सहायक शोध अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म व मृत्यु के 21 दिन के भीतर प्रमाणपत्र अवश्य जारी करवा लें। उसके बाद से जटिलताएं बढ़ जाएंगी। 21 दिन के बाद से विलंब दंड शुल्क के साथ जिलाधिकारी की ओर से नामित टीम के अप्रूवल के बाद ही प्रमाणपत्र जारी होगा। नए नियमों की जानकारी के लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को भी सीआरएस पोर्टल का यूजर आईडी व पासवर्ड दिया गया है। यहां होने वाले प्रसव अथवा मौत का पंजीकरण कर प्रमाणपत्र दिया जाता है। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने सभी निजी अस्पताल संचालकों को निर्देशित किया है कि शत-प्रतिशत जन्म-मृत्यु का पंजीकरण करना सुनिश्चित करें। पंजीकरण न करने वाले अस्पतालों से जवाब तलब किया जाएगा।
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